आपातकाल की याद, इसकी 45 वीं सालगिरह। आपातकाल के समय समाज और राजनीति के हवाओं का रुख कैसा था ?
आपातकाल की याद, इसकी 45 वीं सालगिरह। आपातकाल के समय समाज और राजनीति के हवाओं का रुख कैसा था ? इस समय भी जिसे अप्रत्यक्ष आपातकाल तौर पर पुकारा जा रहा है, समाज और राजनीति के हवाओं का रुख कैसा है? मीडिया और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ इस समय कैसा सलूक किया जा रहा है?लोकताँत्रिक संस्थाओं की हालत कैसी है ? इस पर अपनी राय रख रहे हैं, आपातकाल के समय जेल में रह चुके न्यूज़क्लिक के एडिटर इन चीफ़ प्रबीर पुरकायस्थ