NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के कथित गबन प्रकरण में फारूक अब्दुल्ला से पूछताछ
फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि “यह कुछ और नहीं बल्कि ‘गुपकर घोषणा’ के तहत ‘पीपुल्स अलायंस’ के गठन के बाद की जा रही प्रतिशोध की राजनीति है।”
भाषा
19 Oct 2020
cartoon click

श्रीनगर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के कोष में कथित गबन से संबंधित धन शोधन के एक मामले में सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि पहले की तरह धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष अब्दुल्ला का बयान दर्ज किया जाएगा।

ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर यह मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने जेकेसीए के महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष एहसान अहमद मिर्जा समेत कई पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

सीबीआई ने 2002 से 2011 के बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा खेल को बढ़ावा देने के लिये जेकेसीए को दिये गए अनुदान में से 43.69 करोड़ रुपये के गबन के मामले में अब्दुल्ला, खान, मिर्जा के अलावा मीर मंजूर गजनफर अली, बशीर अहमद मिसगार और गुलजार अहमद बेग (जेकेसीए के पूर्व अकाउंटेंट) के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

ईडी ने कहा कि उसकी जांच में सामने आया है कि जेकेसीए को वित्त वर्षों 2005-2006 और 2011-2012 (दिसंबर 2011 तक) के दौरान तीन अलग-अलग बैंक खातों के जरिये बीसीसीआई से 94.06 करोड़ रुपये मिले।

फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि नेशनल कान्फ्रेंस जल्द ही ईडी के सम्मनों का जवाब देगी।

उन्होंने ट्वीट किया, “यह कुछ और नहीं बल्कि ‘गुपकर घोषणा’ के तहत ‘पीपुल्स अलायंस’ के गठन के बाद की जा रही प्रतिशोध की राजनीति है।”

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
Farooq Abdullah
Jammu and Kashmir

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन
    22 Mar 2022
    दलित शोषण मुक्ति मंच(DSMM) ने पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा माँगा है और कहा राजस्थान सरकार कमजोर तबके की सुरक्षा में विफल रही है। 
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License