NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चेकः पुरानी तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही भाजपा
भाजपा उत्तर प्रदेश के वीडियो में काफ़ी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं।
राज कुमार
27 Dec 2021
up

26 दिसंबर को भाजपा उत्तर प्रदेश ने एक वीडियो ट्वीट किया। जिसमें योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में विकास कार्यों को तस्वीरों के जरिये दिखाया गया है। वीडियो पर लिखा है “तस्वीरें बोलती हैं, फर्क साफ़ है।”

वीडियो में बहुत सारी तस्वीरों और वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया गया है। तस्वीरों को यूपी के विकास के प्रमाण के तौर पर पेश किया गया है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी और भाजपा का पूरा आईटी सेल उत्तर प्रदेश के हाइवे और एक्सप्रेस-वे को लेकर खूब प्रचार कर रहा है। हमने वीडियो में इस्तेमाल की गई राजमार्गों की तस्वीरों के बारे में इंटरनेट पर खोजबीन की। पड़ताल में ये जानने की कोशिश की है कि क्या ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश की हैं? क्या ये तस्वीरें योगी आदित्यनाथ के शासनकाल की हैं? आइये! पड़ताल शुरू करते हैं।

जांच-पड़ताल

नीचे दिये गये वीडियो के स्क्रीनशॉट में हाइवे की दो तस्वीरें हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार पहली तस्वीर उत्तर प्रदेश की नहीं बल्कि गुजरात के अहमदाबाद-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे की है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की वेबसाइट के अनुसार तस्वीर वर्ष 2012 की है। मतलब, तस्वीर न तो उत्तर प्रदेश की है और न ही योगी के शासनकाल की है।

दूसरी तस्वीर के बारे में खोजबीन करने पर पता चला कि ये तस्वीर 8 जुलाई 2010 को businessrediff.com की वेबसाइट पर प्रकाशित हो चुकी है। यानी, तस्वीर लगभग 11 साल पुरानी है। स्पष्ट है कि योगी के शासनकाल से बहुत पहले की है।

वीडियो में एक और तस्वीर इस्तेमाल की गई है जिसमें सड़कों का जाल दिख रहा है और सड़क के दोनों तरफ खूब हरियाली है। तस्वीर आप नीचे देख सकते हैं। तस्वीर के बारे में खोजबीन करने पर पता चला कि ये तस्वीर यमुना एक्सप्रेस-वे की है। लेकिन योगी के शासनकाल की नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल की है जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। एशियन डेवेलपमेंट बैंक की वेबसाइट पर वर्ष 2015 की एक रिपोर्ट में इस तस्वीर को इस्तेमाल किया गया है।

 

वीडियो में एक और तस्वीर इस्तेमाल की गई है। तस्वीर में सड़कों का एक खूबसूरत घुमावदार जाल है। ये तस्वीर भी नौ साल पुरानी है और rediff.com पर 9 अगस्त 2012 को प्रकाशित हो चुकी है। यानी भाजपा शासनकाल से बहुत पहले की है।

निष्कर्ष

वीडियो में काफी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। सभी तस्वीरों का वेरिफ़िकेशन संभव नहीं था। लेकिन,  ऊपर दिये गये उदाहरणों के तौर पर यह कहा जा सकता है कि वीडियो में काफी ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं जो या तो अन्य राज्यों की हैं या फिर भाजपा के शासनकाल से पहले की हैं। यानी, भाजपा गलत तस्वीरों को योगी शासनकाल के विकास कार्यों के प्रमाण के तौर पर पेश कर रही है। दावा भ्रामक है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं। )

इन्हे भी पढ़े :

फ़ैक्ट चेकः भाजपा उत्तर प्रदेश का प्रधानमंत्री आवास योजना संबंधी दावा ग़लत है

फ़ैक्ट चैक: भाजपा द्वारा बुंदेलखंड में घर-घर नल से जल का दावा ग़लत

उत्तर प्रदेश की मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं ठप लेकिन प्रचार पूरा

दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त

Uttar pradesh
UP Assembly Elections 2022
fact check
Yogi Adityanath
Modi Govt
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्वास्थ्य पर सबसे कम ख़र्च उत्तराखंड में, पंजाब रोडवेज़ कर्मचारियों का प्रदर्शन और अन्य ख़बरें।
    29 Jun 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगा स्वास्थ्य पर सबसे कम ख़र्च करने वाला राज्य उत्तराखंड, पंजाब रोडवेज़ कर्मचारियों की हड़ताल और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • वायु सेना केंद्र पर ड्रोन हमले के पीछे लश्कर का हाथ होने का संदेह: डीजीपी
    भाषा
    वायु सेना केंद्र पर ड्रोन हमले के पीछे लश्कर का हाथ होने का संदेह: डीजीपी
    29 Jun 2021
    जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि मानवरहित वायुयान (ड्रोन) सीमापार से उड़कर आए हों और अपने काम को अंजाम देने के बाद लौट गये हों।
  • कई दस्तावेज़ी सबूत हैं कि आरएसएस ने आपातकाल का समर्थन किया था!
    अनिल जैन
    कई दस्तावेज़ी सबूत हैं कि आरएसएस ने आपातकाल का समर्थन किया था!
    29 Jun 2021
    इंदिरा गांधी और आचार्य विनोबा भावे को लिखे देवरस के पत्रों से यह तो जाहिर होता ही है कि आरएसएस आधिकारिक तौर पर आपातकाल विरोधी संघर्ष में शामिल नहीं था।
  • सुप्रीम कोर्ट का 31 जुलाई तक ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना लागू करने का आदेश
    भाषा
    सुप्रीम कोर्ट का 31 जुलाई तक ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना लागू करने का आदेश
    29 Jun 2021
    शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रशासनों को प्रवासी मजदूरों को सूखा राशन उपलब्ध कराने की एक योजना 31 जुलाई तक लानी होगी और ऐसी योजना कोविड की स्थिति बरकरार रहने तक जारी रखनी होगी।
  • शोधः हृदय मांसपेशियों की कोशिकाओं में फैटी एसिड को नियंत्रित करने संबंधी नई जानकारी मिली
    भाषा
    शोधः हृदय मांसपेशियों की कोशिकाओं में फैटी एसिड को नियंत्रित करने संबंधी नई जानकारी मिली
    29 Jun 2021
    फैटी एसिड (वसा अम्ल) तब बनता है जब पाचन के दौरान आहार से वसा अलग होती है। हृदय अपनी अधिकांश आवश्यक ऊर्जा फैटी एसिड के ऑक्सीकरण से प्राप्त करता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License