NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ईडी के विरूद्ध प्राथमिकी के आधार पर जबरिया कार्रवाई नहीं की जाएगी: केरल सरकार ने अदालत से कहा
जब ईडी के वकील ने ईडी अधिकारियों के विरूद्ध जबरिया कार्रवाई रोकने के लिए अदालत के दखल का अनुरोध किया तब राज्य ने कहा कि प्राथमिकी के आधार पर जबरिया कार्रवाई की आशंका की कोई जरूरत नहीं है।
भाषा
25 Mar 2021
ईडी के विरूद्ध प्राथमिकी के आधार पर जबरिया कार्रवाई नहीं की जाएगी: केरल सरकार ने अदालत से कहा

कोच्चि: केरल सरकार ने बुधवार को उच्च न्यायालय से कहा कि सोने की तस्करी मामले की अहम आरोपी स्वप्ना सुरेश पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के विरूद्ध बयान देने के लिए कथित रूप से डाले गये दबाव को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के खिलाफ राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी के आधार पर वह जबरिया कार्रवाई नहीं करेगी।

राज्य सरकार ने तब अदालत को यह आश्वासन दिया जब उसने प्राथमिकी खारिज करने के अनुरोध संबंधी ईडी की अर्जी सुनवाई के लिए ली।

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ने इस मामले में आंशिक बहस की।

जब ईडी के वकील ने ईडी अधिकारियों के विरूद्ध जबरिया कार्रवाई रोकने के लिए अदालत के दखल का अनुरोध किया तब राज्य ने कहा कि प्राथमिकी के आधार पर जबरिया कार्रवाई की आशंका की कोई जरूरत नहीं है।

मामले की सुनवाई में स्थगन संबंधी राज्य सरकार की अर्जी पर गौर करते हुए न्यायमूर्ति वी जी अरूण ने अगली सुनवाई का दिन अगला मंगलवार तय किया।

अपनी अर्जी में ईडी ने आरोप लगाया है कि उसके अज्ञात अधिकारियों के विरूद्ध प्राथमिकी भारी मात्रा में सोने की तस्करी के बड़े आर्थिक अपराध में धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत जांच को पटरी से उतरने की मंशा से दर्ज की गयी है।

ईडी ने अदालत से प्राथमिकी खारिज करने और जांच को राज्य पुलिस के हाथों से लेकर सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया है ताकि निष्पक्ष जांच हो।

Kerala
Kerala high court
Pinarayi Vijayan
kerala government

Related Stories

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान

अदालत ने ईसाई महिला, डीवाईएफआई के मुस्लिम नेता के अंतरधार्मिक विवाह में हस्तक्षेप से किया इनकार

सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए आंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लें : विजयन

सीपीआईएम पार्टी कांग्रेस में स्टालिन ने कहा, 'एंटी फ़ेडरल दृष्टिकोण का विरोध करने के लिए दक्षिणी राज्यों का साथ आना ज़रूरी'

सीताराम येचुरी फिर से चुने गए माकपा के महासचिव

केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License