NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
कृषि
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसानों ने विवादास्पद कृषि कानूनों पर सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज किया
अब इन कानूनों के विरोध में किसान 14 दिसंबर को राज्यों में जिला मुख्यालयों का घेराव करेंगे और 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग बंद किया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Dec 2020
किसानों ने विवादास्पद कृषि कानूनों पर सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज किया
फोटो साभार : gaon connection

नयी दिल्ली: कृषि क़ानूनों पर 14 दिन के लगातार धरने, भारत बंद और लिखित आश्वासन के बाद भी बात नहीं बन सकी है। इस बीच किसानों और सरकार के बीच पांच दौर की औपचारिक और एक दौर की गृहमंत्री के साथ अनौपचारिक बातचीत भी हो चुकी है लेकिन गतिरोध बरकरार है। किसानों की एक ही मांग है कि पहले तीनों कृषि क़ानून रद्द किए जाएं, उसके बाद कोई सार्थक बात होगी।

राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बुधवार को केंद्र के उस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा था कि वह एमएसपी को जारी रखने के लिये लिखित में आश्वासन देने को तैयार है।

किसान नेताओं ने संवाददाता सम्मेलन में यहां कहा कि सरकार अगर दूसरा प्रस्ताव भेजे तो वे उन पर विचार कर सकते हैं। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि अगर तीनों कानून रद्द नहीं किये गए तो एक के बाद एक दिल्ली की सड़कों को बंद किया जाएगा और किसान सिंघु बॉर्डर पार कर दिल्ली में प्रवेश करने के बारे में भी फैसला ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार से अगले दौर की वार्ता पर अभी कोई फैसला नहीं किया गया है।

कक्का ने कहा कि इन कानूनों के विरोध में किसान 14 दिसंबर को राज्यों में जिला मुख्यालयों का घेराव करेंगे और 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग बंद किया जाएगा।

किसान नेता दर्शन पाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 12 दिसंबर को आगरा-दिल्ली एक्सप्रेस-वे को बंद किया जाएगा और उस दिन देश के किसी भी टोल प्लाजा पर कोई कर नहीं दिया जाएगा।

वहीं, किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारुखेड़ा ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव में कुछ भी नया नहीं है और हम कृषि-विपणन कानूनों के खिलाफ अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

गौरतलब है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान पिछले कई दिनों से दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान संगठनों की अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ पांच दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन बात नहीं बन पाई है।

कल, मंगलवार को भारत बंद की सफलता के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने आनन-फानन में किसान संगठनों के 13 नेताओं से रात के समय बातचीत के लिए बुलाया। करीब दो घंटे बैठक भी चली लेकिन उसमें भी कोई हल नहीं निकल पाया।

उसके बाद बुधवार को सरकार और किसानों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली छठे दौर की वार्ता रद्द कर दी गई थी। और सरकार ने कहा कि कैबिनेट बैठक करके एक लिखित प्रस्ताव किसानों को भेजा जाएगा, लेकिन ये प्रस्ताव भी कुछ नया प्रस्ताव नहीं दे सका और गतिरोध पहले की तरह जारी है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Farm Bills
Agriculture Laws
farmers protest
Farmers reject government's proposal
Amit Shah
BJP
Modi government

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License