NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चैक: भाजपा द्वारा बुंदेलखंड में घर-घर नल से जल का दावा ग़लत
भाजपा उत्तर प्रदेश के आधिकारिक अकाउंट से एक ट्वीट किया गया है। ट्वीट किये गए ग्रैफिक में बुंदेलखंड में पानी के संबंध में दो तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। इन तस्वीरों के जरिये सपा, बसपा, कांग्रेस सरकार औऱ भाजपा सरकार की तुलना की गई है। आइये इसकी पड़ताल करते हैं।
राज कुमार
09 Nov 2021
fact check

उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार चरम पर है। भाजपा उत्तर प्रदेश के आधिकारिक अकाउंट से एक ट्वीट किया गया है। ट्वीट किये गए ग्रैफिक में दो तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। दो तस्वीरों के जरिये सपा, बसपा, कांग्रेस सरकार औऱ भाजपा सरकार की तुलना की गई है। ट्वीट का शीर्षक है “फर्क साफ है”। ट्वीट में दिखाया गया है कि सपा, बसपा और कांग्रेस सरकार में बुंदेलखंड में सूखा था और भाजपा सरकार में घर-घर शुद्ध जल पहुंच रहा है। तस्वीरों से तुलना की गई है।

एक तरफ सूखे से कटी-फटी धरती का चित्र है जिस पर लिखा है “पानी के लिए तरसता था बुंदेलखंड”। दूसरी तरफ एक महिला की मुस्कुराती हुई तस्वीर है जो नल से जल भर रही है और लिखा है “जल जीवन मिशन से घर-घर शुद्ध जल”। अब सवाल उठता है कि क्या ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश की हैं? क्या बुंदेलखंड के हर घर में नल से जल पहुंच गया है? आइये इसकी पड़ताल करते हैं।

क्या तस्वीरें बुंदेलखंड की हैं?

सपा, बसपा, कांग्रेस सरकार के शासनकाल में बुंदेलखंड में सूखे की स्थिति वाली तस्वीर के बारे में जब खोजबीन की गई तो पता चला कि तस्वीर बुंदेलखंड की नहीं बल्कि हैदराबाद के नालगोंडा ज़िला के बीबी नगर गांव की है। यह तस्वीर 23 मार्च 2015 को फोटोग्राफर नोआह सीलम ने ली थी। Getty Images की वेबसाइट पर ये फोटो उपलब्ध है। छोटे साइज़ के लिए 7 हज़ार, मध्यम साइज़ के लिए 14 हज़ार और बड़े साइज़ के लिए 23 हज़ार रुपये देकर आप इस फोटो को डाउनलोड और इस्तेमाल कर सकते हैं। इस लिंक पर क्लिक करके आप ओरिजनल तस्वीर देख सकते हैं।

दूसरी तस्वीर के बारे में खोजबीन की गई तो ये तस्वीर कई जगह मिली। नल से पानी भर रही मुस्कुराती महिला की इस तस्वीर का इस्तेमाल जल जीवन मिशन और नरेंद्र मोदी के हर घर जल पहुंचाने के संकल्प का प्रचार करने के लिए एक और पोस्टर में भी किया गया है। जिसे 11 मार्च 2021 को अमित शाह ने ट्वीट किया था। इसी तारीख़ को भारतीय दूतावास भूटान के फेसबुक पेज़ पर भी इसे पोस्ट किया गया। लेकिन पोस्टर से कोई जानकारी नहीं मिलती कि तस्वीर कहां की है। इस तस्वीर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल 29 जून 2021 के बाद हुआ।

प्रेस इंफ़ोर्मेशन ब्यूरो ने 29 जून 2021 को जल शक्ति मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के साथ इस फोटो का इस्तेमाल किया। प्रेस इंफ़ोर्मेशन ब्यूरो ने इस फोटो का इस्तेमाल झारखंड के संदर्भ में किया है।

