NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
समाज
भारत
मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा होकर आते हैं तथा गोकशी के नाम पर मुसलमानों को परेशान करते हैं।
मौहम्मद अली, शिवानी
23 Mar 2022
Mathura
पुलिस और गौ-रक्षकों से तंग आकर घर छोड़कर चले गए हैं कई मुस्लिम परिवार

उत्तर प्रदेश में फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद से हिंदुत्ववादियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं। हिंदुत्ववादी गाय के नाम पर लगातार लोगों को परेशान कर रहें हैं।

बात अगर मथुरा नगरी की ही करें तो पहला मामला थाना जैंत क्षेत्र के राल गांव का हैं जहां पर कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इस घटना की एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रही है। वीडियो में कुछ लोग ड्राइवर आमिर को नंगा करके चमड़े की बेल्ट से बेरहमी से पीट रहे हैं तथा पीड़ित रहम की भीख मांग रहा है।

मथुरा के एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने इस मामले पर अपना बयान ज़ारी करते हुए कहा है “प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उस गाड़ी में कोई भी गोवंश या गोमांस नहीं था। पीड़ित लोगों की शिकायत पर 16 लोगों के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज़ की गई है।”

दूसरा मामला मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके का है। आरोप है कि यहां पर आए दिन बजरंग दल के लोग काफ़ी संख्या में एकत्रित होकर आते हैं तथा गोकशी के नाम पर मुसलमानों को परेशान करते हैं। लोगों का आरोप हैं कि पुलिस भी उन्हें ही परेशान करती हैं जिसके कारण इलाक़े के लोग खौफ में हैं तथा कई लोग घरों में ताले लगाकर परिवार सहित पलायन कर गए हैं।

लोगों के अन्दर दहशत इतनी ज्यादा है कि कोई भी कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं हैं। कुछ लोगों ने नाम और पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि 13 मार्च को इतवार के दिन सुबह साढ़े 5 बजे के आस पास 15-16 बजरंग दल वाले लाठी डंडे लेकर आए और हमको गाली दी, दरवाजों में धक्का मारा, हमने कहा भाई हमारे यहां अब मांस का काम नहीं होता, हम खुद परेशान हैं। हमने उनको जाने के लिए कहा तो उन्होंने हम पर पथराव किया। पुलिस वाले भी आते हैं तो घरों में घुस जाते हैं यहां पर पुलिस और बजरंग दल दोनों का गुंडा राज चल रहा हैं।

एक अन्य महिला ने बताया “बजरंग दल वाले हमारे यहां आकर हमको परेशान करते हैं, वे मुँह पर कपड़ा बांधकर आते हैं और गंदी-गंदी गाली देते हैं दरवाज़े तोड़ते हैं, बहुत परेशान करते हैं। हम इंसाफ़ चाहते हैं। हमारे यहां मीट का काम भी नहीं हो रहा है फिर भी वे हमें परेशान करते हैं। पुलिस वाले भी आते हैं वह भी हमको ही परेशान करते हैं। पुलिस भी बजरंग दल वालों की सुनती है हमारी नहीं सुनती है। पुलिस वालों के डर से हम लोग रात को घरों के ताले लगाकर चले जाते हैं। पुलिस वाले हमारे नाबालिग बच्चों को उठा लेते हैं। हममें से 70-80 लोग घर छोड़कर अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं, हम लोग बहुत परेशान हैं।

ये भी देखें: ‘गौ-गुंडों’ का शिकार हुए उमर मोहम्मद के परिवार को कौन दिलाएगा इंसाफ?

पास ही बैठे एक बुजुर्ग बताते हैं "यहां के लोग मीट का काम करते थे इसको प्रशासन ने बंद करवा दिया। कोई और काम इनको आता नहीं हैं। सन 1998 में कोर्ट ने ऑर्डर दिया था कि इन लोगों का कट्टी खाना बना दिया जाए। और अगर कट्टी खाना यहां नहीं बनता हैं तो किसी दूसरी जगह बना दिया जाए। और जब तक कट्टी खाना नहीं बनता हैं तब तक इन लोगों को अन्य रोजगार मुहैया कराए जाएं। जब तक दूसरे रोज़गार ना मिलें तब तक बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए। ताकि यह लोग अपना गुजर बसर कर सकें। कोर्ट तो ऑर्डर करता है लेकिन अमल में कुछ भी नहीं आ पाता है। हम लोग रोज़ी रोटी से तो जूझते ही हैं अशांति का माहौल बनने से और ज्यादा परेशानी होती हैं। हमें बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा हैं कम से कम इतना तो हो कि हमारे दिलों का डर दूर हो। लोग अपने घरों पर तो आकर सोएँ।

