NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
उत्तराखंड: सरकारी अस्पताल से कोरोना-मुक्त होने के ‘फ़र्ज़ी’ प्रमाणपत्र जारी
प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अस्पताल में इस रैकेट की जड़ें कहां तक हैं और इसमें कितने चिकित्सक शामिल हैं।
भाषा
16 Sep 2020
hospital

ऋषिकेश: यहां के सरकारी अस्पताल में ओपीडी पर्ची पर कथित तौर पर बिना आरटी—पीसीआर जांच के कोविड-19 मुक्त होने का प्रमाणपत्र जारी करने का मामला सामने आया है।

इस संबंध में पूछे जाने पर प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अस्पताल में इस रैकेट की जड़ें कहां तक हैं और इसमें कितने चिकित्सक शामिल हैं ।

अस्पताल के सूत्रों ने नाम न उजागर किए जाने की शर्त पर बताया कि एसपीएस सरकारी अस्पताल में हुए इस मामले का पता बुधवार को लगा जहां डा. सागर भट्ट नामक एक चिकित्सक ने कथित रूप से से प्रमाणपत्र जारी किए।

सूत्रों ने बताया कि कोरोना—मुक्त होने के ज्यादातर ऐसे फर्जी प्रमाणपत्र प्रवासी मजदूरों के लिए जारी किए गये जो काम की तलाश में अन्य जिलों में जाना चाहते थे।

ऋषिकेश चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एनएस तोमर ने बताया कि सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार, आरटी—पीसीआर जाँच के बिना कोरोनावायरस संक्रमण होने या नहीं होने की पुष्टि नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि जाँच के बिना अगर कोई चिकित्सक कोरोना को लेकर कोई टिप्पणी करता है तो यह सही नही है। तोमर ने कहा कि कोविड 19 जैसी वैश्विक महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार व आईसीएमआर के दिशा निर्देशों में आरटी—पीसीआर को ही प्रमाणिक माना गया है।

COVID-19
novel coronavirus
Hospitals
govt hospital
fake certificate

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • Ahmed Hasan passes away
    भाषा
    उप्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन का निधन; योगी, अखिलेश ने दुख जताया
    19 Feb 2022
    वह पूर्व पुलिस अधिकारी थे। बाद में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव उन्हें राजनीति में ले आये थे। हसन सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह विधान परिषद सदस्य और नेता…
  • Ravish Tiwari passes away
    भाषा
    वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
    19 Feb 2022
    इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे।
  • police
    नाइश हसन
    योगी की पुलिस कैसे कर रही चुनाव में ग़रीबों से वसूली: एक पड़ताल
    19 Feb 2022
    सवाल यह है कि क्या मात्र विज्ञापन या भाषण स्थितियों की असलियत बयान कर सकते हैं? हमने हालिया पुलिसिया दमन की पड़ताल करनी चाही, तो ‘अमृतकाल’ में ग़रीब बस्तियों का हाल कुछ और ही दिखा।
  • Protest in Myanmar
    लव पुरी
    कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है
    19 Feb 2022
    म्यांमार में सैन्य शासन नया नहीं है, लेकिन कुछ टिप्पणीकार बाइनरी लेंस से परे म्यांमार की स्थिति को समझने का प्रयास करते हैं।
  • AFGHAN
    क्रिस्टीन लेहनेन
    तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?
    19 Feb 2022
    तीन पुरस्कार विजेता महिला निर्देशकों ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म उद्योग से अफ़ग़ान सिनेमा को बचाने की अपील की है। आज के दौर में इन महिला फिल्मकारों का समर्थन पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License