NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
जेएनयू से जमुरिया तक: बंगाल विधानसभा चुनाव में अपने राजनीतिक कौशल को आजमाएंगी आइशी घोष
विधानसभा चुनाव लड़ने वाली जेएनयूएसयू की पहली वर्तमान पदाधिकारी घोष से जब जेएनयू से राष्ट्रीय राजनीति में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ' यह एक बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन मेरी राजनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।'
भाषा
12 Mar 2021
आइशी घोष

नयी दिल्ली, माकपा के टिकट पर पश्चिम बंगाल की जमुरिया सीट से विधानसभा चुनाव मैदान में उतरीं जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष का कहना है कि जेएनयू उनके दिल और दिमाग में बसा रहेगा।

विधानसभा चुनाव लड़ने वाली जेएनयूएसयू की पहली वर्तमान पदाधिकारी घोष से जब जेएनयू से राष्ट्रीय राजनीति में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ' यह एक बड़ी जिम्मेदारी है लेकिन मेरी राजनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।'

घोष ने पीटीआई-भाषा से कहा, ' जेएनयू में हमने जिन मुद्दों पर लड़ाई लड़ी, वो देश में जो हो रहा है, उसी का विस्तार है। चाहे वह आरक्षण और सांप्रदायिकता का मुद्दा हो या बेरोजगारी, बेहतर शिक्षा, बेहतर रहन-सहन की परिस्थितियों को लेकर हमारी लड़ाई हो। देश में हर जगह मुद्दे एक जैसे ही हैं। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए उन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ूंगी जिनको लेकर हमने जेएनयू में लड़ाई लड़ी।'

उन्होंने कहा, ' पश्चिम बंगाल का युवा नौकरी और बेहतर रहन-सहन की परिस्थितियों के बारे में पूछ रहा है। यहां तक कि उच्च शिक्षा के लिए युवाओं को राज्य से बाहर का रुख करना पड़ रहा है।'

Aishe Ghosh
JNU
West Bengal Elections 2021
CPI-M

Related Stories

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

चुनावी वादे पूरे नहीं करने की नाकामी को छिपाने के लिए शाह सीएए का मुद्दा उठा रहे हैं: माकपा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

बिना अनुमति जुलूस और भड़काऊ नारों से भड़का दंगा

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

भारत में छात्र और युवा गंभीर राजकीय दमन का सामना कर रहे हैं 

करौली हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग:  संघ-भाजपा पर सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काने का आरोप

बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, छात्र बोले- जेएनयू प्रशासन का रवैया पक्षपात भरा है

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र


बाकी खबरें

  • MGNREGA
    सरोजिनी बिष्ट
    ग्राउंड रिपोर्ट: जल के अभाव में खुद प्यासे दिखे- ‘आदर्श तालाब’
    27 Apr 2022
    मनरेगा में बनाये गए तलाबों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जब हम लखनऊ से सटे कुछ गाँवों में पहुँचे तो ‘आदर्श’ के नाम पर तालाबों की स्थिति कुछ और ही बयाँ कर रही थी।
  • kashmir
    सुहैल भट्ट
    कश्मीर में ज़मीनी स्तर पर राजनीतिक कार्यकर्ता सुरक्षा और मानदेय के लिए संघर्ष कर रहे हैं
    27 Apr 2022
    सरपंचों का आरोप है कि उग्रवादी हमलों ने पंचायती सिस्टम को अपंग कर दिया है क्योंकि वे ग्राम सभाएं करने में लाचार हो गए हैं, जो कि जमीनी स्तर पर लोगों की लोकतंत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए…
  • THUMBNAIL
    विजय विनीत
    बीएचयू: अंबेडकर जयंती मनाने वाले छात्रों पर लगातार हमले, लेकिन पुलिस और कुलपति ख़ामोश!
    27 Apr 2022
    "जाति-पात तोड़ने का नारा दे रहे जनवादी प्रगतिशील छात्रों पर मनुवादियों का हमला इस बात की पुष्टि कर रहा है कि समाज को विशेष ध्यान देने और मज़बूती के साथ लामबंद होने की ज़रूरत है।"
  • सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट
    पीपल्स डिस्पैच
    सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट
    27 Apr 2022
    रक्षा पर सबसे ज़्यादा ख़र्च करने वाले 10 देशों में से 4 नाटो के सदस्य हैं। 2021 में उन्होंने कुल वैश्विक खर्च का लगभग आधा हिस्सा खर्च किया।
  • picture
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अर्जेंटीना ने लिया 45 अरब डॉलर का कर्ज
    27 Apr 2022
    अर्जेंटीना की सरकार ने अपने देश की डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) के साथ 45 अरब डॉलर की डील पर समझौता किया। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License