NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
शिक्षा
भारत
राजनीति
स्कूल तोड़कर बीच से निकाल दी गई फोर लेन सड़क, ग्रामीणों ने शुरू किया ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान
बिहार के भोजपुर ज़िले में स्थित तारामणि भगवान साव उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोइलवर जो पूरे इलाके के सैंकड़ों बच्चों की शिक्षा का एकमात्र सरकारी केंद्र था. उस स्कूल परिसर को बीच में से तोड़कर फोरलेन सड़क निकाल दी गई है।
अनिल अंशुमन
02 Sep 2021
स्कूल तोड़कर बीच से निकाल दी गई फोर लेन सड़क, ग्रामीणों ने शुरू किया ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान

ये तो सभी ने खुली आंखों से देखा है कि किस प्रकार से कोरोना महामारी काल ने केंद्र से लेकर सभी राज्यों की सरकारों की भांति बिहार सरकार की भी लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को उधेड़ कर रख दिया. लेकिन अब अनलॉक की स्थिति ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी है. बिहार सरकार ने विगत दिनों से प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की जो स्थिति कर रखी है, उसका भी काला सच अब खुलकर सामने रहा है।

इसका एक नज़ारा दिखा 1 सितम्बर के दिन भोजपुर जिला के कोईलवर स्थित फोर लेन नेशनल हाइवे पर जहां स्थानीय लोगों द्वारा ‘सड़क पर स्कूल’ चलाया गया।

यहाँ सुबह ठीक 10 बजे स्कूल के समयानुसार घंटी की जगह थाली बजाकर सड़क पर पाठशाला लगाई गयी. स्कूल संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार स्कूल यूनिफॉर्म पहने हुए सभी छात्र छात्राओं ने प्रार्थना में राष्ट्रगान गाकर खुद से ही पठन पाठन का कार्य चलाया. स्कूल में शामिल सैकड़ों छात्र छात्राओं ने एक स्वर से यह नारा भी लगाया कि जब तक पढ़ने के लिए नहीं बनेगा नया स्कूल, तब तक सड़क पर ही चलेगा स्कूल।

पिछले कोरोना काल में आरा सदर अस्पताल में संक्रमितों की दिन रात सेवा के लिए चर्चित रहे इंक़लाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाकपा माले के युवा विधायक मनोज मंजिल की पहल पर कोईलवर के स्थानीय अभिभावक मंच ने इस ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान का आयोजन किया था।

इसे समर्थन देने के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकगण और सैकड़ों की तादात में स्थानीय ग्रामीण भी पहुंचे. जो इस बात से काफी आक्रोशित हैं कि पिछले कई दशकों से संचालित तारामणि भगवान साव उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोइलवर जो इधर के पूरे इलाके के सैंकड़ों परिवारों के बच्चों की शिक्षा का एकमात्र सरकारी केंद्र था. उस स्कूल परिसर को बीच में से तोड़कर फोरलेन सड़क निकाल दी गई है।

स्कूल परिसर में ही आयोजित सड़क उद्घाटन समारोह में घोषणा हुई थी कि तोड़ा गया यह स्कूल ज़ल्द से ज़ल्द बनवा दिया जाएगा. लेकिन आज तक वह घोषणा पूरी नहीं की गयी. जिससे वहां पढ़ रहे सभी 1600 विधार्थियों का शैक्षिक भविष्य अंधकारमय हो गया है. स्कूल निर्माण के लिए सभी बच्चों के अभिभावकों ने क्षेत्र के माननीय सांसद और विधायक जी से लेकर प्रशासन के सभी आला अफसरों से मिलकर गुहार भी लगाई थी, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।

स्कूल नहीं बनने से विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ साथ क्षेत्र के सभी बाशिंदे भी सरकार और प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से काफी क्षुब्ध हैं कि विकास के नाम पर जिस तरह आनन फ़ानन में स्कूल तोड़कर फोरलेन हाइवे बना दिया गया, उसी विकास के नाम स्कूल क्यों नहीं बनाया जा रहा है।

कोइलवर के लोगों ने अपनी फ़रियाद माले विधायक मनोज मंजिल तक पहुंचाई. जो पिछले कई वर्षों से अपने विधान सभा क्षेत्र अगियावं में सरकारी स्कूलों के संचालन के प्रति सरकार, विभाग और प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ निरंतर ‘सड़क पर स्कूल’ अभियान का नागरिक प्रतिवाद संगठित कर रहें हैं।

मनोज मंजिल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए इस स्कूल का दौरा कर वस्तुस्थिति की पूरी जानकारी ली. साथ ही उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई छात्र व नागरिक बैठकें कीं. इसी क्रम में 7 अगस्त को छात्र व अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल लेकर वे भोजपुर डीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्यार्थियों हेतु वर्ग संचालन की मांग की।

