NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसानों की ऐतिहासिक जीत: सरकार ने सभी मांगें मानी, 11 दिसंबर से ख़ाली करेंगे मोर्चा!
अंततः सरकार अपने हठ से पीछे हटकर किसानों की सभी माँगे मानने को मजबूर हो गई है। सरकार ने किसानों की लगभग सभी माँगें मान ली हैं। इस बाबत कृषि मंत्रालय की तरफ़ से एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। किसानों ने भी घर वापसी की घोषणा कर दी है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Dec 2021
kisan andolan

साल भर से भी अधिक वक्त से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों के सब्र और साहस के नतीजे का दिन आ गया है। अंततः सरकार अपने हठ से पीछे हटकर किसानों की सभी माँगे मानने को मजबूर हो गई है। सरकार ने किसानों की लगभग सभी माँगें मान ली हैं। इस बाबत कृषि मंत्रालय की तरफ़ से एक पत्र भी जारी कर दिया गया है। कृषि मंत्रालय के द्वारा जारी इस पत्र के मुताबिक़:

1. किसान आंदोलन में दौरान किसानों पर लगाए गए सभी केस वापस लिए जाएँगे। यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों ने इसे लेकर सहमति दे दी है।

2. MSP( न्यूनतम समर्थन मूल्य) के लिए कमेटी की घोषणा की गई है। जिसमें केंद्र, राज्यों और किसानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे जो तय करेंगे कि किस प्रकार देशभर में सभी किसानों को MSP मिले। MSP पर अभी की जारी ख़रीदी की स्थिति आगे भी जारी रहेगी।

3. जहां तक मुआवज़े का सवाल है, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार ने मुआवज़े को लेकर सैद्धांतिक सहमति दे दी है, पंजाब सरकार पूर्व में ही इसकी घोषणा कर चुकी है।

4. बिजली बिल में किसानों पर असर डालने वाले सभी प्रावधानों पर अभी स्टेकहोल्डर्स (किसान मोर्चा के साथ) से बातचीत की जाएगी। मोर्चा से चर्चा होने के बाद बिल संसद में लाया जाएगा।

5. पराली के सम्बंध में निर्णय लिया गया है कि भारत सरकार ने जो क़ानून पारित किया है उसकी धारा-14 और धारा-15 में क्रिमिनल लाइबिलिटी से किसानों को मुक्ति दी है।

इस तरह किसानों की सभी माँगे मानते हुए कृषि मंत्रालय ने किसानों से अपील की है कि वे अपना धरना ख़त्म कर दें। 

वहीं भारतीय किसान यूनियन के नैशनल मीडिया इंचार्ज ने कहा है कि सभी किसान 11 दिसंबर को धरनास्थल ख़ाली कर देंगे। इसके अलावा 15 दिसम्बर तक सभी टोल प्लाजा खाली हो जाएँगे और संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक 15 जनवरी को नई दिल्ली में होगी। इसके अलावा किसान 13 दिसंबर के दिन अमृतसर के स्वर्ण मंदिर भी जाएँगे। आंदोलन के इस मुक़ाम को पहुँचने में 378 दिन का सफ़र लगा है। आपको बता दें कि इससे पहले सरकार तीनों कृषि क़ानूनों को पहले ही वापस ले चुकी है। 

ये भी पढ़ें: किसानों की ऐतिहासिक जीत के मायने

kisan andolan
farmers protest
New Farm Laws
Repeal Farm Laws
Farmers Victory
Modi government
Narendra Singh Tomar
rakesh tikait
SKM

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

क्यों मिला मजदूरों की हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

"जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है

झारखंड: नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज विरोधी जन सत्याग्रह जारी, संकल्प दिवस में शामिल हुए राकेश टिकैत

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान


बाकी खबरें

  • Ludhiana
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट; लुधियानाः क्या दलित कार्ड पार लगाएगा नैया या भारी दूसरे दांव
    18 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची लुधियाना और भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह से लेकर सफाई कर्मचारी समाज, नौजवानों से मिलकर जाना चुनावी मौसम का हाल
  • Udupi Ground Report
    शिवम चतुर्वेदी
    उडुपी ग्राउंड रिपोर्ट : हिजाब के समर्थन में हैं कॉलेज की हिंदू लड़कियां, पर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं
    18 Feb 2022
    कुसुम ने कहा, "हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।"
  • narendra modi
    पार्थ एस घोष
    क्या यह मोदी लहर के ख़ात्मे की शुरूआत है?
    18 Feb 2022
    अब राजनीतिक प्रतिद्वंदी बीजेपी से खौफ़ नहीं खाते हैं, ना ही वह धारणा रही है कि बीजेपी को हराया नहीं जा सकता। अब बीजेपी को समझ आ रहा है कि लोग अच्छे प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं।
  • Modi channi kejriwal
    रवीश कुमार
    चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं
    18 Feb 2022
    प्रधानमंत्री मोदी बताएं कि तालाबंदी के समय यूपी और बिहार के मज़दूर जब दर-दर भटक रहे थे तब वे क्या कर रहे थे? पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने तो बयान दिया है लेकिन हरियाणा की खट्टर सरकार ने तो…
  • yogi
    भाषा
    सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जारी 274 भरपाई नोटिस वापस लिए गए: उप्र सरकार
    18 Feb 2022
    न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकान्त की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपये की पूरी राशि वापस करेगी जो 2019 शुरू की गई कार्रवाई के तहत कथित प्रदर्शनकारियों से वसूली गई थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License