NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अगर  यूरोप ‘‘अर्थपूर्ण’’ आर्थिक लाभ देता है, तो परमाणु समझौते की ओर लौट सकते हैं : ईरान
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि यदि यूरोप ‘‘अर्थपूर्ण’’ आर्थिक लाभ मुहैया कराता है तो ईरान फिर से 2015 परमाणु समझौते की ओर वापस जा सकता है।
भाषा
15 Feb 2020
मोहम्मद जवाद जरीफ
Image Courtesy: NDTV

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि यदि यूरोप ‘‘अर्थपूर्ण’’ आर्थिक लाभ मुहैया कराता है तो ईरान फिर से 2015 परमाणु समझौते की ओर वापस जा सकता है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से पीछे हट गए थे और उन्होंने उस पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे जिसके बाद से समझौते का यूरोपीय पक्ष-ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी इसे बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अमेरिका के समझौते से पीछे हटने के बाद ईरान ने भी अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटते हुए कई कदम उठाए हैं।जरीफ ने म्युनिख सुरक्षा सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने कहा है कि वह यूरोप के कदमों के अनुरूप इन कदमों को वापस लेने या धीमा करने के लिए तैयार है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम फैसला करेंगे कि क्या यूरोप द्वारा उठाए कदम इस काबिल हैं कि हम अपने कदम पीछे खींचें या उनकी गति धीमी करें।’’

यूरोप ने अमेरिकी प्रतिबंधों का असर कम करने के लिए ईरान के साथ वैध मानवीय कारोबार को संभव बनाने के लिए ‘इन्स्टेक्स’ नाम से एक विशेष व्यापार तंत्र बनाया है, लेकिन ईरानी पक्ष को नहीं लगता कि यह पर्याप्त है।

जरीफ ने कहा, ‘‘हम चैरिटी की बात नहीं कर रहे हैं। हम ईरान के और ईरानी लोगों के आर्थिक लाभ लेने के अधिकार की बात कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण बड़ा नुकसान एवं अपूरणीय क्षति हुई है लेकिन यदि यूरोप अर्थपूर्ण कदम उठाता है तो हम अपने बढ़े हुए कदम पीछे ले सकते हैं।’’

America
IRAN
US-Iran Tension
Nuclear Energy
Economic
Donand Trump
germany
France
britain
Mohammad Javad Zarif
Nuclear Deal
Europe

Related Stories

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन ‘पार्टीगेट’ मामले को लेकर अविश्वास प्रस्ताव का करेंगे सामना

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यूक्रेन-रूस युद्ध के ख़ात्मे के लिए, क्यों आह्वान नहीं करता यूरोप?

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका


बाकी खबरें

  • ramnavami
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: विहिप की रामनवमी रैलियों के उकसावे के बाद हावड़ा और बांकुरा में तनाव
    12 Apr 2022
    हावड़ा में बहुसंख्यक मुस्लिम रिहाइश वाले इलाकों से गुजरते रामनवमी जुलूस ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और उन पर पथराव किया।
  • NOIDA
    श्याम मीरा सिंह
    देर रात डीजे बजाने को लेकर न्यूज-18 के पत्रकार और जागरण आयोजकों के बीच क्या हुआ? जानिये पूरा घटनाक्रम
    12 Apr 2022
    पत्रकार सौरभ ने आयोजकों को डीजे बंद करने के लिए कहा, लेकिन ये बात आयोजकों को इतनी नागवार गुज़री कि वे सौरभ शर्मा को मौके पर ही सबक़ सिखाने के लिए दौड़ पड़े। आयोजकों ने उन्हें पाकिस्तानी कहते हुए परिवार…
  • उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत
    12 Apr 2022
    यह अप्रैल का महीना चल रहा है। कई लोगों का कहना है कि सोमालिया के लिए जीवन या विनाश का विकल्प देने वाला महीना साबित हो सकता है। यह महीना सोमालिया और मध्य-पूर्वी अफ्रीकी देशों में बारिश शुरू होने का…
  • भाषा
    सीबीआई को आकार पटेल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मिली अनुमति
    12 Apr 2022
    केंद्र ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया’ और उसके पूर्व प्रमुख आकार पटेल के खिलाफ विदेशी चंदा विनियमन कानून (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन के मामले में मुकदमा चलाने की…
  • भाषा
    ओडिशा के क्योंझर जिले में रामनवमी रैली को लेकर झड़प के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित
    12 Apr 2022
    ओडिशा के क्योंझर जिले में एक दिन पहले राम नवमी की रैली को लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष के बाद मंगलवार को इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License