NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
‘पुलिसिया हिंसा’ में मारे गए वाम कार्यकर्ता के लिए कोलकाता से दिल्ली तक रोष प्रदर्शन
माकपा ने कार्यकर्ता की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा की गई ‘हत्या’ करार दिया। इस मामले के व्यापक होने से और सरकार के ख़िलाफ़ गुस्सा बढ़ता देख ममता सरकार ने मृत नौजवान के परिजनों को नौकरी देने का वादा किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Feb 2021
‘पुलिसिया हिंसा’ में मारे गए वाम कार्यकर्ता के लिए कोलकाता से दिल्ली तक रोष प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल के बंकुरा क्षेत्र के वाम युवा संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के कार्यकर्ता मोइदुल इस्लाम मिद्दा की पुलिस के साथ झड़प में मौत से कोलकाता से लेकर दिल्ली तक गुस्सा दिखाई दे रहा है। वाम कार्यकर्ता इसे ‘पुलिस की हिंसा’ और ‘हत्या’ करार दे रहे हैं। इसके बाद से बंगाल में लगातार ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इसी को लेकर आज मंगलवार को दिल्ली स्थति बंग भवन पर डीवाईएफआई और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इण्डिया (एसएफआई) ने प्रदर्शन किया।

वाम दल और उसके जनसंगठनों ने इसे ममता बनर्जी के शासन के दौरन विरोधियों की आवाज़ कुचलने की लिए क्रूर हमला बताया। डीवाईएफआई के अनुसार, एक अन्य कार्यकर्ता, दीपकुमार पांजा अभी भी गंभीर हालत में है।

इस मामले के व्यापक होने से और सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता देख ममता सरकार ने मृत नौजवान के परिजनों को नौकरी देने का वादा किया है।

आपको बता दें कि 11 फरवरी को, नौकरी की मांग करते हुए, हजारों युवाओं ने उत्तरी कोलकाता में कॉलेज स्ट्रीट से राज्य सचिवालय की ओर मार्च किया था, लेकिन एसएन बनर्जी रोड के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। जब बैरिकेड्स कूदने के बाद मार्च ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो उन्हें भारी लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अस्पतालों और नर्सिंग होम में अभी भी सैकड़ों कार्यकर्ता भर्ती हैं।

इसी दौरान घायल हुए डीवाईएफआई कार्यकर्ता मोइदुल इस्लाम मिद्दा की मौत हो गई।

सोमवार को तनाव और बढ़ गया जब पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद, शव को मिद्दा के परिवार और साथी कार्यकर्ताओं को सौंपने से इंकार किया।

हालाँकि कार्यकर्ताओ के दबाब के कारन शव बाद में परिजनों को सौंपा गया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार डीवाईएफआई कार्यकर्ता मैदुल इस्लाम मिद्दा के परिवार के सदस्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।

बनर्जी ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और कार्यकर्ता की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने सुजान चक्रवर्ती (वाम मोर्चा नेता) से बात की है और उन्हें बताया है कि मैं परिवार को नौकरी और वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार हूं।’’

माकपा नेता डॉ. एफ हलीम ने कहा कि मिद्दा के गुर्दों ने काम करना बंद कर दिया था जिसके बाद उनकी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मिद्दा का इलाज डॉ. हलीम की चिकित्सा इकाई में चल रहा था।

मिद्दा के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं।

पुलिस कार्रवाई के विरोध में वाम मोर्चा ने 12 फरवरी को 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। इस दौरान दिल्ली में एसएफआई के कार्यकर्ता दिल्ली के बंग भवन पहुंचे और नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।

मंगलवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन एसएफआई के कार्यकर्ताओ ने कहा एक तरफ देश में बढ़ते फ़ासीवाद के खिलाफ टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा लोकसभा में क्रांतिकारी भाषण देती है लेकिन बंगाल जहाँ उनकी सरकार है वो वहां प्रगतिशील ताकतों का दमन कर रही हैं।

इस प्रदर्शन में शामिल एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव मयूख विश्वास जो खुद बंगाल से आते हैं। उन्होंने कहा जब हमारे साथी बेहतर रोजगार और शिक्षा के लिए सड़कों पर उतरे तो कोलकाता पुलिस हमारे साथियो का खून कर रही है।

उन्होंने टीएमसी को संघ की दूसरी शाखा बताया और कहा कि बीजेपी की केंद्र सरकार पूरे देश में लोगो की आवाज दबा रही है जबकि बंगाल में टीएमसी वही काम कर रही है। आज बंगाल में रोजगार नहीं है, शिक्षित लोगों को भी बेहतर भविष्य के लिए अपना राज्य छोड़ना पड़ता है, क्यों क्योंकि ममता सरकार ने रोजगार के कोई साधन नहीं दिए।

माकपा ने कार्यकर्ता की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा की गई "हत्या" करार दिया, जबकि राज्य में सत्ताधारी दल ने इसे "आत्महत्या" कहा।

माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा,"यह हत्या के अलावा कुछ भी नहीं है। मार्च के दौरान जिस तरह से छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, उससे पता चलता है कि टीएमसी सरकार डरी और चिंतित है। राज्य प्रशासन पूरी तरह से इस हत्या का जिम्मेदार है।"

माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांता मिश्रा ने एक बयान में मांग की कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की जाए और कार्यकर्ता की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की पहचान की जाए और उन्हें दंडित किया जाए।

kolkata
Police brutality
left activist
CPI-M
DYFI
SFI

Related Stories

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा


बाकी खबरें

  • indian economy
    अजय कुमार
    क्या 2014 के बाद चंद लोगों के इशारे पर नाचने लगी है भारत की अर्थव्यवस्था और राजनीति?
    18 Nov 2021
    क्या आपको नहीं लगता कि चंद लोगों के पास मौजूद बेतहाशा पैसे की वजह से भारत की पूरी राजनीति चंद लोगों के हाथों की कठपुतली बन चुकी है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    निर्माण कार्य बंद होने पर मज़दूरों ने की मुआवज़े की मांग, श्रीनगर एनकाउंटर और अन्य ख़बरें
    17 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी मज़ार रहेगी निर्माण कार्य बंद होने पर मज़दूर संकट में, श्रीनगर एनकाउंटर और अन्य ख़बरों पर।
  •  कॉप-26 के इरादे अच्छे, पर गरीब देशों की आर्थिक मदद पर कुछ नहीं
    न्यूज़क्लिक टीम
    कॉप-26 के इरादे अच्छे, पर ग़रीब देशों की आर्थिक मदद पर कुछ नहीं
    17 Nov 2021
    न्यूज़क्लिक की इस ख़ास पेशकश में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह और न्यूज़क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ ने कॉप-26 में जलवायु परिवर्तन पर किए गए एग्रीमेंट पर चर्चा की है।
  • congress
    सुहित के सेन
    राहुल जहां हिंदुत्व को धर-दबोचने में सफल, लेकिन कांग्रेस सांगठनिक तौर पर अभी भी कमज़ोर
    17 Nov 2021
    जहाँ एक तरफ विचारधारा चुनावों में सफलता पाने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है, वहीं इसके लिए एक सांगठनिक नींव अपनेआप में अपरिहार्य है।
  • judge
    भाषा
    लखीमपुर हिंसा: एसआईटी जांच की निगरानी पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार जैन करेंगे
    17 Nov 2021
    पीठ ने राज्य सरकार द्वारा दिए गए आईपीएस अधिकारियों के नामों पर भी गौर किया और जांच के लिए गठित एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License