NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फेक्ट चेकः क्या सचमुच बिहार पहला राज्य है जो वेटनरी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देता है?
आप अगर सुशील मोदी के ट्वीट और ग्राफिक को गौर से देखेंगे-पढ़ेंगे तो आप समझ नहीं पाएंगे कि ठीक-ठीक दावा क्या है। क्योंकि, जब आप “पहला” कहते हैं तो अपने-आप ये अर्थ आ जाता है कि बाकी राज्य पीछे हैं और आप अकेले ही ऐसा कर रहे हैं। इस तरह की भाषा मात्र एक नैरेटिव और परसेप्शन बनाती है, स्पष्टता नहीं।
राज कुमार
13 Sep 2020
फेक्ट चेकः क्या सचमुच बिहार पहला राज्य है जो वेटनरी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देता है?

भाजपा बिहार चुनाव प्रचार में जोर-शोर से लगी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लिए पैकेज की घोषणाएं कर रहे हैं। भाजपा, बिहार राज्य कार्यालय से रोज प्रेस कांफ्रेंस हो रही हैं और सोशल मीडिया पर दावों की भरमार है।

10 सितंबर 2020 को भाजपा बिहार के ट्वीटर हैंडल से सुशील कुमार मोदी के हवाले से एक ट्वीट किया गया। ट्वीट में दावा किया गया है कि “बिहार देश का पहला राज्य है जो वेटनरी छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप देता है”। आप इस लिंक पर क्लिक करके ट्वीट देख सकते हैं। आइये अब इस दावे की पड़ताल करते हैं।

Screen Shot 2020-09-10 at 7.48.04 PM.png

अस्पष्ट भाषा और उलझे हुए अर्थ

आप अगर ट्वीट और ग्राफिक को गौर से पढ़ेंगे तो आप समझ नहीं पाएंगे कि ठीक-ठीक दावा क्या है। क्योंकि, जब आप “पहला” कहते हैं तो अपने-आप ये अर्थ आ जाता है कि बाकी राज्य पीछे हैं और आप अकेले ही ऐसा कर रहे हैं। इस तरह की भाषा मात्र एक नैरेटिव और परसेप्शन बनाती है, स्पष्टता नहीं। शब्दों से स्पष्ट नहीं होता कि दावा ठोस रूप से किस बारे में है। उदाहरण के तौर पर-

  • छात्रवृत्ति ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिये है, एमए स्टूडेंट्स के लिए है या पीएचडी स्टूडेंट्स के लिए?
  • क्या दावा किया जा रहा है कि बिहार देश का पहला राज्य है जो वेटनरी स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति देता है? यानी, बाकी राज्य वेटनरी स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति नहीं देते।
  • क्या दावा किया जा रहा है कि वेटनरी छात्रवृत्ति की शुरुआत बिहार से हुई है? क्योंकि, ट्वीट में कहा गया है कि बिहार पहला राज्य है।
  • क्या दावा किया जा रहा है कि बिहार पहला राज्य है जो 2000 रुपये छात्रवृत्ति देता है? मतलब, बाकी राज्य 2000 से कम छात्रवृत्ति देते हैं और ये अधिकतम छात्रवृत्ति राशि है।

तो, ऊपर दिए गये सभी समीकरणों को आधार मानकर एक-एक करके जांच शुरु करते हैं।

क्या सिर्फ बिहार वेटनरी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देता है?

जब इस बारे में विभिन्न राज्यों के वेटनरी शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट पर जाकर देखा गया तो पाया कि तकरीबन सभी राज्यों में वेटनरी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है। हम कुछ उदाहरण नीचे दे रहे हैं।

तमिलनाडु वेटनरी एंड एनिमल साइंस इंस्टीट्यूट की वर्ष 2017-18 की रिपोर्ट पर नज़र डालिये। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष 1613 विद्यार्थियों को 247.04 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। आप इस लिंक पर संस्थान की रिपोर्ट पढ सकते हैं।

Screen Shot 2020-09-10 at 8.09.15 PM.png

श्री वेंकेटेश्वर वेटनरी यूनिवर्सिटी, तिरूपति की वेबसाइट पर जाकर आप स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। वेबसाइट के अनुसार स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कोर्स के विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप का प्रावधान है।

गुरु अंगद देव पशु विज्ञान संस्थान, लुधियाना की वेबसाइट पर जाकर आप देख सकते हैं। संस्थान के अंदर मासिक एवं वार्षिक दोनों ही तरह की पांच छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं।

इसके अलावा भी देश के तकरीबन सभी राज्यों एवं संस्थानों में वेटनरी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का प्रावधान है। मतलब, स्पष्ट है कि बिहार पहला और अकेला राज्य नहीं है जो वेटनरी स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति देता है।

क्या वेटनरी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की शुरुआत बिहार से हुई है?

गौरतलब है कि जिस किशनगंज पशु विज्ञान महाविद्यालय का ज़िक्र ट्वीट में किया गया है उसकी स्थापना वर्ष 2018 में की गई है। ये कॉलेज बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के तहत आता है जिस विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2016 में की गई और 2017 में पहले कुलपति ने कार्यभार संभाला।

image_4.JPG

क्या बिहार सचमुच प्रतिमाह 2000 रुपये छात्रवृत्ति देता है?

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर औऱ संस्थान के प्रोस्पेक्ट्स में आप देख सकते हैं कि बिहार वेटनरी विद्यार्थियों को प्रतिमाह 2000 रुपये छात्रवृत्ति प्रदान करता है।

Capture_25.JPG

क्या बिहार सरकार अपने राज्य कोष से वेटनरी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देती है?

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की सालान रिपोर्ट 2017-18 के अनुसार एनिमल हसबेंड्री और बेचलर ऑफ वेटनरी साइंस कोर्स में कुल 202 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि ये राशि राज्य सरकार के द्वारा दी गई है।

Capture2_1.JPG

क्या देश में वेटनरी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की अधिकतम राशि 2000 रुपये है?

चूंकि ट्वीट में स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस कोर्स के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का दावा किया गया है। तो हम ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट दोनों कोर्स की छात्रवृत्तियों की बात करते हैं। वेटनरी ग्रेजुएशन कोर्स के विद्यार्थियों के लिए 2000 अधिकतम छात्रवृत्ति नहीं है। आइसीएआर और वीसीआइ, वेटनरी साइंस में ग्रेजुएशन कर रहे विद्यार्थियों को 3000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति प्रदान करता है। श्री वेंकेटेश्वर वेटनरी यूनिवर्सिटी, तिरूपति की अंडर ग्रेजुएट विद्यार्थियों को इन-प्लांट ट्रेनिंग के दौरान 7000 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है। वहीं एमए कर रहे विद्यार्थियों को प्रतिमाह 9000 रुपये प्रतिमाह वजीफे का प्रावधान है।

Screen Shot 2020-09-10 at 8.14.30 PM.png

निष्कर्ष

जांच के दौरान पाया गया कि बिहार सरकार वेटनरी स्टूडेंट्स को 2000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति देती है। ये राशि बिहार सरकार के कोष से दी जाती है। लेकिन ट्वीट में किए गए दावे भ्रामक हैं। क्योंकि, ट्वीट में तथ्यों को गलत संदर्भ में और तुलनात्मक ढंग से पेश किया गया है। ट्वीट में स्पष्ट तौर पर पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिये ये ट्वीट और सूचना भ्रामक है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते रहते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

fact check
Bihar
sushil modi
BJP
bihar election
Bihar government
Nitish Kumar
RJD

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License