NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
खेल
अंतरराष्ट्रीय
यूरो फाइनल : इंग्लैंड के पास 55 साल के ज़ख़्मों पर मरहम लगाने का मौका
फाइनल से पहले उसके हर प्रशंसक की जबां पर टीम का गीत है ‘फुटबॉल इज कमिंग होम’। उनके इस सपने को सच में बदलने के लिये इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इतालवी दीवार में सेंध लगानी होगी जो इतना आसान नहीं है ।
एपी
08 Jul 2021
यूरो फाइनल : इंग्लैंड के पास 55 साल के ज़ख़्मों पर मरहम लगाने का मौका

लंदन: फुटबॉल जैसे खूबसूरत खेल को जन्म देने का दावा करने वाला देश होने के बावजूद इंग्लैंड कभी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। हर बार, हर टूनार्मेंट में उसके उत्साही प्रशंसकों ने जरूर सुर्खियां बटोरी लेकिन टीम की नियति नहीं बदल सके। इस बार मेजबान के पास सुनहरा मौका है , पिछले 55 साल से नासूर बनते जा रहे हर जख्म पर यूरो फाइनल में जीत के साथ मरहम लगाने का।

फाइनल से पहले उसके हर प्रशंसक की जबां पर टीम का गीत है ‘फुटबॉल इज कमिंग होम’। उनके इस सपने को सच में बदलने के लिये इंग्लैंड के खिलाड़ियों को इतालवी दीवार में सेंध लगानी होगी जो इतना आसान नहीं है ।

फुटबॉल की ही तरह क्रिकेट के जनक इस देश ने दो साल पहले विश्व कप जीतकर खिताब का सूखा दूर किया। अब इंग्लैंड के खेलप्रेमियों को फुटबॉल में उसी कहानी के दोहराव का इंतजार है।

इटली और इंग्लैंड का सामना रविवार को वेम्बले स्टेडियम पर होगा। इंग्लैंड ने आखिरी बार 1966 में विश्व कप जीता था। उसका सामना ऐसी टीम से है जिसे पिछले 33 मैचों में कोई हरा नहीं सका है ।

पिछले 55 साल में इंग्लैंड ने 26 विश्व कप और यूरो चैम्पियनशिप देखी जिनमें से सात में तो वे क्वालीफाई नहीं कर सके। डेनमार्क और यूनान जैसे छोटे देश भी खिताब जीतने में कामयाब रहे लेकिन इंग्लैंड को नाकामी ही नसीब हुई ।

सेमीफाइनल में डेनमार्क को हराकर इंग्लैंड ने खिताब की ओर कदम रख दिया । कोच जेरेथ साउथगेट ने कहा ,‘‘ हमारे लिये यह शानदार पल है। इसका पूरा मजा लेना चाहिये ।’’

जर्मनी के खिलाफ यूरो 1996 सेमीफाइनल में निर्णायक पेनल्टी चूकने वाले साउथगेट कोच के तौर पर उस मलाल को मिटाना चाहते हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ यह सफर कांटों से भरा रहा लेकिन आखिर में मेहनत रंग लायेगी । हम प्रशंसकों को , जनता को और अपने देश को फख्र करने का मौका देंगे ।’’

Euro Final
England
UEFA European Championship

Related Stories

यूरो 2020: जीत को लेकर इटली में खुशी, लेकिन हार से ज़्यादा नस्लीय टिप्पणियों से शर्मसार हुआ इंग्लैंड


बाकी खबरें

  • leather industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    बंद होने की कगार पर खड़ा ताज नगरी का चमड़ा उद्योग
    10 Feb 2022
    आगरा का मशहूर चमड़ा उद्योग और उससे जुड़े कारीगर परेशान है। इनका कहना है कि सरकार इनकी तरफ ध्यान नही दे रही जिसकी वजह से पॉलिसी दर पॉलिसी इन्हें नुकसान पे नुक्सान हो रहा है।
  • Lakhimpur case
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर कांड: मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को मिली ज़मानत
    10 Feb 2022
    केंद्रीय मंत्री के बेटे की ओर से पेश वकील ने अदालत से कहा था कि उनका मुवक्किल निर्दोष है और उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने किसानों को कुचलने के लिए घटना में शामिल वाहन के चालक को उकसाया था।
  • uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : टिहरी बांध से प्रभावित गांव आज भी कर रहे हैं न्याय की प्रतीक्षा!
    10 Feb 2022
    उत्तराखंड के टिहरी ज़िले में बने टिहरी बांध के लिए ज़मीन देने वाले ग्रामीण आज भी बदले में ज़मीन मिलने की आस लगाए बैठे हैं लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
  •  Bangladesh
    पीपल्स डिस्पैच
    बांग्लादेश: सड़कों पर उतरे विश्वविद्यालयों के छात्र, पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उपजा रोष
    10 Feb 2022
    बांग्लादेश में शाहजलाल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के बाद, देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र एकजुटता की लहर दौड़ गई है। इन प्रदर्शनकारी छात्रों ने…
  • Newsletter
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वैश्विक निरक्षरता के स्थिर संकट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएँ
    10 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र ने नोट किया कि 'दुनिया भर में 150 करोड़ से अधिक छात्र और युवा कोविड-19 महामारी के कारण बंद स्कूल और विश्वविद्यालयों से प्रभावित हो रहे हैं या प्रभावित हुए हैं'; कम से कम 100 करोड़…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License