NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का निधन
वीरभद्र सिंह की अंत्येष्टि यहां रामपुर में शनिवार को होगी। उस दिन रामपुर के पदम पैलेस में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक सिंह के अंतिम दर्शन हो सकेंगे तथा तीन बजे अंत्येष्टि होगी।
भाषा
08 Jul 2021
Virbhadra Singh

शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद बृहस्पतिवार को तड़के यहां निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे।

इंदिरा गांधी चिकित्सा कॉलेज और अस्पताल (आईजीएमसी) के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जनक राज ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने तड़के 3.40 बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली।

सोमवार को सिंह को दिल का दौरा पड़ा था और उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। उन्हें आईजीएमसी की गहर देखभाल इकाई में रखा गया था। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें बुधवार को हृदय रोग विभाग में चिकित्सकों की निगरानी में वेंटिलेटर पर रखा गया था।

पांच बार सांसद और नौ बार विधायक रहे वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। वह केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। सिंह के परिवार में पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटा विक्रमादित्य सिंह है। उनकी पत्नी पूर्व सांसद हैं जबकि बेटा शिमला ग्रामीण से विधायक है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सिंह के निधन पर शोक जताया है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिंह के सम्मान में बृहस्पतिवार को तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।

पूर्व मुख्यमंत्री 11 जून को दो महीने में दूसरी बार कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। इससे पहले वह 12 अप्रैल को इस महामारी की चपेट में आए थे। उस समय उन्हें चंडीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पहली बार संक्रमण से उबरने के बाद वह चंडीगढ़ से 30 अप्रैल को यहां अपने निवास होली लॉज लौट आए थे। हालांकि घर पहुंचने के कुछ ही घंटों के बाद सांस लेने में तकलीफ और हृदय संबंधी शिकायतों के बाद उन्हें आईजीएमसी में भर्ती कराना पड़ा। तभी से वहां उनका इलाज हो रहा था।

शिमला जिले में बुशहर के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिंह का जन्म सराहन में 23 जून 1934 को हुआ था। उन्होंने बिशप कॉटन स्कूल, शिमला से पढ़ाई की और दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से मास्टर डिग्री ली।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता आठ अप्रैल 1983 से पांच मार्च 1990 तक, तीन दिसंबर 1993 से 23 मार्च 1998 तक, छह मार्च 2003 से 29 दिसंबर 2007 तक और छठी बार 25 दिसंबर 2012 से 26 दिसंबर 2017 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वह मार्च 1998 से मार्च 2003 तक विपक्ष के नेता भी रहे।

उन्होंने केंद्र सरकार में पर्यटन और नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री और उद्योग राज्यमंत्री का पद भी संभाला। सिंह ने केंद्रीय इस्पात मंत्री और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री के रूप में भी काम किया।

दिसंबर 2017 में वह सोलन ज़िले के अर्की विधानसभा क्षेत्र से 13वीं विधानसभा के लिए फिर से चुने गए थे। इससे पहले वह अक्टूबर 1983 (उपचुनाव) में राज्य विधानसभा में निर्वाचित हुए, 1985 में जुब्बल-कोटखई निर्वाचन क्षेत्र से पुन: निर्वाचित हुए, 1990, 1993, 1998, 2003 और 2007 में वह रोहरू से जीते और 2012 में शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए।

सिंह 1977, 1979, 1980 और 26 अगस्त 2012 से दिसंबर 2012 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री ठाकुर और कई अन्य नेताओं ने सिंह के निधन पर शोक जताया है। सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए ठाकुर ने कहा कि उनके निधन से पैदा हुआ खालीपन कभी नहीं भर पाएगा। उन्होंने कहा कि सिंह का राज्य के विकास में अनुकरणीय योगदान है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और उल्लेखनीय काम हमारे लिए प्रेरणादायक रहेगा।

शिमला के सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भाजपा के हिमाचल प्रदेश मामलों के प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने भी सिंह के निधन पर शोक जताया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ ने कहा, ‘‘निशब्द, एक युग का अंत।’’

फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, ‘‘एक युग का अंत। दिलों पर राज करने वाला अब नहीं रहा। विनम्र श्रद्धांजलि।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को एक सक्षम प्रशासक और एक सज्जन पुरुष बताया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह जी के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं। एक सक्षम प्रशासक और सज्जन व्यक्ति सिंह सभी लोगों के प्रिय थे, वह न केवल हमारे जैसे कई लोगों के बड़े भाई थे बल्कि एक मार्गदर्शक भी थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।’’

कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सिंह के निधन पर शोक जताया।

वीरभद्र सिंह की अंत्येष्टि यहां रामपुर में शनिवार को होगी। उनके परिवार के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

परिवार के प्रवक्ता यशवंत छाजटा ने बताया कि सिंह की अंत्येष्टि  रामपुर में दस जुलाई को दोपहर तीन बजे होगी।

सिंह की पार्थिव देह को शिमला के उनके निजी आवास होली लॉज में रखा गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए माकपा विधायक राकेश सिंघा, कई अन्य नेता और हजारों समर्थक होली लॉज पहुंचे।

छाजटा ने बताया कि सिंह की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए बृहस्पतिवार को पूरे दिन होली लॉज में रखा जाएगा। शुक्रवार को सुबह नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक जनता रिज मैदान में दिवंगत नेता के अंतिम दर्शन कर सकेगी। इसके बाद पार्थिव देह को शिमला में कार्ट रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ ले जाया जाएगा जहां सुबह 11.40 से दोपहर एक बजे तक उनके दर्शन किए जा सकेंगे और उसके बाद दोपहर एक बजे सड़क मार्ग से रामपुर ले जाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि रामपुर के पदम पैलेस में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक सिंह के अंतिम दर्शन हो सकेंगे तथा तीन बजे अंत्येष्टि होगी।

Virbhadra Singh
Himachal Pradesh
Virbhadra Singh passes away

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग

बुमला : हिमाचल के ऊंचे इलाकों में भारत-चीन आमने-सामने

हिमाचल: जलशक्ति विभाग के मज़दूरों ने किया प्रदर्शन, कहा अगर मांगे नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन तेज़

हिमाचल: सेब के उचित दाम न मिलने से गुस्साए किसानों का प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन

हिमाचल: आईजीएमसी वर्कर्स यूनियन का आउटसोर्स व ठेका मज़दूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन  

सवर्ण आयोग: शोषणकारी व्यवस्था को ठोस रूप से संस्थागत बनाने का नया शिगूफ़ा


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License