NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राज्य सभा के पूर्व सदस्य चंदन मित्रा का निधन
भाजपा के पूर्व सांसद एवं अनुभवी पत्रकार चंदन मित्रा का 65 की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे कुशन मित्रा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। वह ‘पायनियर’ समाचार-पत्र के संपादक थे।
भाषा
02 Sep 2021
राज्य सभा के पूर्व सदस्य चंदन मित्रा का निधन

नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद एवं अनुभवी पत्रकार चंदन मित्रा का 65 की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे कुशन मित्रा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। वह ‘पायनियर’ समाचार-पत्र के संपादक थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्रकार को उनकी बुद्धिमता एवं पारखी नजरों के लिए याद किया और उनके निधन पर शोक प्रकट किया।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “श्री चंदन मित्रा जी को उनकी बुद्धिमता एवं परख के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने मीडिया जगत के साथ-साथ राजनीति में खुद की पहचान बनाई। उनके निधन से दुखी हूं। उनके परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।”

कुशन मित्रा ने कहा कि उनके पिता पिछले कुछ वक्त से बीमार थे। उन्होंने ट्वीट किया, “मेरे पिता जी का कल देर रात निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से कष्ट में थे।” इस संबंध में अन्य ब्योरों की प्रतीक्षा की जा रही है। राज्य सभा के पूर्व सदस्य को भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी का करीबी माना जाता था।

भाजपा सांसद स्वपन दासगुप्ता ने मित्रा के साथ 1972 की एक तस्वीर पोस्ट की और कामना की कि उनका दोस्त जहां भी रहे, खुश रहे।

उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने अपने करीबी मित्र - पायनियर के संपादक एवं पूर्व सांसद चंदन मित्रा को आज सुबह खो दिया। हम ला मार्टिनियर के विद्यार्थियों के तौर पर एक साथ थे और सेंट स्टीफंस और ऑक्सफोर्ड गए थे। हमने एक ही वक्त पर पत्रकारिता शुरू की थी और अयोध्या एवं भगवा लहर के उत्साह को साथ में महसूस किया था।”

दासगुप्ता ने कहा, “मैं 1972 की एक स्कूल यात्रा के दौरान की अपनी और चंदन मित्रा की तस्वीर पोस्ट कर रहा हूं। मेरे प्रिय मित्र जहां भी रहो, खुश रहो। ओम शांति।”

Chandan Mitra
Chandan Mitra passes away
Ex-Rajya Sabha MP

Related Stories


बाकी खबरें

  • cartoon
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    देश के 10 राज्यों में कोविड-19 के दैनिक मामलों में तेजी से बढ़ोतरी
    12 Apr 2021
    देश में टीका ‘उत्सव’ के बीच कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि कहने वाले कह रहे हैं कि पूरे देश में चुनाव करवा लो, या कुंभ जैसे मेले, कोरोना का झंझट ही ख़त्म हो जाएगा! कार्टूनिस्ट इरफ़ान…
  • मोदी सरकार और उसकी मज़दूर वर्ग की समस्याओं के प्रति निष्ठुरता
    प्रभात पटनायक
    मोदी सरकार और उसकी मज़दूर वर्ग की समस्याओं के प्रति निष्ठुरता
    12 Apr 2021
    अमरीका के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार, एलिजाबेथ वारेन ने जब डैमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी की दावेदारी के लिए अपने प्रचार अभियान के दौरान, उत्तरोत्तर बढ़ती दर से संपत्ति कर लगाने का प्रस्ताव किया
  • नुक्कड़ नाटक।
    अनीश अंकुर
    बहस: नुक्कड़ नाटक और उनका एनजीओ करण
    12 Apr 2021
    शासकवर्गीय संस्कृति की यह एक ऐतिहासिक रणनीति रही है कि वो अपने ख़िलाफ़ आने वाली हर विधा को अपने में समाहित कर लेना चाहती है। नुक्कड़ नाटक के साथ भी ऐसी ही कोशिश  की जा रही है। राष्ट्रीय नुक्कड़ नाटक…
  •  (क्लॉकवाइज) सुब्रत बिस्वास, बरौनी मेला का उत्सव, सुधा डे और शिल्पी रॉय | श्रेय: स्नेहाशीष मिस्त्री और ईन्यूज़रूम  
    शाहनवाज़ अख़्तर
    बंगाल चुनाव : मतुआ समुदाय को न कोविड-19 का डर, न चुनाव का
    12 Apr 2021
    प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही बांग्लादेश में मतुआ समुदाय के पवित्र स्थान का दौरा किया हो, लेकिन मतुआ समुदाय ने इस बात पर चुप्पी साध रखी है कि वे किसे वोट देंगे, यह वह राज़ जो अभी तक उनके मन में ही दबा…
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में रविवार 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक टीका उत्सव ‘लॉन्च’ किया गया है। फोटो साभार: पीटीआई
    राज कुमार
    क्या उन परिवारों को भी टीका उत्सव मनाना है जहां कोरोना से मौत हुई है?
    12 Apr 2021
    प्रधानमंत्री का ये सेलिब्रेशन मोड नया नहीं है। असल में जब सरकारें तबाही को रोक नहीं पाती या कहें कि प्राथमिकता नहीं होती तो तबाही को ही उत्सव में बदल दिया जाता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License