NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़्रांस : संकटग्रस्त विश्वविद्यालय के छात्रों ने सरकार से मदद की मांग की
फ़्रांस भर में ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित और पार्ट टाइम नौकरियों से अपनी आय और छात्रवृत्ति से वंचित विश्वविद्यालय के छात्र भारी वित्तीय, शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
22 Jan 2021
फ़्रांस

सरकार से COVID-19 प्रतिबंधों से प्रभावित अपने पीड़ित साथियों की मदद के लिए ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्रों ने पेरिस, लिली,बोर्डोक्स, रेनेस सहित फ्रांस के प्रमुख शहरों में रैली निकाली। पेरिस में बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय तक मार्च किया। इन बैनरों पर लिखा था, 'वी विल नॉट बी दी सैक्रीफाइस्ड जेनरेशन'। इस रैली का आह्वान छात्रों की यूनियनों यूनियन ऑफ कम्युनिस्ट स्टूडेंट्स (यूईसी), नेशनल यूनियन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ फ्रांस(यूएनईएफ), स्टूडेंट्स सॉलिडैरिटी और यंग कम्युनिस्ट मूवमेंट ऑफ फ्रांस (एमजेसीएफ), यंग रिबेल्स, यंग इकोलॉजिस्ट आदि ने किया था।

नाराज़ छात्रों को नाराजगी दूर करने के लिए 21 जनवरी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने पेरिस-सैकले विश्वविद्यालय में एक बैठक की। इस बैठक में मैक्रोन ने कहा है कि "शैक्षणिक वर्ष के दूसरे सेमेस्टर में सामान्य स्थिति का लौटना संभव नहीं है और हमें गर्मी तक स्वास्थ्य संबंधी नियमों के साथ ही रहना होगा"। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि युवा सप्ताह में एक दिन विश्वविद्यालय जा सकें और जरूरत पड़ने पर सभी छात्रों के लिए विश्वविद्यालय के रेस्तरां में एक यूरो में एक दिन में दो वक्त का भोजन देने का वादा किया। फ्रांस भर में विश्वविद्यालय के छात्र - ऑनलाइन कक्षाओं तक सीमित हैं और पार्ट टाइम नौकरियों से अपनी आय और छात्रवृत्ति से वंचित हैं -गंभीर वित्तीय, शैक्षणिक और मनोवैज्ञानिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

बुधवार को नेशनल यूनियन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ फ्रांस (यूएनईएफ) के अध्यक्ष मेलैनी लूसे ने मीडिया को बताया कि "असुरक्षा चरम पर है और यह अब हम तक पहुंच रही है। हमें अब सिर्फ जवाब चाहिए, छह महीने में नहीं, पांच साल में नहीं जो वे हमेशा हमसे वादा कर रहे हैं।”

इस लामबंदी को लेकर यूनियन ऑफ कम्युनिस्ट स्टूडेंट्स (यूईसी) के राष्ट्रीय सचिव अनैस फ्ले ने क्लार्टे में कहा है कि "अधिकारियों को छात्रों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं की अनदेखी करना बंद करना चाहिए"। लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से यूईसी छात्रों के लिए आय की मांग कर रहा है जो सोशल सिक्योरिटी द्वारा वित्तपोषित है।

छात्र/युवा प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि वे 26 जनवरी को छात्रों और शिक्षकों के एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का आयोजन करेंगे और 4 फरवरी को ट्रेड यूनियनों द्वारा राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में शामिल होंगे।

France
COVID-19
Union of Communist Students
UEC
National Union of Students of France
UNEF
MJCF
Young Rebels
Young Ecologist
university students

Related Stories

कोरोना लॉकडाउन के दो वर्ष, बिहार के प्रवासी मज़दूरों के बच्चे और उम्मीदों के स्कूल

कर्नाटक: वंचित समुदाय के लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, सूदखोरी और बच्चों के अनिश्चित भविष्य पर अपने बयान दर्ज कराये

लॉकडाउन में लड़कियां हुई शिक्षा से दूर, 67% नहीं ले पाईं ऑनलाइन क्लास : रिपोर्ट

शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर

शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 

विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट

ऑनलाइन शिक्षा में विभिन्न समस्याओं से जूझते विद्यार्थियों का बयान

उत्तराखंड में ऑनलाइन शिक्षा: डिजिटल डिवाइड की समस्या से जूझते गरीब बच्चे, कैसे कर पाएंगे बराबरी?

कोरोना: ऑनलाइन पढ़ाई के दौर में बहुत पीछे छूटा अफ्रीका

वैश्विक महामारी कोरोना में शिक्षा से जुड़ी इन चर्चित घटनाओं ने खींचा दुनिया का ध्यान


बाकी खबरें

  • language
    न्यूज़क्लिक टीम
    बहुभाषी भारत में केवल एक राष्ट्र भाषा नहीं हो सकती
    05 May 2022
    क्या हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देना चाहिए? भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर अब तक हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की जद्दोजहद कैसी रही है? अगर हिंदी राष्ट्रभाषा के तौर पर नहीं बनेगी तो अंग्रेजी का…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    "राजनीतिक रोटी" सेकने के लिए लाउडस्पीकर को बनाया जा रहा मुद्दा?
    05 May 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार सवाल उठा रहे हैं कि देश में बढ़ते साम्प्रदायिकता से आखिर फ़ायदा किसका हो रहा है।
  • चमन लाल
    भगत सिंह पर लिखी नई पुस्तक औपनिवेशिक भारत में बर्तानवी कानून के शासन को झूठा करार देती है 
    05 May 2022
    द एग्ज़िक्युशन ऑफ़ भगत सिंह: लीगल हेरेसीज़ ऑफ़ द राज में महान स्वतंत्रता सेनानी के झूठे मुकदमे का पर्दाफ़ाश किया गया है। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल
    05 May 2022
    राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि अगर गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने वाला फ़ैसला आता है, तो एक ही जेंडर में शादी करने जैसे दूसरे अधिकार भी ख़तरे में पड़ सकते हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अंकुश के बावजूद ओजोन-नष्ट करने वाले हाइड्रो क्लोरोफ्लोरोकार्बन की वायुमंडल में वृद्धि
    05 May 2022
    हाल के एक आकलन में कहा गया है कि 2017 और 2021 की अवधि के बीच हर साल एचसीएफसी-141बी का उत्सर्जन बढ़ा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License