NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
एक्टिविस्ट ने प्रमुख बीडीएस एक्टिविस्ट महमूद नवाजा की तत्काल रिहाई की मांग की
फिलिस्तीन में बीडीएस के राष्ट्रीय समिति के महासचिव नवाजा को गुरुवार तड़के इज़रायली क़ब्ज़े वाली सेना ने गिरफ़्तार कर लिया।
पीपल्स डिस्पैच
31 Jul 2020
 महमूद नवाजा

इज़रायली सैनिक 30 जुलाई की सुबह क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के रामल्ला में फिलिस्तीनी बायकॉट, डाइवेस्टमेंट एंड सैंक्शन (बीडीएस) मूवमेंट की राष्ट्रीय समिति के महासचिव महमूद नवाजा के घर में घुस गए और उन्हें गिरफ़्तार कर लिया।

नवाजा (34) इज़रायल के क़ब्ज़े के मुखर विरोधी हैं और फिलिस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ इसके रंगभेद नीति के विरोधी रहे हैं। उन्होंने "21वीं सदी के रंगभेद नीति" के बढ़ने को लेकर वेस्ट बैंक के क़ब्ज़े वाले हिस्सों को इज़रायल द्वारा प्रस्तावित एनेक्सेशन की आलोचना की है। इसके ख़िलाफ़ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की मांग की है।

बीडीएस मूवमेंट द्वारा जारी बयान के अनुसार बड़ी संख्या में इज़रायल की सेना ने सुबह क़रीब साढ़े तीन बजे नवाजा के घर में घुस आए और उन्हें ले जाने से पहले उनकी पत्नी और तीन बच्चों के सामने आंखों पर पट्टी बांधकर नवाजा को हथकड़ी लगा दी। आख़िरी रिपोर्टों के अनुसार गिरफ़्तारी के 24 घंटे बाद भी उनका पता नहीं है कि उन्हें कहा ले जाया गया है।

नवाजा उन 17 अन्य फिलिस्तीनियों में से एक थें जिन्हें गुरुवार और बुधवार को क़ब्ज़े वाले फिलिस्तीन के विभिन्न हिस्सों से इज़रायली सैनिकों ने गिरफ़्तार किया था।

दक्षिण अफ्रीकी रंगभेद विरोधी आंदोलन से प्रभावित फिलिस्तीनियों ने 2005 में इज़रायल के आर्थिक और सांस्कृतिक बहिष्कार के लिए एक वैश्विक अभियान के रूप में बीडीएस आंदोलन शुरू किया ताकि वह अपने क़ब्ज़े और रंगभेद नीति को समाप्त करने के लिए दबाव बना सके। हालांकि यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण है लेकिन इज़रायल ने सक्रिय रूप से इनके आंदोलन को दबाने की कोशिश की और यहूदी-विरोधी कहकर इनके एजेंडे को बदनाम किया।

बीडीएस मूवमेंट के सह-संस्थापक उमर बरगौटी ने नवाजा की गिरफ़्तारी की ख़बर के बाद एक बयान जारी किया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। बयान में वह कहते हैं कि, "इस आंदोलन के विकास को कम करने में विफल होने के बाद इज़रायल के सैन्य क़ब्ज़े वाले शासन, बसने वाले उपनिवेशवाद और रंगभेद की वजह से फिलिस्तीनी बीडीएस एक्टिविस्टों और उनके परिवारों को आतंकित करने की कोशिश की जा रही है। हम सभी बीडीएस एक्टिविस्टों को हर जगह इज़रायल को जवाबदेह ठहराने के लिए बीडीएस अभियान को मज़बूत करने का आह्वान करते हैं।"

Mahmoud Nawajaa
BDS National Committee
BDS
Palestine
Israel

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License