जिसका सकारात्मक जवाब भी मिला, दूसरे ही दिन जिला शिक्षा अधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ वहाँ पहुंचे. टूटे हुए स्कूल परिसर में ही ज़मीन पर बैठकर उनसे बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी दी गयी. वहाँ उपस्थित स्कूल के छात्र छात्राओं और अभिभावकों ने भी स्कूल के शुरू नहीं होने से सबकी पढ़ाई के नुकसान से अवगत कराया. शिक्षा अधिकारी द्वारा ज़ल्द से ज़ल्द ज़मीन मापकर स्कूल निर्माण का आश्वासन भी दिया गया. लेकिन इसका भी कोई परिणाम नहीं निकला। तब मजबूरन लोगों ने तय किया कि सरकार और प्रशासन को जगाने के लिए अब सड़क पर ही स्कूल लगाकर प्रतिवाद अभियान शुरू किया जाय।

“सड़क पर स्कूल” अभियान का नेतृत्व कर रहे विधायक मनोज मंजिल ने अभियान को संबोधित करते हुए कहा कि कॉर्पोरेट भाजपा सरकारों की तर्ज़ पर ही बिहार सरकार, निजी स्कूलों को बढ़ावा देने और सरकारी स्कूल व्यवस्था को ध्वस्त करने में लिप्त है. सरकारी स्कूल तोड़ना शिक्षा के मौलिक अधिकार पर हमला है और यह बिहार सरकार की शिक्षा की बदहाल स्थिति को दिखाने के लिए काफी है. इस मामले में बिहार सरकार अपनी जिम्मेवारी से भाग नहीं सकती।

अभियान का संचालन करते हुए स्थानीय शिक्षक हिमांशु पाठक ने भी स्कूल के साथ साथ कोइलवर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अविलम्ब स्कूल निर्माण की मांग उठायी. कार्यक्रम को समर्थन दे रहे स्थानीय नागरिक समाज के लोगों ने भी इस विषय पर अपने विचार रखे।

सड़क पर स्कूल अभियान को वहां जुटे हजारों नागरिकों ने जहां भरपूर समर्थन दिया, वहीं सरकार परस्त गोदी मीडिया ने हमेशा की भांति इस आन्दोलन की भी नकारात्मक छवि दिखाते हुए इससे हुए जाम को ही मुख्य खबर बनाया. सड़क पर आने जाने वालों की हो रही मुश्किलों की व्यापक चर्चा करते हुए तस्वीरों के साथ दिखलाया गया कि किस तरह से सड़क पर स्कूल से हुई जाम की स्थिति से बक्सर – पटना फोर लेन हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लम्बी क़तार लग गयी. वहाँ दंगा निरोधी बल और भारी पुलिस के साथ पहुंचे एडीएम व एसडीएम तथा स्थानीय प्रशासन के लोगों ने आन्दोलनकारियों से वार्ता कर जाम हटाना चाहा।

देर शाम प्रशासन द्वारा ज़ल्द से ज़ल्द उनकी मांगे पूरी किये जाने का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही आंदोलनकारी वहाँ से हटे. देखना है कि इस बार यह वायदा कब तक पूरा होता है. लेकिन चर्चा यही है कि सरकारी स्कूल व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ‘सड़क पर स्कूल’ जन दबाव एक कारगर रास्ता बन सकता है।

Bihar
Bhojpur
Government schools
Nitish Kumar
Nitish Government
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • bihar school
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की मांग में भाकपा-माले विधायकों का प्रदर्शन
    08 Mar 2022
    “2.75 लाख शिक्षक के पद नीचले स्तर पर खाली हैं और कॉलेज लेवल पर अभी भी करीब 70 प्रतिशत शिक्षक के पद खाली हैं। पढ़ने-लिखने वाले गरीब के बच्चे शिक्षा महंगी होने के चलते वे इससे दूर हो रहे हैं।"
  • एम. के. भद्रकुमार
    रूस ने अपने ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों पर जवाबी कार्रवाई की
    08 Mar 2022
    ईरान के साथ परमाणु समझौते और मॉस्को-तेहरान के द्विपक्षीय संबंधों के बारे में रूस अमेरिका से “बेहद साफ़ शब्दों” में जवाब चाहता है।
  • womens day
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी एक आशा की किरण है
    08 Mar 2022
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 भारतीय महिलाओं के लिए मजबूत प्रासंगिकता के साथ राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं की एक श्रृंखला के बीच आता है। महिलाएं अपने अधिकारों को लागू करने और सार्वजनिक मंचों पर अपनी…
  • EXITPOLL
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया
    08 Mar 2022
    पिछले डेढ़-दो महीने से जारी चुनाव खत्म हो चुके हैं अब नतीजों का इंतज़ार है, हालांकि उससे पहले जारी एग्ज़िट पोल में भाजपा की सरकार दिखाई जा रही है।
  • Ukrainian
    मोहम्मद शबीर
    यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने युवा कम्युनिस्ट नेताओं को गिरफ्तार किया 
    08 Mar 2022
    वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डेमोक्रेटिक यूथ और अन्य प्रगतिशील संगठनों ने यूक्रेन के लेनिनवादी कम्युनिस्ट यूथ यूनियन के नेताओं अलेक्सांद्र कोनोनोविच और मिखाइल कोनोनोविच की गिरफ्तारी की निंदा की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License