NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
फिल्में
कला
रंगमंच
भारत
फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
जयप्रकाश चौकसे ने ‘‘शायद’’ (1979), ‘‘कत्ल’’ (1986) और ‘‘बॉडीगार्ड’’ (2011) सरीखी हिन्दी फिल्मों की पटकथा तथा संवाद लिखे थे। चौकसे ने हिन्दी अखबार ‘‘दैनिक भास्कर’’ में लगातार 26 साल ‘‘परदे के पीछे’’ के शीर्षक से रोजाना स्तंभ लिखा।
भाषा
02 Mar 2022
फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का निधन
TV9

इंदौर (मध्यप्रदेश): फिल्म लेखक और समीक्षक जयप्रकाश चौकसे का इंदौर में दिल का दौरा पड़ने से 82 वर्ष की उम्र में बुधवार को निधन हो गया। वह फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे।

चौकसे के बेटे राजू चौकसे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया, ‘‘घर में आराम कर रहे मेरे पिता को अचानक दिल का दौरा पड़ा। उनके बेसुध होने पर मेरी डॉक्टर पत्नी ने जांच की, तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है।’’

राजू चौकसे ने बताया कि उनके पिता पिछले सात साल से फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित थे और विगत तीन महीने से उनकी तबीयत ज्यादा खराब चल रही थी।

जयप्रकाश चौकसे ने ‘‘शायद’’ (1979), ‘‘कत्ल’’ (1986) और ‘‘बॉडीगार्ड’’ (2011) सरीखी हिन्दी फिल्मों की पटकथा तथा संवाद लिखे थे। उन्होंने महाभारत पर आधारित एक टीवी धारावाहिक के लेखन विभाग के प्रमुख का जिम्मा भी संभाला था।

चौकसे ने हिन्दी अखबार ‘‘दैनिक भास्कर’’ में लगातार 26 साल ‘‘परदे के पीछे’’ के शीर्षक से रोजाना स्तंभ लिखा जिसमें वह फिल्म संसार के अलग-अलग पहलुओं पर बात करते थे।

खराब सेहत से जूझ रहे फिल्म समीक्षक ने अपनी मृत्यु से पांच दिन पहले ही इस स्तंभ की आखिरी किस्त लिखकर इसे विराम दिया था।

इस बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चौकसे के देहांत पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘अद्भुत लेखन प्रतिभा के धनी, हिन्दी फिल्म जगत पर लगभग तीन दशक तक लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश चौकसे जी के निधन की खबर दुखद है।’’

मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर आगे लिखा, ‘‘ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। अपनी रचनाओं से आप (चौकसे) सदैव हमारे बीच बने रहेंगे।’’

चौकसे, फिल्म वितरकों के संगठन सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे थे।

 

Film writer
Critic
Jaiprakash Chouksey
Passes Away
Indore

Related Stories


बाकी खबरें

  • सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़ना, लैंगिग समानता के लिए एक उम्मीद है
    सोनिया यादव
    सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़ना, लैंगिग समानता के लिए एक उम्मीद है
    01 Sep 2021
    न्यायपालिका में लैंगिग समानता का मुद्दा बीते काफी समय से सुर्खियों में रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार 3 महिलाओं का जस्टिस पद के लिए शपथ लेना ऐतिहासिक है।
  • रसोई गैस के दाम फिर बढ़े, महंगाई की जबरदस्त मार
    न्यूज़क्लिक टीम
    रसोई गैस के दाम फिर बढ़े, महंगाई की जबरदस्त मार
    01 Sep 2021
    एक तरफ महंगाई, दूसरी तरफ मोदी सरकार ने तालिबान के साथ औपचारिक तौर पर बातचीत शुरू कर दी है। अभिसार शर्मा बता रहे हैं के भाजपा राजनीति कुछ और करती है और सरकार दूसरे तरीके से चलाती है
  • /Israeli-soldiers-shot-a-Palestinian-in-the-West-Bank-many-people-arrested
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायली सैनिकों ने वेस्ट बैंक में एक फ़िलिस्तीनी को मारी गोली, कई लोगों को किया गिरफ़्तार
    01 Sep 2021
    अगवा हुए लोगों में दो किशोर लड़के थे जिन्हें इज़रायली सैनिकों ने क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी गांवों को अलग करने वाली अवैध अपार्थेड वाल के पास से उठाया था।
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूएस में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे, डेमोक्रेट्स ने मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए बिल पेश किया
    01 Sep 2021
    मतदान अधिकारों के लिए वाशिंगटन में रैली में लगभग 20,000 लोगों के भाग लेने का अनुमान था वहीं कई अन्य शहरों में रैलियां और प्रदर्शन हुए।
  • malaria
    शंभूनाथ शुक्ल
    'स्वच्छ भारत' के ढोल के बीच मलेरिया से मरता भारत
    01 Sep 2021
    इस साल एक तरफ तो मानसून की बारिश अच्छी हुई, वहीं दूसरी तरफ पूरे उत्तर भारत में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया तथा वायरल बुखार ने मानसून की खुशी मायूसी में बदल दी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License