NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
एक चिट्ठी बापू के नाम
बापू, आप तो ‘सरकार जी’ के लिए सिर्फ़ याद करने के लिए ही हैं। काम करने के लिए तो सावरकर और गोडसे ही आदर्श हैं।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
02 Oct 2021
Gandhi

प्यारे बापू,

हम सब यहां, भारत देश में ठीक हैं और आशा करते हैं कि आप भी वहां, ऊपर सकुशल होंगे।

आगे समाचार यह है कि आज दो अक्टूबर है और आपको तो याद ही होगा कि आज आपका जन्मदिन है। आज आप होते तो पूरे एक सौ बावन साल के हो जाते। पर भला इतने साल भी कोई जीता है। आज पूरे देश में आपका जन्मदिन मनाया जा रहा है। हर वर्ष की तरह से आपकी याद में जगह जगह समारोह हो रहे हैं और आपको याद किया जा रहा है। आपके सिद्धांतों को याद किया जा रहा है और उन पर चलने की कसमें खाई जा रही हैं। पर बापू, यह तो सिर्फ एक रस्म अदायगी है। हम हिंदुस्तानी अब इतने बेवकूफ नहीं रह गये हैं कि आपके द्वारा बताए गए सत्य और अहिंसा के रास्ते पर विश्वास करते रहें, चलते रहें।

बापू, आपकी जयंती पर पूरे देश में कार्यक्रम हो रहे हैं। आपकी फोटो-मूर्तियों पर माला चढ़ाई जा रही हैं। आपकी प्रशस्ति में भाषण दिए जा रहे हैं। कविताएं और गाने गाए जा रहे हैं। कई जगह तो पूरे सप्ताह या फिर पूरे पखवाड़े कार्यक्रम होंगे। पूरे सात या पन्द्रह दिन तक आपको याद किया जाएगा। सत्याग्रह और अन्य आंदोलनों पर बातें भी की जाएंगी। पर बापू, अब हम इन चीजों पर सिर्फ बातें ही करते हैं।

राजा ‘सरकार जी’ भी, चाहे मजबूरी में ही सही, आपको याद करेंगे। और उनके वज़ीर भी आपको याद करेंगे। आपकी समाधि पर कार्यक्रम होंगे और ‘सरकार जी’ भी राजघाट जाएंगे और वहां माला अर्पण करेंगे। बाकी वज़ीर भी ऐसा ही करेंगे। गांधीजी को याद करेंगे, उनकी याद में भाषण देंगे। बापू, आप तो ‘सरकार जी’ के लिए सिर्फ याद करने के लिए ही हैं। काम करने के लिए तो सावरकर और गोडसे ही आदर्श हैं।

बापू, मैंने झूठ बोला। आपसे झूठ बोला। मैंने शुरू में ही लिखा कि यहां सब ठीक-ठाक है। पर क्या करूं, किसी भी पत्र को लिखने का तरीका यह ही बताया जाता है, बड़े बूढ़ों ने यही सिखाया है। पर सच्ची बात तो यह है कि यहां कुछ भी ठीक नहीं है। आपके सत्य की अब यहां पूजा नहीं होती है। सत्य का कोई रखवाला नहीं है। उसकी जगह झूठ ने ले ली है। बापू अब यहां झूठ का ही बोलबाला है। झूठ ही पुजने लगा है। बड़े से बड़ा नेता भी, सरकार जी भी, इतने आत्मविश्वास से झूठ बोलते हैं कि जितने आत्मविश्वास से कोई सच भी नहीं बोल सकता है।

बापू, आपकी अहिंसा अब कहीं नहीं रह गई है। अंग्रेजों के राज में शायद इतने लोगों को 'इंकलाब' बोलने पर नहीं मारा गया होगा जितने लोगों को आज, सरकार जी के राज में गाय को लेकर और 'जय श्री राम' न बोलने के नाम पर मार दिया गया। बापू, आपके जमाने में अंग्रेजों की पुलिस घूमने गए लोगों को तो नहीं ही मारती थी न। पर अब पुलिस घूमने गए लोगों को भी मार डालती है। और सरकारी अधिकारी, वे तो एक जगह से आगे बढ़ने पर किसानों का सिर फोड़ने का आदेश तक दे देते हैं। 

बापू, आपका असहयोग और आंदोलन भी अब के जमाने में फेल हो गए हैं। आपका जमाना अलग था। अंग्रेज भी आंदोलन की भाषा समझ लेते थे। पर अब तो हमारी सरकार इतनी अधिक हमारी है कि हमारे ही आंदोलन को नहीं समझती है।

किसान साल भर से आंदोलन पर हैं पर सरकार जी के लिए यह अभी कम है। बापू, वो तो पतली खाल वाले अंग्रेज थे जिन पर आपके आंदोलनों का असर हो जाता था। पर हमारे सरकार जी की खाल इतनी पतली नहीं है, वे तो मोटी खाल वाले हैं। वे न तो किसानों के आंदोलन से प्रभावित होते हैं और न ही महिलाओं, युवाओं या छात्रों के आंदोलनों से।

बापू, आप यह सब सुन व्यथित होंगे। चाहेंगे कि तत्काल अपने देश पहुंच जायें, भारत देश पहुंच जायें। पर ऐसी गलती मत करना बापू। बापू अब वे लोग पहले से अधिक ताकतवर हैं। अब वे आपको अठहत्तर वर्ष तक नहीं जीने देंगे बापू।

बापू, मैं जानता हूं आप निडर हैं, आपको मृत्यु का कोई भय नहीं है। पर बापू आपने उस राजा की कहानी तो सुनी ही होगी जिसने अपनी मृत्यु का कारण बनने वाले बच्चे का जन्म लेने की बात सुनते ही सभी नवजात शिशुओं को मार दिया था। बापू आप अपने लिए न सही, पर कम से कम नन्हे-मुन्ने नवजातों के लिए ही सही, दोबारा जन्म न लेना।

बापू, न तो आप दोबारा जन्म लेना, न जन्म लेने की सोचना और न ही जन्म लेने की अफवाह उड़ने देना। नहीं तो ये लोग हर उस गांव, शहर, जिले, प्रदेश या फिर पूरे देश के सभी बच्चों को मार डालेंगे जहां भी आपके जन्म लेने की अफवाह उड़ेगी।

आपका प्यारा

एक भारतीय नागरिक

(यह एक व्यंग्यात्मक आलेख है। लेखक पेशे से चिकित्सक हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)

Gandhi Jayanti 2021
Mahatma Gandhi
Satire
Political satire

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

तिरछी नज़र: ये कहां आ गए हम! यूं ही सिर फिराते फिराते

तिरछी नज़र: 2047 की बात है

कटाक्ष: महंगाई, बेकारी भुलाओ, मस्जिद से मंदिर निकलवाओ! 

ताजमहल किसे चाहिए— ऐ नफ़रत तू ज़िंदाबाद!

वैष्णव जन: गांधी जी के मनपसंद भजन के मायने

तिरछी नज़र: ...ओह माई गॉड!

कांग्रेस चिंता शिविर में सोनिया गांधी ने कहा : गांधीजी के हत्यारों का महिमामंडन हो रहा है!


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License