NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
स्वास्थ्य
विज्ञान
भारत
समझिए: बर्ड फ़्लू क्या है; क्या यह इंसानों को नुकसान पहुंचा सकता है?
यह बीमारी प्राथमिक तौर पर मुर्गी, बतख और टर्की जैसे पोल्ट्री जीवों को प्रभावित करती है। वायरस के कई स्ट्रेन मौजूद हैं, जिनमें से कुछ पक्षियों में हल्के लक्षण पैदा करते हैं, वहीं कुछ जानलेवा भी होते हैं।
संदीपन तालुकदार
08 Jan 2021
बर्ड फ़्लू
Image use for representational only. Image Courtesy: The Indian Express

भारत के कम से कम चार राज्यों में बर्ड फ़्लू संक्रमण के ताज़ा मामले सामने आए हैं। ताजा संक्रमण बर्ड फ़्लू वायरस के "H5N8 स्ट्रेन" की वज़ह से फैला है। ICAR के "नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनीमल डिसीज़ (NIHSAD)" ने भी इसकी पुष्टि की है।

जिन राज्यों में यह मामले आए हैं, वहां प्रवासी पक्षियों, कौवों और घरेलू बतखों की मौतें हुई हैं। केरल में सरकार ने बतखों में बर्ड फ़्लू फैलने के बाद कुक्कुट (पॉल्ट्री) को खत्म करने के आदेश दिए थे। वहीं हिमाचल में करीब 2000 पक्षियों की मौत हो जाने के बाद 21,000 पक्षियों को मारा जा चुका है।

इस प्रसार की खबर ने आम लोगों और कुक्कुट पालन से जुड़े लोगों में भय पैदा कर दिया है। भारत में 2006 के बाद से ही कई बार बर्ड फ़्लू आया है, जिसके चलते कुक्कुट पालन में लगे किसानों को काफ़ी नुकसान हो चुका है। 

बर्ड फ़्लू क्या है?

बर्ड फ़्लू या एविएन इनफ़्लूएंजा एक संक्रमण फैलाने वाली बीमारी है। यह बीमारी आमतौर पर मुर्गियों, बतखों या टुर्की जैसे कुक्कुट पालन के पक्षियों को प्रभावित करती है। इस वायरस के कई स्ट्रेन हैं, जिनमें से कुछ से पक्षियों में हल्के-फुल्के लक्षण सामने आते हैं। वहीं कुछ स्ट्रेन जानलेवा होते हैं। 

इंफ़्लूएंजा A वायरस जंगली जीवों, खासकर बतखों और कलहंस (गीज़) में स्वाभाविक तौर पर पैदा होता है। यह प्रजातियां वायरस के प्राकृतिक संरक्षणगृह के तौर पर काम कर सकती हैं। कई पक्षियों में बिना कोई लक्षण के यह वायरस मौजूद हो सकता है। यही पक्षी शरीर से गिराए जाने वाले द्रव्य से वायरस को फैला भी सकते हैं।

भारत में कौन से राज्य हुए हैं प्रभावित

भारत में चार राज्यों- राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ़्लू के मामले सामने आए हैं। राजस्थान में मुख्यत: कौवों में यह फ़्लू पाया गया है, बताया गया है कि राज्य के 33 जिलों में से 16 में बर्ड फ़्लू से मौतें हुई हैं।

मध्यप्रदेश में कौवों की बड़े स्तर पर हुई मौतों के लिए भी बर्ड फ़्लू को जिम्मेदार बताया जा रहा है। मंदसौर, इंदौर, आगर मालवा समेत कुल 10 जिलों में 400 पक्षियों की मौत की खबर है।

हिमाचल प्रदेश में प्रवासी पक्षियों, खासकर बड़ा हंस (बार हेडेड गीज़) में बर्ड फ़्लू के चलते मौतें हुई हैं। कांगड़ा जिले के पान्ग बांध में ऐसे हजारों पक्षी मृत पाए गए हैं।

केरल में कोट्टायम और अलाप्पुझा में करीब़ 1700 बतखों की मौत हुई है। राज्य सरकार ने घरेलू कुक्कुट को खत्म करने का आदेश दिया है।

क्या यह इंसानों को नुकसान पहुंचा सकता है

एविएन इंफ़्लूएंजा वायरस आसानी से इंसानों में नहीं फैलता। वायरस के दर्जन भर स्ट्रेन में से हाल में सिर्फ़ दो- H5N1 और H7N9 ने ही इंसानों को संक्रमित किया है। आमतौर पर वायरस उन इंसानों में प्रसारित होता है, जो संक्रमित पक्षियों के बेहद करीब से संपर्क में आते हैं। WHO की सलाह के मुताबिक़, "मानवों में संक्रमण प्राथमिक तौर पर संक्रमित जानवरों या संक्रमित पर्यावरण से सीधे संपर्क की वज़ह से फैलता है, इन वायरस में इंसानों से इंसानों में संक्रमण फैलाने की क्षमता नहीं होती।"

लेकिन कुछ मामलों में यह पाया गया है कि वायरस एक इंसान से दूसरे में पहुंचा। हालांकि 2015 से अब तक छुटपुट मामले ही सामने आए हैं। प्राथमिक सावधानी उन्हें बरतने की जरूरत होती है, जो कुक्टुट पालन केंद्रों में काम करते हैं और जिनके संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आने की संभावना ज्यादा होती है।

जब बर्ड फ़्लू इंसानों में संक्रमण फैलाता है, तो यह जानलेवा हो सकता है। यह पाया गया है कि "वायरस संक्रमण से इंसानों में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं, इनमें ऊपरी श्वसन नलिका में हल्के संक्रमण (बुखार और खांसी), बलगम निर्माण से गंभीर न्यूमोनिया, झटकों के साथ सेप्सिस, गंभीर रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम तक शामिल हैं। यहां तक कि इससे मौत भी हो सकती है। वायरस के उपप्रकारों पर निर्भर करते हुए लोगों में आंखो का आना (कंजंक्टिवाइटिस), जठरांत्र (ग्रैस्ट्रोइंटेस्टिनल) लक्षण, मस्तिष्क की सूजन जैसे लक्षण भी देखे गए हैं।"

H5N1 द्वारा फैलाए गए संक्रमण के मामले में 10 में से 6 इंसानों की मौत हो गई थी। 

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Explainer: What is Bird Flu; Can it Threaten Humans?

Bird Flu in India
H5N8
h5n1
Avian Influenza

Related Stories


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License