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घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
दिल्ली की एक और फैक्ट्री में आग, 43 मजदूरों की  मौत
राष्ट्रीय राजधानी में रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से अभी तक 43 लोगों की मौत हो गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Dec 2019
Delhi Fire
image courtesy: NDTV

दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से अभी तक 43 लोगों की मौत हो गई है। यह आँकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने की जानकारी सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया।

उन्होंने बताया कि आवासीय इलाके में चलाई जा रही फैक्ट्री में आग लगने के समय 50 से अधिक लोग मौजूद थे।

दमकल के अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण फंसे कई लोगों को बाहर निकालकर आरएमएल अस्पताल, लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल  एवं सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है।

कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और इनमें 15 की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।

आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।फिलहाल फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है। इलाके में लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है।

इसके अलावा कई नेताओं ने घटनास्थल पर जाकर घटना के संबंध में जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को  मुआवजे का ऐलान किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी घटना स्थल पर जाकर घटना की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को 10 लाख के मुआवजे का एलान किया।

सभी नेता घटना के बाद जाकर जांच की बात कर रहे है लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं है जब मज़दूर इस तरह से कुछ लोगों के मुनाफे के लिए आग में जलकर और धुंए से दम घुटने से मरे हों।

आपको बता दे ये वो बिल्डिंग जिसमे आग लगी है उसमे कई अलग फैक्टरियां थी, इस बिल्डिंग में जैकेट, थैले और अन्य कई तरह के सामान बनते थे। जैसा कि ऐसी अन्य फैक्ट्री में होता है, मज़दूर रात को वहीं सोते है ठीक ऐसे ही यहां भी मज़दूर सो रहे थे लेकिन ये मज़दूर रविवार की सुबह नही देख पाए।

ये कोई पहली घटना नहीं है जब रात को सोया मजदूर सुबह उठ ना सका हो।

अभी कुछ महीने पहले भी शाहदरा के औद्योगिक क्षेत्र झिलमिल में इस तरह एक फैक्ट्री में आग लगने से कई मजदूरों की मौत हुई थी। इसके आलवा 2018 में इस तरह की भयावह घटना हुई थी जिसमे 20 से अधिक मजदूरों की मौत हो गई थी। पिछले कई वर्षो में इस तरह की कई घटनाएं मिल जाएंगी जहां आग के कारण मजदूरों ने अपनी जान गंवाई। हर घटना के बाद जांच की बात कहीं गई लेकिन जांच के बाद क्या हुआ किसी को इसके बारे में जानकारी नहीं है! सरकारों ने इस तरह की घटनाओं से कोई भी सबक नही लिया अगर लिया होता तो शायद इस तरह की घटना दोबारा नहीं होती।

मजदूर संगठन एआईसीसीटीयू के राज्य सचिव अभिषेक ने न्यूज़ क्लिक से कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र की विफलता है। यह कोई घटना नहीं बल्कि एक अपराधिक कृत्य है। क्योंकि सभी मजदूर संगठनों ने सरकार को कई बार इस तरह की घटनाओं के बारे में अवगत कराया और कहा कि मजदूरों कि सुरक्षा सुनिश्चित हो लेकिन कभी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। आज इसी का नतीजा है जो बेकसूर मजदूरों ने अपनी जान गंवाई है।

आगे वो कहते हैं सरकार बिना किसी जांच के ही फैक्ट्री मालिकों को लाइसेंस दे रही है, जहां ना मजदूरों कि सुरक्षा और न ही किन्हीं श्रम कानूनों का पालन होता है। ये सभी गैर कानूनी काम सरकारी तंत्र की मिलीभगत से होता है। इसलिए यह एक हादसा नहीं बल्कि मजदूरों को जानबूझकर मारा जा रहा  है, इसलिए दोषियों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनाज मंडी में एक इमारत में आग लगी। आग इतनी भयानक थी कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 30 से ज़्यादा गाड़ियां पहुंची।हालांकि देखते ही देखते आग बढ़ती ही चली गई।

delhi fire
Anaj Mandi
Ram Manohar Lohia HOSPITAL
Delhi factory fire
Hindu Rao Hospital

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