NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चरमपंथी यहूदी सेटलर गाज़ा युद्धविराम के कुछ दिनों बाद अल-अक़्सा में घुसे
एक बार फिर से नए सिरे से इजरायली दमन और हिंसा की आशंकाओं को जन्म देते हुए तीन सप्ताह में पहली बार सेटलर ने इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा संरक्षित मस्जिद परिसर पर धावा बोल दिया।
पीपल्स डिस्पैच
24 May 2021
चरमपंथी यहूदी सेटलर गाज़ा युद्धविराम के कुछ दिनों बाद अल-अक़्सा में घुसे
Image courtesy : Al Jazeera

गाजा पर अपने विनाशकारी हमले को समाप्त करने के लिए संघर्ष विराम के लिए सहमत होने के कुछ ही दिनों बाद इज़रायल एक बार फिर पुराने तरीकों पर वापस गया। चरमपंथी जेविश सेटलर के बड़े समूह अवैध रूप से 23 मई, 2021 रविवार को पूर्वी येरुशेलम के कब्जे वाले अल-अक्सा मस्जिद परिसर में घुस गए।

इजरायली पुलिस के संरक्षण में और इजरायल के विशेष बलों के साथ फिलीस्तीनी मुस्लिम को भडकाने के लिए लगभग 125 सेटलर मस्जिद परिसर में प्रवेश कर गए। इजरायली सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर सेटलर को जाने के लिए हमला किया और फिलिस्तीनियों के एरिया को खाली कराया।

सुरक्षा बलों ने अल-अक़्सा मस्जिद के गार्ड, फादी अयान और इस्लामिक वक्फ काउंसिल के सदस्य अली वज़ूज़ सहित छह फिलिस्तीनियों को भी गिरफ्तार किया।

सेटलर के प्रवेश के बाद, इजरायली सुरक्षा बलों ने फिलिस्तीनी नमाजियों पर गंभीर प्रतिबंध लगाते हुए 45 वर्ष से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति के मस्जिद में प्रवेश पर रोक लगा दी। अल-अक्सा के अंदर सेटलर का प्रवेश जॉर्डन और इज़रायल के बीच समझौतों का उल्लंघन है।

1967 में हुए समझौते में कहा गया है कि केवल मुस्लिम नमाजी को इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र स्थल अल-हरम अल-शरीफ में नमाज अदा करने की अनुमति है।

महीने की शुरुआत में, सेटलर ने मस्जिद परिसर में प्रवेश किया और इस्लामी पवित्र महीने रमजान के मध्य में अपवित्र किया जिससे प्रदर्शनकारी फिलिस्तीनी और उनके बीच झड़पें हुईं। इजरायली सुरक्षा बलों की मदद से सेटलर ने बेरहमी से विरोध करने वाले फिलिस्तीनियों का दमन किया, उन पर आंसू गैस के गोले दागे, हथगोले फेंके, गोलियां चलायी जिससे सैकड़ों फिलिस्तीनी घायल हो गए।

गाजा स्थित फिलिस्तीनी विरोध समूह हमास ने बाद में चेतावनी जारी की कि इज़रायल मस्जिद परिसर में अवैध घुसपैठ को रोके या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। चूंकि

इज़रायल ने हिंसा को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की ऐसे में हमास ने इज़रायल के अंदर रॉकेट दागे, जिसके परिणामस्वरूप इजरायल ने गाजा के अंदर अंधाधुंध और अत्यधिक हवाई हमले किए जिससे

आवासीय भवन, अस्पताल, स्कूल आदि को नुकसान पहुंचा। 11 दिनों का गाजा पर इज़रायली हमला, जो मिस्र की मध्यस्थता से युद्धविराम समझौते के बाद समाप्त हुआ, उसमें करीब 70 बच्चों सहित 248 फिलीस्तीनी मारे गए और करीब 1,800 घायल हुए। वहीं इन हमलों ने लगभग 90,000 फिलिस्तीनियों को बेघर कर दिया।

Al-Aqsa mosque
Israel
Gaza
Palestine

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • student in ukraine
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..
    06 Mar 2022
    हर हफ़्ते की कुछ चुनिंदा ख़बरों को जो रोचक भी हैं और ज़रूरी भी, लेकर आए हैं अनिल जैन..
  • George Orwell
    समीना खान
    “1984” 2022 में भी प्रासंगिक
    06 Mar 2022
    हाल ही में राजकमल प्रकाशन के लिए अभिषेक श्रीवास्तव ने बीसवीं सदी के सबसे प्रसिद्ध और प्रासंगिक उपन्यास ‘1984’ का अनुवाद किया, जो अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद 1949 में…
  • Jai Prakash Chouksey
    मृगेंद्र सिंह
    स्मृति शेष : चौकसे साहब के निधन से एक धारदार और आकर्षक लेखनी पर पर्दा गिर गया
    06 Mar 2022
    जय प्रकाश चौकसे की याद में एक प्रशंसक पाठक का संस्मरण।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पूर्वांचल: मुकाबला किसानों-युवाओं की नाराज़गी और सत्ताधारियों के चुनावी प्रबंधन में
    05 Mar 2022
    सात चरणों में विभाजित यूपी के विधानसभाई चुनाव के आखिरी चरण में 7 मार्च को 54 सीटों पर मतदान होगा. किसान और नौजवान सत्ताधारियो से बेहद नाराज़ है. इसके जवाब में सत्ताधारियो का चुनाव प्रबंधन भी बेजोड़…
  • Padtal Duniya Bhar Ki
    न्यूज़क्लिक टीम
    पड़ताल दुनिया भर कीः यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र जापोरिजया पर रूसी, आख़िर इरादा क्या है
    05 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने रूस के यूक्रेन पर हमले के 10वें दिन, यूक्रेन के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र पर कब्जे किये जाने के पीछे, रूसी इरादों के बारे में न्यूज़क्लिक के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License