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राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूरोपीय संघ अपनी सुरक्षा नीति में अमेरिकी हस्तक्षेप कम करना चाहता है
विरोध प्रदर्शन के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने नाटो के लिए एक विकल्प का प्रस्ताव रखा है जो सुरक्षा को लेकर यूरोपीय संघ-अमेरिका के बीच दरार का संकेत देता है। प्रदर्शनकारियों ने इसे युद्धोन्मादी सम्मेलन कहा है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Feb 2020
anti-nato protest-Munich
शनिवार को म्यूनिख में 5000 लोगों ने मार्च किया।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने जर्मनी में आयोजित वार्षिक म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में यूरोपीय संघ (ईयू) के लिए अधिक स्वतंत्रता का मामला उठाया है। वे शीत युद्ध की स्थिति को लेकर आलोचनात्मक थें जिस दौरान यूरोप की परमाणु शक्ति को अमेरिका द्वारा नियंत्रित किया गया था। यह सम्मेलन 14 से 16 फरवरी के बीच तीन दिनों तक चला।

नाटो से इतर स्वतंत्र रुप से कार्रवाई करने में सक्षम बताते हुए मैक्रॉन ने यूरोपीय संघ को एक बड़े समूह के रूप में पेश किया। नाटो एक अमेरिकी नेतृत्व वाला समूह है जिसका यूरोपीय देशों की सुरक्षा पर अधिक नियंत्रण है।

इस बीच, शनिवार 15 फरवरी को युद्धोन्माद पैदा करने वाला मंच करार देते हुए हजारों लोगों ने शहर में इस सम्मेलन के खिलाफ मार्च किया। 5000 से अधिक लोग युद्ध-विरोधी, नाटो-विरोधी संगठनों द्वारा बुलाए गए इस मार्च में शामिल हुए। लोगों ने इसे यूरोपीय संघ और नाटो के युद्धोन्मादी की बैठक करार दिया है। जर्मन कम्युनिस्ट पार्टी (डीकेपी), सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स यूथ (एसडीएजे), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ ग्रीस (केकेई), तुर्की कम्युनिस्ट पार्टी (टीकेपी, आदि के कार्यकर्ता भी इस विरोध में शामिल हुए। रप्टली ने रिपोर्ट किया कि सुरक्षा बलों ने इस रैली को बलपूर्वक कुचलने की कोशिश की।

शनिवार के मार्च में शामिल कम्युनिस्ट पार्टियों सहित 'रेड ब्लॉक' ने साम्राज्यवाद, युद्ध और उड़ान को समाप्त करने का आह्वान किया है! उन्होंने जर्मन सरकार से सैन्यकरण और यूरोपीय संघ-नाटो के युद्ध गतिविधियों (सामाजिक खर्च में कटौती करके) को अपना फंडिंग रोकने के लिए कहा। रेड ब्लॉक ने अमेरिका-यूरोपीय संघ की सेनाओं द्वारा डिफेंडर यूरोप 2020 सैन्य अभ्यास के खिलाफ अपना विरोध भी जताया और रूस तथा चीन के साथ शांति का आह्वान किया।

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर एक वार्षिक सम्मेलन है जो 1963 से म्यूनिख में आयोजित किया गया है। इस वर्ष के तीन दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर के विभिन्न देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अपने चीन-विरोधी प्रचार के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया जिसे चीन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। 
साभार : पीपल्स डिस्पैच

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