NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
यूरोपीय ट्रेड यूनियनों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक संगठनों ने नाटो विरोधी प्रदर्शन का आह्वान किया
पूरे यूरोप के ट्रेड यूनियनों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक संगठनों ने युद्ध और ब्रुसेल्स में अगले नाटो शिखर सम्मेलन के ख़िलाफ़ कई कार्यक्रम किए।
पीपल्स डिस्पैच
10 Jun 2021
यूरोपीय ट्रेड यूनियनों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक संगठनों ने नाटो विरोधी प्रदर्शन का आह्वान किया

14 जून को नाटो ब्रुसेल्स स्थित अपने मुख्यालय में "सहयोगी नेताओं का शिखर सम्मेलन" आयोजित करेगा। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर के अनुसार, ये बैठक "यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच बॉन्ड के स्थायी अभिव्यक्ति के रूप में नाटो को मजबूत करने का एक अनूठा अवसर है।"

ये शिखर वार्ता "रूस की आक्रामक कार्रवाइयां, आतंकवाद के खतरे, साइबर हमले, उभरती और विघटनकारी प्रौद्योगिकियां, जलवायु परिवर्तन के सुरक्षात्मक प्रभाव और चीन के उदय" पर केंद्रित होगी। यह गठबंधन में सुधारों पर 2019 में अधिकृत नाटो 2030 इनिशिएटिव पर भी चर्चा करेगा।

कई युद्ध-विरोधी एक्टिविस्टों के लिए नाटो का ये उद्देश्य स्पष्ट है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रान्साटलांटिक साझेदारी को नवीनीकृत और मजबूत करने की रणनीति का एक हिस्सा है और कथित बाहरी दुश्मनों को लेकर बातचीत पर ध्यान केंद्रित करके संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के भारी आंतरिक और बाहरी विरोधाभासों को छिपाने के लिए है।

नाटो 2030 रिपोर्ट ने ट्रान्साटलांटिक गठबंधन की खतरनाक विस्तार योजनाओं की पुष्टि की जो अंतर्राष्ट्रीय तनाव और युद्ध के जोखिम को बढ़ाएगी।

हाल के हफ्तों में फिलिस्तीन के लोगों और नाटो और अमेरिका समर्थित इजरायल सरकार के खिलाफ सॉलिडरिटी में प्रदर्शनों ने विश्व स्तर पर लोगों में सशक्त सैन्य-विरोधी भावना को उजागर किया है।

आगामी नाटो शिखर सम्मेलन के साथ, इस क्षेत्र में प्रगतिशील संगठनों और वाम दलों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। ब्रुसेल्स में 13 और 14 जून को अंतरराष्ट्रीय शांति संगठन द्वारा नाटो काउंटर समिट की योजना बनाई जा रही है। 13 जून को एक सभा "स्टॉप नाटो 2021" की "नाटो द्वारा प्रायोजित शीत युद्ध तर्क" की निंदा करने और "सैन्य व्यय की वृद्धि" को अस्वीकार करने का प्रयास है। इसी दिन, वेबिनार "ग्लोबल नाटो: ए थ्रीट टू पीस" नाटो की आज की स्थिति को समझने के लिए जानकारी देगा। 14 जून को, दो ऑनलाइन बैठकें, "डिजॉल्यूशन ऑफ नाटो- फॉर सॉलिडरिटी, सस्टेनेबिलिटी और डिजआर्मामेंट" और "वॉयसेज फॉर पीस" इस काउंटर समिट का समापन करेगी।

(यूरोपियन सेक्रेटरिएट ऑफ द इंटरनेशनल पीपल्स असेंबली की सूचना के साथ)

European trade unions
Social organizations
Political organizations
NATO
trade unions

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

खाड़ी में पुरानी रणनीतियों की ओर लौट रहा बाइडन प्रशासन

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

रूस ने पश्चिम के आर्थिक प्रतिबंधों का दिया करारा जवाब 

मारियुपोल की जंग आख़िरी पड़ाव पर


बाकी खबरें

  • bose
    प्रबीर पुरकायस्थ
    मोदी सरकार और नेताजी को होलोग्राम में बदलना
    28 Jan 2022
    बोस की सच्ची विरासत को उनकी होलोग्राफिक छवि के साथ खत्म कर देना : बिना किसी सार और तत्व के प्रकाश तथा परछाइयों का खेल। यह लगातार मोदी सरकार की वास्तविक विरासत बनती जा रही है!
  • Taliban
    एम. के. भद्रकुमार
    पश्चिम ने तालिबान का सहयोजन किया 
    28 Jan 2022
    अफगानिस्तान में हो रही घटनाओं पर प्रतिबिंबों की श्रंखला में इस बार के लेख में इंगित  किया गया है कि कैसे पश्चिमी राजनयिकों और तालिबान अधिकारियों के एक कोर ग्रुप के बीच ओस्लो में हुए तीन दिवसीय…
  • up elections
    महेश कुमार
    यूपी चुनाव: पश्चिमी यूपी के लोग क्यों भाजपा को हराना चाहते हैं?
    28 Jan 2022
    पश्चिमी उत्तर प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और किसान आंदोलन का गढ़ है। चर्चा से तो लगता है कि लोग बदलाव चाहते हैं।
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
    28 Jan 2022
    सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
  • covid
    डॉ. ए.के. अरुण
    बजट 2022-23: कैसा होना चाहिए महामारी के दौर में स्वास्थ्य बजट
    28 Jan 2022
    कुछ अपवादों को छोड़ दें तो 85 फ़ीसद अस्पताल और उपचार केन्द्र धन के अभाव में महज़ ढाँचे के रूप में खड़े हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License