NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान-सरकार बातचीत: बैठक में किसानों ने नहीं खाया सरकार का खाना
दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत दोपहर 12 बजे शुरू हुई है। दोपहर तीन बजे के करीब लंच ब्रेक हुआ। इस दौरान किसानों ने सरकार द्वारा दिया गया लंच का न्यौता ठुकरा दिया और अपने साथ लाया खाना ही खाया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Dec 2020
किसान
Image Courtesy: NDTV

किसानों और सरकार के बीच विज्ञान भवन में चर्चा दोपहर 12 बजे से जारी है। विज्ञान भवन में चल रही बैठक में किसान अपनी समस्या बिंदुवार प्रेजेंटेशन में समझा रहे हैं। जानकारी है कि सरकार और किसान प्रतिनिधि एक-एक बिंदु पर बात कर रहे हैं। इस दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेलमंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद हैं।

दोपहर तीन बजे के करीब लंच ब्रेक हुआ। इस दौरान किसानों ने सरकार द्वारा दिया गया लंच का न्यौता ठुकरा दिया और अपने साथ लाया खाना ही खाया। किसानों ने बताया, "अभी लंच ब्रेक हुआ है। सरकार ने हमें खाने और चाय का ऑफर दिया था लेकिन हमने मना कर दिया और अपने साथ ले जाए गए लंगर के खाने को ही खाया।"

मीडिया में आई विज्ञान भवन के अंदर की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे किसान अपने साथ लाए खाने को ही बांटकर खा रहे हैं।

वहीं, दूसरी तरफ अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध जताते हुए ‘पद्म विभूषण’ पुरस्कार वापस कर दिया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को तीन पन्नों की चिट्ठी लिख कर उन्होंने किसान कानूनों का विरोध जताया साथ ही किसानो पर हुई कार्रवाई की निंदा की और इसके साथ सम्मान वापस किए जाने की बात कही। पत्र में बादल ने यह भी लिखा कि ‘आज मैं जो भी हूं किसानों की वजह से ही हूं।’

शिरोमणि अकाली दल के नेता बादल ने कहा, ‘आज जब उसने अपने सम्मान से ज्यादा खोया है तो ऐसे में मुझे पद्म विभूषण पुरस्कार रखने का कोई औचित्य नहीं समझ आता।’

अमरिंदर सिंह ने अमित शाह से की मुलाकात

इससे पहले नए कृषि कानूनों को लेकर केन्द्र और किसानों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब प्रदर्शन कर रहे किसान नेता विज्ञान भवन में सरकार के साथ बैठक कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक सुबह होनी थी लेकिन दो घंटे विलंब के कारण दोपहर में शुरू हुई।

पंजाब के मुख्यमंत्री और उनकी कांग्रेस पार्टी किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है और पंजाब विधानसभा ने केन्द्र के नए कृषि कानूनों को निष्प्रभावी बनाने के लिए विधेयक भी पारित किये हैं। सिंह ने पहले कहा था कि वह और उनकी सरकार सभी के सामूहिक हित में केंद्र और किसानों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। प्रदर्शनकारी किसान राष्ट्रीय राजधानी से लगी सीमाओं पर डटे हैं और सरकार से नये कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनमें से ज्यादातर किसान पंजाब से हैं।

इससे पहले आंदोलन कर रहे किसानों ने बुधवार को मांग की थी कि केंद्र नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का विशेष सत्र आहूत करे और अगर मांगें नहीं मानी गयीं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा।

आपको बता दें कि  दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों की बढ़ती तादाद के बीच ट्रांसपोर्टरों के शीर्ष संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने आंदोलनकारी किसानों का समर्थन करते हुए उत्तर भारत में आठ दिसंबर से परिचालन बंद करने की बुधवार को धमकी दी। एआईएमटीसी लगभग 95 लाख ट्रक ड्राइवरों और अन्य संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है।

दूसरी ओर, केंद्र और प्रदर्शनकारी किसानों के प्रतिनिधियों के बीच बृहस्पतिवार को दूसरे चरण की बातचीत होने से पहले बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक कर नए कृषि कानूनों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के उपायों पर चर्चा की थी। तोमर, गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने मंगलवार को किसान नेताओं के साथ बातचीत के दौरान केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया था।

अपने ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत किसान अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी के चार व्यस्त सीमा मार्गों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन स्थानों पर पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Farmer-government Meeting
farmers protest
Narendra modi
Amit Shah
Captain Amarinder Singh

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान


बाकी खबरें

  • किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश में सत्ता-विरोधी केमेस्ट्री में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश में सत्ता-विरोधी केमेस्ट्री में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा
    31 Jul 2021
    फ़र्ज़ी आंकड़ों, विज्ञापनों और गोदी मीडिया के बल पर खड़ी की गई झूठ की टाटी किसान आंदोलन और छात्र-युवा रोजगार आंदोलन के अभियान के आगे टिक नहीं सकेगी।
  • बाइडेन ने क्वाड-3 के लिए ज़मीन तैयार की
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन ने क्वाड-3 के लिए ज़मीन तैयार की
    31 Jul 2021
    बाइडेन एक बार फिर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बड़ा खेल, जिस पर पेंटागन और सीआइए काम कर रहे हैं, वह जारी रहे। वह खेल है ईरान, चीन और रूस को इराक से दूर रखना। 
  • किसान आंदोलन से झांकते प्रेमचंद
    राज वाल्मीकि
    किसान आंदोलन से झांकते प्रेमचंद
    31 Jul 2021
    जयंती पर विशेष: समाज में जब तक अन्याय, अत्याचार, शोषण, अंधविश्वास, छूआछूत और भेदभाव जारी रहेगा। देश के किसान आत्महत्या और आन्दोलन करते रहेंगे तब तक कहीं न कहीं प्रेमचंद प्रासंगिक रहेंगे।
  • शहीद उधम सिंह
    हर्षवर्धन
    शहीद उधम सिंह: सिर्फ़ जलियांवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लेना उनका मक़सद नहीं था!
    31 Jul 2021
    शहादत दिवस पर विशेष: सवाल ये उठता है कि अगर (जैसा कि आम तौर पर माना जाता है) उधम सिंह के जीवन का एक मात्र मक़सद जलियांवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लेना था, जिसके तहत उन्होंने माइकल ओ डायर पर गोलियां…
  • भारत एक मौज : प्रोजेक्ट पेगासस, मीराबाई का ओलंपिक पदक और अन्य
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज : प्रोजेक्ट पेगासस, मीराबाई का ओलंपिक पदक और अन्य
    31 Jul 2021
    भारत एक मौज के इस एपिसोड में, संजय राजौरा पेगासस स्पाइवेयर और उसपर प्रतिक्रिया, मीराबाई चानू का ओलंपिक में रजत पदक, और डोमिनोज़ द्वारा एक एथलीट को मुफ़्त पिज़्ज़ा देने की विडंबना पर बात कर रहे हैं
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License