NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
फ़ैक्ट चेकः योगी का दावा ग़लत, नहीं हुई किसानों की आय दोगुनी
सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही बताते हैं कि यूपी के किसानों की आय में 2015-16 की अपेक्षा मात्र 3 रुपये मासिक की वृद्धि हुई है।
राज कुमार
28 Jan 2022
fact check

24 जनवरी को अमर उजाला के लखनऊ संपादकीय प्रभारी राजीव सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इंटरव्यू किया। इंटरव्यू में किसानों की आय के सवाल पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “किसानों की आमदनी को कई गुणा वृद्दि की है। एक सामान्य किसान की आमदनी भी दोगुनी हुई है। जो प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा था यूपी के अंदर हुआ है। ”

जो आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने कहा था, यूपी के अंदर हुआ है... pic.twitter.com/qzaA9vFKS8

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 24, 2022

असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2016 में कहा था कि वर्ष 2022 में जब देश आज़ादी का 75वां समारोह मनाएगा तब किसानों की आय दोगुनी हो चुकी होगी। वर्ष 2022 शुरू हो चुका है तो किसानों की आय के बारे में ऐसे दावे किये जा रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या सचमुच उत्तर प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी हो गई है? इसकी जांच करने के लिए हमें सबसे पहले ये जानना होगा कि आखिर किस मासिक मूल आय को आधार मानकर हम मूल्यांकन करें? आय दोगुनी हुई या नहीं ये मापने का पैमाना क्या हो?

image

किसानों की आय मापने का पैमाना क्या है?

किसानों की आय दोगुनी हुई या नहीं ये समझने के लिए पहले इस बात को समझना होगा कि दोगुनी का पैमाना क्या है? यानी मूल आय क्या मानी गई है जिसके आधार 2022 में हम ये तय कर पाएं कि किसानों की आय दोगुनी हुई या नहीं।

इस बारे केरल से सीपीआई (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया) के राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से सदन में सवाल पूछा कि किसानों की आय को दुगुना करने के मूल्यांकन के लिए उनकी मूल आय क्या मानी गई है।

23 जुलाई 2021 को जवाब देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नेशनल सैंपल सर्वे की गणना के आधार पर वर्ष 2015-16 में किसानों की मूल आय 96,703 रुपये वार्षिक मानी गई है। यानी 8,058 रुपये मासिक। इसी के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।

तो अब इसी मासिक आय को आधार मानकर हम पड़ताल करते हैं कि क्या सचमुच उत्तर प्रदेश या देश के किसान की आय दोगुनी हुई है? अगर दोगुनी हुई है तो किसान की मासिक आय 16,116 रुपये होनी चाहिये।

image

क्या सचमुच किसानों की आय दोगुनी हुई है?

नेशनल सैंपल सर्वे ने सितंबर 2021 में देश के किसानों की आय और अन्य किसानी विषयों पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में दिसंबर 2019 तक के आंकड़े हैं। फिलहाल यही लेटेस्ट रिपोर्ट है जिसको आधिकारिक वेबसाइट से डिलीट कर दिया गया है। लेकिन पिपल्स आर्काइव ऑफ रुरल इंडिया की वेबसाइट पर इसे देख सकते हैं। रिपोर्ट में राज्यवार किसानों की मासिक आय का ब्योरा दिया गया है। साथ ही ये बताया गया है कि किस मद से कितनी आय हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के किसानों की मासिक आय 8.061 रुपये है। जो राष्ट्रीय औसत आय से भी कम है। देश में किसानों की औसत मासिक आय 10,218 रुपये है।

image

इस बारे में बंगाल से तृणमूल की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने किसानों की आय के बारे में सदन में सवाल पूछा था। 3 दिसंबर 2021 को जिसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यवार किसानों की मासिक आय का ब्योरा भी दिया था। उसमें भी स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों की मासिक आय 8,061 रुपये है।

दोनों प्रमाणिक और आधिकारिक स्रोत हैं जो इस आंकड़े की पुष्टि कर रहे हैं।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और नेशनल सैंपल सर्वे के अनुसार वर्ष 2015-16 में किसानों की मासिक आय 8,058 रुपये थी। कृषि मंत्री ने ये राष्ट्रीय औसत बताया था। तो अगर हमें इसे ही उत्तर प्रदेश की वर्ष 2015-16 की किसानों की मासिक आय मान लें तो नेशनल सैंपल सर्वे और कृषि मंत्री द्वारा 3 दिसंबर 2021 को दिए गए आंकड़ों के हिसाब से किसानों की आय में मात्र तीन रुपये की वृद्धि हुई है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का किसानों की दोगुनी आय का दावा ग़लत है। सदन में कृषि मंत्री का लिखित जवाब और नेशनल सैंपल सर्वे दोनों ही इस बात की पुष्टी करते हैं।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार एवं ट्रेनर हैं। आप सरकारी योजनाओं से संबंधित दावों और वायरल संदेशों की पड़ताल भी करते हैं।)

इसे भी पढ़ें :  फ़ैक्ट चेकः महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में यूपी नंबर वन, है या नहीं?

फ़ैक्ट चेकः सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के फ़ैक्ट चेक का फ़ैक्ट चेक

Uttar pradesh
fact check
Yogi Adityanath
kisan
Farmers Income
poverty
Farmers crisis
BJP

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूक्रेन संकट, भारतीय छात्र और मानवीय सहायता
    01 Mar 2022
    यूक्रेन में संकट बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को छात्रों सहित सभी भारतीयों को उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य माध्यम से आज तत्काल कीव छोड़ने का सुझाव दिया है।
  • Satellites
    संदीपन तालुकदार
    चीन के री-डिज़ाइंड Long March-8 ने एक बार में 22 सेटेलाइट को ऑर्बिट में भेजा
    01 Mar 2022
    Long March-8 रॉकेट चीन की लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी की अकादमी में बना दूसरा रॉकेट है।
  • Earth's climate system
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: अब न चेते तो कोई मोहलत नहीं मिलेगी
    01 Mar 2022
    आईपीसीसी ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ कहा है कि जलवायु परिवर्तन से आर्थिक दरार गहरी होगी, असमानता में इजाफ़ा होगा और ग़रीबी बढ़ेगी। खाने-पीने की चीजों के दाम बेतहाशा बढ़ेंगे और श्रम व व्यापार का बाजार…
  • nehru modi
    डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रधानमंत्रियों के चुनावी भाषण: नेहरू से लेकर मोदी तक, किस स्तर पर आई भारतीय राजनीति 
    01 Mar 2022
    चुनाव प्रचार के 'न्यू लो' को पाताल की गहराइयों तक पहुंचता देखकर व्यथित था। अचानक जिज्ञासा हुई कि जाना जाए स्वतंत्रता बाद के हमारे पहले आम चुनावों में प्रचार का स्तर कैसा था और तबके प्रधानमंत्री अपनी…
  • रवि शंकर दुबे
    पूर्वांचल की जंग: यहां बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूमती है सत्ता!
    01 Mar 2022
    यूपी में सत्ता किसी के पास भी हो लेकिन तूती तो बाहुबलियों की ही बोलती है, और पूर्वांचल के ज्यादातर क्षेत्रों में उनका और उनके रिश्तेदारों का ही दबदबा रहता है। फिर चाहे वो जेल में हों या फिर जेल के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License