बुंदेलखंड में नल से जल की स्थिति

ट्वीट में उत्तर प्रदेश भाजपा के द्वारा दावा किया जा रहा है कि जल जीवन मिशन के तहत बुंदेलखंड के घर-घर शुद्ध जल पहुंच गया है। दावा धुंधला है लेकिन नैरेटिव और प्रचार बिल्कुल साफ है। ट्वीट में ये नहीं कहा गया है कि हर घर नल से जल। लेकिन घर-घर शुद्ध जल और जल जीवन मिशन से अर्थ यही निकलता है कि हर घर नल से जल। तो आइये, इसकी भी पड़ताल करते हैं और देखते हैं कि बुंदेलखंड क्षेत्र में नल से जल की स्थिति क्या है?

बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यतः उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, बांदा, झांसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर ज़िले आते हैं। जल जीवन मिशन के डैशबोर्ड के अनुसार चित्रकूट में मात्र 13% घरों में, बांदा में 9%, झांसी में 11.9%, जालौन में 7.6%, हमीरपुर में 14.8%, महोबा में 16.9% और ललितपुर में 18% घरों तक ही नल से जल पहुंच पाया है।

निष्कर्ष

भाजपा द्वारा बुंदेलखंड में घर-घर नल से जल का दावा गलत है। ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीरें उत्तर प्रदेश से संबंधित नहीं हैं।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

इन्हें भी पढ़ें-

उत्तर प्रदेश की मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं ठप लेकिन प्रचार पूरा

ऑस्ट्रेलिया की चीनी मिल को उत्तर प्रदेश का बताकर चुनावी लहर बना रही भाजपा

देश में दलितों पर हर चौथा अपराध उत्तर प्रदेश में होता है

राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की कोशिश!

UttarPradesh
fact check
BJP Uttar Pradesh
UP elections
Water Shortage
Yogi Adityanath
Bundelkhand

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है


बाकी खबरें

  • एपी
    क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने को लेकर ऑस्कर ने विल स्मिथ पर 10 साल का प्रतिबंध लगाया
    09 Apr 2022
    स्मिथ की हरकत पर अकादमी के ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ की बैठक के बाद यह फैसला किया गया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें भविष्य में इन पुरस्कारों के लिए नामित किया जाएगा या नहीं।
  • kashmiri student
    नासीर ख़ुएहामी
    घोर ग़रीबी के चलते ज़मानत नहीं करा पाने के कारण कश्मीरी छात्र आगरा जेल में रहने के लिए मजबूर
    09 Apr 2022
    विश्वास की कमी और वित्तीय दबाव उन परिवारों के रास्ते में आड़े आ रहे हैं, जिनके बच्चों को क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान के हाथों भारत की शिकस्त के बाद जेल में डाल दिया गया था, हालांकि उन्हें ज़मानत…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फरीदाबाद : आवास के मामले में सैकड़ों मजदूर परिवारों को हाईकोर्ट से मिली राहत
    09 Apr 2022
    पिछले कुछ सालों में दिल्ली एनसीआर और उसके पास के क्षेत्रों में सरकारों ने बड़ी तेज़ी से मज़दूर बस्तियों को उजाड़ना शुरू किया। ख़ासकर कोरोना काल में सरकार ने बड़े ही चुपचाप तरीके से अपने इस अभियान को चलाया…
  • गुरसिमरन बख्शी
    मांस खाने का राजनीतिकरण करना क्या संवैधानिक रूप से सही है?
    09 Apr 2022
    मांस पर प्रतिबंध लगाना, किसी भी किस्म के व्यापार करने के मामले में मौलिक अधिकार का उल्लंघन कहलाता है और किसी वैधानिक क़ानून के समर्थन के अभाव में, यह संवैधानिक जनादेश के मामले में कम प्रभावी हो जाता…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,150 नए मामले, 83 मरीज़ों की मौत
    09 Apr 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 25 लाख 1 हजार 196 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License