NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
शिक्षा
स्वास्थ्य
विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में, नयी हकीकत को स्वीकार करना होगा: रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।
भाषा
25 Jan 2022
student
Image courtesy : The Indian Express

नयी दिल्ली : कोविड-19 महामारी की वजह से अस्थायी रूप से दूरस्थ शैक्षणिक गतिविधियां बढ़ना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से होते बदलाव की शुरुआत भर है और संस्थानों के परिसर पुन: खुलने के बाद भी उनके अधिकारियों को स्वीकार करना होगा कि स्थिति पुन: सामान्य की ओर नहीं लौटेगी। एक नयी रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार महामारी के कारण उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों में विश्वविद्यालयों के सामने अनेक विषय आ रहे हैं और ऐसे में विश्वविद्यालयों का भविष्य खतरे में है।

 ‘क्या अतीत के विश्वविद्यालय अब भी भविष्य हैं?’ शीर्षक वाली रिपोर्ट को परामर्शदाता संस्था ईवाई ने प्रकाशित किया है और यह उच्च शिक्षा क्षेत्र के भविष्य के बारे में विश्लेषण पर आधारित है। यह अमेरिका, ब्रिटेन, भारत, सिंगापुर तथा ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों के 29 साक्षात्कारों पर भी आधारित है।

रिपोर्ट इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि विश्वविद्यालयों को जनसांख्यिकीय बदलावों, भूराजनीतिक चुनौतियों, कार्यस्थलों पर बदलती मांगों और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अनुभव की छात्रों की आकांक्षाओं को देखते हुए तेजी से नयी वास्तविकता को अपनाना होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘पूरी दुनिया में विश्वविद्यालय अब भी वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं। अस्थायी दूरस्थ शिक्षा की ओर तेजी से बढ़ना इस क्षेत्र के तीव्र बदलाव की शुरुआत भर है। परिसरों के पुन: खुलने के बाद भी पदाधिकारियों को स्वीकार करना होगा कि सामान्य स्थिति की ओर नहीं लौट सकेंगे।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘अगर वे यह नहीं सोचना चाह रहे कि उनका क्या उद्देश्य है और वे मूल्यों को कैसे प्रदान करेंगे तो कोविड-19 महामारी की वजह से सामने आईं कुछ चुनौतियां तेजी से अस्तित्व पर खतरे का रूप ले सकती हैं। समय आ गया है कि कठिन सवाल पूछने शुरू किये जाएं, यथास्थिति को चुनौती दी जाए और उन अवसरों को देखा जाए जो महामारी ने हमें ये सोचने के लिए दिये हैं कि उच्च शिक्षा को कैसे और कहां तथा किसे दिया जाना है।’’

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर प्रकाशित रिपोर्ट में सिफारिश की गयी है कि विश्वविद्यालयों को अतीत के साथ भविष्य को देखने का रुख अपनाना होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मान्यता देने पर विश्वविद्यालयों का एकाधिकार समाप्त हो रहा है और दीर्घकालिक तरीके से एवं बिना डिग्री वाले शिक्षण-प्रशिक्षण को मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि संस्थानों को ऐसी दुनिया के लिए तैयार रहना होगा जहां स्थान या साख का प्रशिक्षण पाने वालों के लिए इतना महत्व नहीं है।

COVID-19
Pandemic Coronavirus
student
University

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License