NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
बिहार में कई ज़िलों में बनाई गई मानव श्रृंखला : वकील, शिक्षक, महिलाओं की बड़ी भागीदारी
तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ महागठबंधन के आह्वान पर राज्य भर में लोगों ने उपवास रखा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Jan 2021
बिहार

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर पूरे बिहार में महात्मा गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर उपवास का आयोजन किया गया।

तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ महागठबंधन के आह्वान पर शनिवार को राज्य भर में मानव श्रृंखला भी बनाई गई। आम लोगों ने इस कार्यक्रम को अपना समर्थन देते हुए लंबी-लंबी कतारें लगाईं। जीटी रोड सहित सभी राष्ट्रीय पथों, राज पथों पर महागठबंधन के सभी दलों ने इसमें हिस्सा लिया।

गया जिले में जीटी रोड यानी एनएच 2 पर बाराचट्टी से लेकर शेरघाटी तक लंबी मानव श्रृंखला आयोजित की गई। गया-डोभी मार्ग एनएच 83 पर बोधगया में आयोजित मानव शृंखला में सैंकड़ों की तादाद में किसानों की भागीदारी हुई।

अरवल में एनएच 139 व एनएच 110 पर मानव शृंखला आयोजित हुई। इसमें लगभग एक हजार किसानों ने भागीदारी की। जहानाबाद शहर में पटना-गया मुख्य मार्ग पर सड़क के किनारे-किनारे लंबी कतारें देखने को मिली।

सिवान जिले में इस आह्वान का खासा असर देखा गया। वहां शहर में कचहरी ढाला से जेपी चौक होते हुए बबुनिया मोड़ तक शहर की आम जनता ने एक लंबी कतार लगाई. शहर में ही आंदर ढाला से ओवरब्रिज होते हुए सिवान रेलवे स्टेशन तक भी मानव शृंखला आयोजित की गई।

समस्तीपुर के ताजपुर में महागठबंधन के समर्थकों ने मानव श्रृंखला बनाई और फिर शहर में गाते-बजाते, कृषि कानूनों को वापस करने के नारे लगाते हुए आकर्षक मार्च भी निकाला. मार्च में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय थी।

लोहिया चरण सिंह कॉलेज के शिक्षक-कर्मचारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आज की मानव  श्रृंखला  का समर्थन किया और सड़क पर उतर कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।

मुज़फ़्फ़रपुर शहर में इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं ने लंबी कतारें सृजित कीं। बेगूसराय व बलिया में एनएच 31 पर माले कार्यकर्ताओं ने कतारें लगाईं। भागलपुर में एनच 80 और नवगछिया में एनएच 31 पर यह श्रृंखला बनाई गई। खगड़िया में भी इस कार्यक्रम में लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

बक्सर में एनएच 84 पर दो स्थानों ज्योति चैक व ब्रह्मपुर में श्रृंखला आयोजित हुई ,जिसमें हजारों किसानों ने भागीदारी की। हिलसा में बड़ी संख्या में वकील समुदाय के लोग सड़क पर उतरे और मानव श्रृंखला का हिस्सा बनकर किसान आंदोलन का समर्थन किया।

हाजीपुर में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान नेताओं ने गांधी चौक पर एक दिवसीय उपवास व सत्याग्रह किया। पालीगंज में पटना-औरंगाबाद रोड पर दसियों किलोमीटर की श्रृंखला बनी।

Bihar
farmers protest
Farm Bills
human chain
Human Chain for Farmers
All India Kisan Sabha

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License