NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इथोपियाः टिग्रे क्षेत्र में युद्ध के चलते सैकड़ों लोगों की मौत और हज़ारों ने सूडान पलायन किया
ऑब्जर्वर को डर है कि गृह युद्ध प्रधानमंत्री अबी अहमद द्वारा शुरू किए गए सुधारों के बाद हासिल हुए नागरिक अधिकारों को खो सकता है और दमनकारी राज्य की वापसी का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
पीपल्स डिस्पैच
12 Nov 2020
इथोपिया

इथोपिया के टिग्रे क्षेत्र में हवाई हमले और ज़मीनी लड़ाई के चलते सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और हज़ारों लोग पश्चिमी सीमा के ज़रिए सूडान चले गए। ये लड़ाई गुरुवार 12 नवंबर को दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है।

ये लड़ाई संघीय सरकार के सशस्त्र सैनिकों और टिग्रे क्षेत्रीय सरकार के बीच 4 नवंबर से शुरू हुआ। दोनों ने ही एक दूसरे को अवैध घोषित किया है। इस लड़ाई ने अफ्रीका के दूसरे सबसे अधिक आबादी वाले देश में गृहयुद्ध की आशंकाओं को पैदा कर दिया है। ये देश नस्लीय भेदभाव का शिकार है।

इथोपिया में आधे से अधिक सशस्त्र सैनिक टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) के नेतृत्व वाली टिग्रे क्षेत्रीय सरकार के प्रति वफादार है। ये फ्रंट 1998-2000 के दौरान अपनी उत्तरी सीमा पर इरिट्रिया के साथ युद्ध में सबसे आगे था।

टीपीएलएफ और अबी के नेतृत्व वाली सरकार के बीच बढ़ते तनाव ने पीएम के टिग्रे में आपातकाल की स्थिति घोषित करने के बाद सैन्य संघर्ष को बढ़ाया और क्षेत्रीय शक्ति से टीपीएलएफ को हटाने लिए संघीय सैनिकों को तैनात किया। उन्होंने 4 नवंबर को मेकेले शहर में टिगरियन सैनिकों पर संघीय सेना के एक अड्डे पर हमला करने का आरोप लगाया।

समर्थन कर रही मिलिशिया के साथ टिग्रे की सेनाओं की संख्या लगभग 250,000 है। पीपल्स डिस्पैच से बात करते हुए राजधानी आदिस अबाबा के पत्रकार इमैनुएल (बदला हुआ नाम) ने कहा, "लेकिन इतनी संख्या के बावजूद उनके पास हवाई शक्ति की कमी है। पूरे क्षेत्र में लक्ष्य के आधार पर संघीय सरकार हवाई हमले कर रही है।"

इमैनुएल ने कहा कि पीएम बनने के तुरंत बाद वर्ष 2018 में अबी अहमद ने शांति समझौते के लिए जो समझौता किया था उससे टीपीएलएफ नाखुश था। इस समझौते ने उन्हें 2019 में नोबेल शांति पुरस्कार दिलवाया।

इस बीच, अलसिर खालिद के अनुसार क़रीब तीन हज़ार लोग सूडान के क़ादरीफ़ प्रांत में पूर्वी सीमा के ज़रिए चले गए। खालिद कसाला में सूडान की शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख हैं। कसाला कादरीफ से उत्तर में स्थित है।

सूडानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सीमा पार करने वालों में सशस्त्र सैनिक शामिल हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये संघीय सरकार के सैनिक थे या टिग्रे क्षेत्रीय सरकार के थे।

संयुक्त राष्ट्र ने 7 नवंबर को एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो नौ मिलियन लोग विस्थापित हो सकते हैं।

Ethiopia
Sudan
Abiy Ahmed
People's Liberation Front

Related Stories

पश्चिम दारफ़ुर में नरसंहार: सूडान की मिलिटरी जुंटा का खनिज समृद्ध भूमि को जनहीन करने का अभियान

सूडान: सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ 18वें देश्वयापी आंदोलन में 2 की मौत, 172 घायल

इथियोपिया : फिर सशस्त्र संघर्ष, फिर महिलाएं सबसे आसान शिकार

नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 

अमेरिका समर्थित टीपीएलएफ़ ने इथियोपिया में जंग हारने के बाद संयुक्त राष्ट्र से सुरक्षा की गुहार लगाई

इथियोपिया में पश्चिमी हस्तक्षेप की ज़मीन तैयार करने मानवीय संकट का इस्तेमाल कर रहे हैं UN WFP और USAID

टीपीएलएफ़ के पिछले महीने की बढ़त को रोकते हुए उत्तरी इथियोपिया का गृह युद्ध संघीय सरकार के पक्ष में बदला

सूडान के बलों ने तख़्तापलट का विरोध कर रहे 100 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इथियोपिया में संघर्ष तत्काल रोकने की अपील की

पड़ताल दुनिया भर कीः गृहयुद्ध में जलता इथोपिया, बुरी अमेरिकी निगाह


बाकी खबरें

  • बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
    15 Dec 2021
    कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाते हुए कटिहार में वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत टीकाकरण के लिए मनसाही के छोटी बथना गांव गए चिकित्सा पदाधिकारी को ग्रामीणों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।
  • kisan@378
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन : पूरे 378 दिनों का ब्यौरा
    15 Dec 2021
    ‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं है, बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं, उसके बाद उन्हें एक ऐतिहासिक जीत मिली है।
  • Asha
    सरोजिनी बिष्ट
    एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान
    15 Dec 2021
    13 दिसंबर को "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन" (सम्बद्ध एक्टू) के बैनर तले विभिन्न जिलों से आईं हजारों आशा बहनों ने लखनऊ के इको गार्डेन में हुंकार भरी।
  • Uttrakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: गढ़वाल मंडल विकास निगम को राज्य सरकार से मदद की आस
    15 Dec 2021
    “गढ़वाल मंडल विकास निगम का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड राज्य में पर्यटन की सम्भावनाएँ तलाशना, रोजगार के अवसर तलाशना और पलायन को रोकना है ना कि मुनाफा कमाना”
  • अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?
    शिरीष खरे
    अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?
    15 Dec 2021
    "यह सुनिश्चित करना अति महत्त्वपूर्ण है कि हम अपने बच्चों को पढ़ाएं कि वे कैसे ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।" अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने पिछले दिनों वहां के एक मिडिल स्कूल में यह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License