NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है
गोदी मीडिया के दौर में गणेश शंकर विद्यार्थी को याद करना एक अलग अनुभव, एक अलग चुनौती और एक अलग दायित्व है। आज़ादी के मतवाले क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत के दो दिन बाद 25 मार्च, 1931 को कानपुर में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ लड़ते हुए इस महान पत्रकार, इस क़लम के सिपाही ने भी अपनी शहादत दे दी थी।
न्यूज़क्लिक डेस्क
25 Mar 2022
Ganesh Shankar Vidyarthi

पुनर्प्रकाशन: आज आज़ादी के दीवाने और क़लम के निर्भीक सिपाही पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि है। 25 मार्च, 1931 को कानपुर में सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ लड़ते हुए उन्होंने अपनी शहादत दे दी थी। उन्हीं को याद करते हुए मुकुल सरल की एक लंबी कविता ‘साथ हो न!’ का एक विशेष अंश... 

एक क़लम था मेरा

और एक था तुम्हारा

फावड़े सा, बेलचे सा, हल सरीख़ा

 

रस्ते-रस्ते सब्ज़ा बोता

रौशनी के पुल बनाता

लांघता सारी दिशाएं

 

नेह का मेह बन बरसता

सींचता मन मरुथलों को

प्यार की देता सदाएं

 

और ज़रूरत पड़ गई तलवार के भी काम आता

 

वह क़लम अब खो गया है

छिन गया, गिरवी पड़ा है

दुश्मनों के हाथ में है

 

बन गया है टैंक मानवद्रोहियों का

 

रौंदता फिरता है जल-जंगल-ज़मीनें

 

रच रहा संविधान की कुछ नयी ऋचाएं

हुक्मनामे और सज़ाएं

 

और ऐसे दौर में भी

मानवद्रोहियों के साथ दिखते

हाट में बिकते

हमारे कुछ कवि, लेखक, सहाफ़ी

और कुछ उनके सहोदर

 

गा रहे जयगान

आवाज़ें बदलकर

 

रच रहे हैं शब्द

नये शब्दकोश

 

ध्वस्त करके बोल-बोली

काटकर जन की ज़बां

रच रहे भाषा संहिता

 

बुन रहे हैं मौन

चुप्पी का अंधेरा

चक्रव्यू एक

है समय कितना विकट !

 

...

मैं निहत्था, बेक़लम

लेकिन अभी बाज़ू बराबर

उंगलियों में भी है जुंबिश

और रगों में दौड़ता है रौशनाई सा लहू

 

और फिर तुम साथ हो तो

क्या कमी है

साथ हो न…!

Ganesh Shankar Vidyarthi
journalism
Indian journalist
hindi poetry
hindi literature
साहित्य-समाज

Related Stories

...कैसा समाज है जो अपनी ही देह की मैल से डरता है

वर्ल्ड कप हंगामा, विज्ञान पर सद्गुरु और पत्रकारिता की मौत : भारत एक मौज, सीजन -3,एपिसोड - 4

वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है

हिंदी में ‘पब्लिक स्फीयर’, संगठन व पत्रिकाएं


बाकी खबरें

  • Alphons
    द लीफ़लेट
    संविधान की प्रस्तावना में संशोधन के लिहाज़ से प्राइवेट मेंबर बिल: एक व्याख्या
    06 Dec 2021
    झा के मुताबिक़, संविधान के बुनियादी ढांचे का एक हिस्सा होने के नाते प्रस्तावना में संशोधन नहीं किया जा सकता।
  •  Indian constitution
    डॉ. राजू पाण्डेय
    भारतीय संविधान पर चल रहे अलग-अलग विमर्शों के मायने!
    06 Dec 2021
    क्या संविधान से हमें कुछ भी हासिल नहीं हुआ? जब हमारे साथ स्वतंत्र हुए देशों में लोकतंत्र असफल एवं अल्पस्थायी सिद्ध हुआ और हमारे लोकतंत्र ने सात दशकों की सफल यात्रा पूरी कर ली है तो इस कामयाबी के पीछे…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,306 नए मामले, 211 मरीज़ों की मौत
    06 Dec 2021
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.28 फ़ीसदी यानी 98 हज़ार 416 हो गयी है।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में तनाव व अव्यवस्था की आंखमिचौली, नगालैंड में गोलीकांड और विनोद दुआ को श्रद्धांजलि
    06 Dec 2021
    यूपी के पश्चिमी हिस्से में किसान आंदोलन के सामाजिक राजनीतिक असर की काट के लिए सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की पुरजोर कोशिश हो रही है. क्या मथुरा में तनाव पैदा करने की मुहिम चला रहे कुछ हिन्दुत्ववादी संगठनों…
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: क्या है यूपी की सियासी फ़ज़ा, लखनऊ और बनारस से विशेष
    05 Dec 2021
    चुनाव चक्र के इस एपिसोड में हम जानेंगे नारों और विज्ञापनों के बरक्स उत्तर प्रदेश की ज़मीनी हक़ीक़त। चलेंगे राजधानी लखनऊ और सत्ता के दूसरे सबसे विशेष केंद्र बनारस... और बात करेंगे अपने सहयोगी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License