NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
दिल्ली की एक और फैक्ट्री में आग, 43 मजदूरों की  मौत
राष्ट्रीय राजधानी में रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से अभी तक 43 लोगों की मौत हो गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Dec 2019
Delhi Fire
image courtesy: NDTV

दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लगने से अभी तक 43 लोगों की मौत हो गई है। यह आँकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने की जानकारी सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर मिली जिसके बाद दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया।

उन्होंने बताया कि आवासीय इलाके में चलाई जा रही फैक्ट्री में आग लगने के समय 50 से अधिक लोग मौजूद थे।

दमकल के अधिकारियों ने बताया कि आग के कारण फंसे कई लोगों को बाहर निकालकर आरएमएल अस्पताल, लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल  एवं सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है।

कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और इनमें 15 की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।

आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।फिलहाल फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है। इलाके में लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है।देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है।

इसके अलावा कई नेताओं ने घटनास्थल पर जाकर घटना के संबंध में जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को  मुआवजे का ऐलान किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी घटना स्थल पर जाकर घटना की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों को 10 लाख के मुआवजे का एलान किया।

सभी नेता घटना के बाद जाकर जांच की बात कर रहे है लेकिन यह कोई पहली घटना नहीं है जब मज़दूर इस तरह से कुछ लोगों के मुनाफे के लिए आग में जलकर और धुंए से दम घुटने से मरे हों।

आपको बता दे ये वो बिल्डिंग जिसमे आग लगी है उसमे कई अलग फैक्टरियां थी, इस बिल्डिंग में जैकेट, थैले और अन्य कई तरह के सामान बनते थे। जैसा कि ऐसी अन्य फैक्ट्री में होता है, मज़दूर रात को वहीं सोते है ठीक ऐसे ही यहां भी मज़दूर सो रहे थे लेकिन ये मज़दूर रविवार की सुबह नही देख पाए।

ये कोई पहली घटना नहीं है जब रात को सोया मजदूर सुबह उठ ना सका हो।

अभी कुछ महीने पहले भी शाहदरा के औद्योगिक क्षेत्र झिलमिल में इस तरह एक फैक्ट्री में आग लगने से कई मजदूरों की मौत हुई थी। इसके आलवा 2018 में इस तरह की भयावह घटना हुई थी जिसमे 20 से अधिक मजदूरों की मौत हो गई थी। पिछले कई वर्षो में इस तरह की कई घटनाएं मिल जाएंगी जहां आग के कारण मजदूरों ने अपनी जान गंवाई। हर घटना के बाद जांच की बात कहीं गई लेकिन जांच के बाद क्या हुआ किसी को इसके बारे में जानकारी नहीं है! सरकारों ने इस तरह की घटनाओं से कोई भी सबक नही लिया अगर लिया होता तो शायद इस तरह की घटना दोबारा नहीं होती।

मजदूर संगठन एआईसीसीटीयू के राज्य सचिव अभिषेक ने न्यूज़ क्लिक से कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र की विफलता है। यह कोई घटना नहीं बल्कि एक अपराधिक कृत्य है। क्योंकि सभी मजदूर संगठनों ने सरकार को कई बार इस तरह की घटनाओं के बारे में अवगत कराया और कहा कि मजदूरों कि सुरक्षा सुनिश्चित हो लेकिन कभी इस पर ध्यान नहीं दिया गया। आज इसी का नतीजा है जो बेकसूर मजदूरों ने अपनी जान गंवाई है।

आगे वो कहते हैं सरकार बिना किसी जांच के ही फैक्ट्री मालिकों को लाइसेंस दे रही है, जहां ना मजदूरों कि सुरक्षा और न ही किन्हीं श्रम कानूनों का पालन होता है। ये सभी गैर कानूनी काम सरकारी तंत्र की मिलीभगत से होता है। इसलिए यह एक हादसा नहीं बल्कि मजदूरों को जानबूझकर मारा जा रहा  है, इसलिए दोषियों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अनाज मंडी में एक इमारत में आग लगी। आग इतनी भयानक थी कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 30 से ज़्यादा गाड़ियां पहुंची।हालांकि देखते ही देखते आग बढ़ती ही चली गई।

delhi fire
Anaj Mandi
Ram Manohar Lohia HOSPITAL
Delhi factory fire
Hindu Rao Hospital

Related Stories

दिल्ली में एक फैक्टरी में लगी आग, नौ लोग झुलसे

दिल्ली: बवाना औद्योगिक क्षेत्र में फिर फैक्ट्री में लगी आग, मज़दूरों ने उठाए गंभीर सवाल

दिल्ली हिंसा: पुलिस ने अस्पतालों में तैनात पुलिस अधिकारियों के फोन नंबर साझा किए

पीरागढ़ी हादसाः सुरक्षा इंतज़ाम के बिना मज़दूर और दमकलकर्मी

दिल्ली के किराड़ी में आग लगने से तीन बच्चों समेत नौ की मौत

दिल्ली की फ़ैक्ट्रियों में लगातार जलते मज़दूर, कौन लेगा ज़िम्मेदारी?

अनाज मंडी अग्निकांड: सिर्फ मज़दूरों की मौत नहीं, मुनाफे के लिए हत्या?

दिल्ली अनाज मंडी अग्निकांड : मुनाफे की हवस और प्रशासन के गठजोड़ से मरते मजदूर

दिल्ली: एक और फैक्ट्री में आग, फिर तीन मज़दूरों की मौत 

पश्चिमी दिल्ली के अस्पताल में लगी आग, छह मरीजों को सुरक्षित बचाया


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License