NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
'गुड फ़्राईडे समझौते' की 23वीं बरसी के मौक़े पर उत्तरी आयरलैंड में ताज़ा घटनाओं ने शांत माहौल को ख़राब किया
कुछ हफ़्तों से प्रो-ब्रिटिश यूनियनिस्ट/ लॉयलिस्ट यूथ ग्रुप ने उत्तरी आयरलैंड में पुलिस और आयरिश नेशनलिस्ट वर्गों के ख़िलाफ़ हिंसक हमला शुरू कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Apr 2021
आयरलैंड

डेरी और बेलफास्ट में पिछले सप्ताह हुई हिंसा और झड़पों की घटनाओं ने उत्तरी आयरलैंड में दशकों की शांत वातावरण पर असर डाला है। पिछले सप्ताह में उत्तरी आयरलैंड की विभिन्न शहरों से हिंसा और आगजनी के कई मामले सामने आए हैं जिसमें कई पुलिस अधिकारी, पत्रकार आदि घायल हो गए और परिवहन सेवाओं और पड़ोस पर हमले किए गए।

लॉयलिस्ट यूथ ग्रुप द्वारा 29 मार्च को पुलिस पर हमले के बाद पिछले सप्ताह लॉयलिस्ट यूथ ग्रुप, नेशनलिस्ट यूथ ग्रुप और पुलिस के बीच व्यापक पैमाने पर हिंसात्मक झड़प हुई। गुड फ्राइडे समझौते की 23 वीं वर्षगांठ (10 अप्रैल, 1998) के मौके पर प्रो-ब्रिटिश लॉयलिस्ट और प्रो-आयरिश नेशनलिस्ट ग्रुप में हिंसात्मक झड़पों ने यूके और आयरलैंड में व्यापक पैमाने पर चिंता को जन्म दे दिया है। यूके, उत्तरी आयरलैंड और प्रगतिशील वर्गों के नेताओं ने इस क्षेत्र में शांति के लिए प्रयास करने का आह्वान किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, पिछले गर्मियों में COVID -19 प्रोटोकॉल को कथित रूप से तोड़ने के लिए सिन फेन से आयरिश नेशनलिस्ट लीडर्स के खिलाफ मामलों को छोड़ने के सरकार के फैसले के खिलाफ यूनियनिस्टों की आशंका से इस क्षेत्र में हाल में तनाव पैदा हो गया है।

पिछले कुछ हफ्तों की हिंसक घटनाओं को उत्तरी आयरलैंड में ब्रेक्सिट के परिणाम के बाद के यूनियनिस्ट ग्रुप की नाराजगी के रूप में भी देखा गया। ब्रेक्सिट के बाद विशेष व्यापार समझौते ने ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के बीच व्यापार में और अधिक रुकावट पैदा किया है। यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटिश के बाहर निकलने से आयरिश रिपब्लिक के साथ उत्तरी आयरिश सीमा पर सख्त सीमा प्रतिबंध लगाने की संभावना थी क्योंकि आयरलैंड रिपब्लिक यूरोपीय संघ का एक हिस्सा है।

उत्तर और आयरलैंड गणराज्य के बीच सीमा नियंत्रण को समाप्त करने का आह्वान करने वाले गुड फ्राइडे समझौते और आयरिश नेशनलिस्ट की नाराजगी की आशंका के मद्देनजर उत्तरी आयरलैंड-आयरिश रिपब्लिक सीमा पर किसी भी प्रकार के प्रतिबंध लागू नहीं किए गए थे। इसके बजाय, उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल लागू किया गया था जिसने आयिरश समुद्र में डी-फैक्टो बॉर्डर का निर्माण किया क्योंकि ग्रेट ब्रिटेन से उत्तरी आयरलैंड में प्रवेश करने वाली वस्तुएं यूरोपीय संघ की जांच के दायरे में है। प्रो- ब्रिटिश यूनियनिस्ट राजनीतिक दलों को इस बात का डर है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलने के बाद "आयरिश सी बॉर्डर" का निर्माण यूनाइटेड किंगडम के भीतर उत्तरी आयरलैंड की स्थिति को कमजोर करेगा और आयरिश पुनःएकीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।

Ireland
Northern Ireland
good friday agreement
ireland politics
british country

Related Stories

आयरलैंड : संसद में गतिरोध के बीच पीएम का इस्तीफ़ा, सिन फ़िएन को मिले सबसे अधिक वोट

आप की जीत, नफरत की हार, आयरलैंड में वामपंथी दल की जीत और अन्य

आयरलैंड में लेफ्ट पार्टी ने स्थापित दलों के प्रभाव को समाप्त कर दिया

आयरलैंड चुनाव : राजनीतिक दलों ने इजरायली व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया

इस ब्रेक्सिट की गुत्थी सुलझाए नहीं सुलझती


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License