इस मामले में जब कोतवाली थाना इंचार्ज से बात की तो उन्होंने कहा कि बजरंग दल वालों को मनोहरपुरा में गोकशी की सूचना मिली थी जिसके बाद वह लोग पुलिस को सूचित करके वहां पहुंचे थे। बजरंग दल वाले पुलिस से पहले पहुंच गए थे इसलिए इलाक़े के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इसलिए इस मामले में बजरंग दल वालों के ऊपर कोई एफआईआर दर्ज़ नहीं हुई हैं क्योंकि उनकी पिटाई हुई है। इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया।

इस मामले में जब भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा से बात करने की कोशिश की तो उनके पीए ने फोन उठाया। उनको घटना की सारी जानकारी दी गईं। उसके बाद उन्होंने विधायक श्रीकांत शर्मा के साथ रहने वाले किसी अन्य व्यक्ति का नंबर दिया उस नंबर पर कॉल करने पर उनसे बात नहीं हो सकी।

पूर्व विधायक प्रदीप माथुर से जब इस मामले में बात की तो उन्होंने कहा, यहां कुरेशी समाज के कुछ ग्रुप चोरी छिपे भैंस का मांस बेचते हैं और जब एक ग्रुप बेचता है तो दूसरा ग्रुप उनकी मुखबरी करता है। उसके बाद गो रक्षा वाले उस मांस को गाय का बता कर हंगामा करते हैं। इस मामले में कुछ बेकसूर लोगों को भी फंसाया गया हैं। हम 23 मार्च को एसएसपी से मुलाक़ात करेंगे तथा उनके सामने सारी बात रखेंगे।

(मुहम्मद अली और शिवानी मथुरा स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं) 

ये भी पढ़ें: भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

mathura
cow slaughter
cow terrorism
Rumor of cow slaughter
cow politics
Muslims

Related Stories

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

अब भी संभलिए!, नफ़रत के सौदागर आपसे आपके राम को छीनना चाहते हैं

मुस्लिम जेनोसाइड का ख़तरा और रामनवमी

झारखंड: भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम युवक से की मारपीट, थूक चटवाकर जय श्रीराम के नारे लगवाए

मथुरा: शाही ईदगाह पर कार्यक्रम का ऐलान करने वाले संगठन पीछे हटे, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

फतेहपुर मदरसा हमला मामला : कोतवाल और एसआई निलंबित

कानपुर: जय श्री राम नहीं बोलने पर टोपी पहने किशोर को पीटा

मोदी 2.0 की शपथ से पहले ही अल्पसंख्यकों पर हमले तेज़

‘गौ-गुंडों’ का शिकार हुए उमर मोहम्मद के परिवार को कौन दिलाएगा इंसाफ?


बाकी खबरें

  • Udupi Ground Report
    शिवम चतुर्वेदी
    उडुपी ग्राउंड रिपोर्ट : हिजाब के समर्थन में हैं कॉलेज की हिंदू लड़कियां, पर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं
    18 Feb 2022
    कुसुम ने कहा, "हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।"
  • narendra modi
    पार्थ एस घोष
    क्या यह मोदी लहर के ख़ात्मे की शुरूआत है?
    18 Feb 2022
    अब राजनीतिक प्रतिद्वंदी बीजेपी से खौफ़ नहीं खाते हैं, ना ही वह धारणा रही है कि बीजेपी को हराया नहीं जा सकता। अब बीजेपी को समझ आ रहा है कि लोग अच्छे प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं।
  • Modi channi kejriwal
    रवीश कुमार
    चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं
    18 Feb 2022
    प्रधानमंत्री मोदी बताएं कि तालाबंदी के समय यूपी और बिहार के मज़दूर जब दर-दर भटक रहे थे तब वे क्या कर रहे थे? पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने तो बयान दिया है लेकिन हरियाणा की खट्टर सरकार ने तो…
  • yogi
    भाषा
    सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जारी 274 भरपाई नोटिस वापस लिए गए: उप्र सरकार
    18 Feb 2022
    न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकान्त की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपये की पूरी राशि वापस करेगी जो 2019 शुरू की गई कार्रवाई के तहत कथित प्रदर्शनकारियों से वसूली गई थी।
  • Budget 2022
    भरत डोगरा
    जलवायु बजट में उतार-चढ़ाव बना रहता है, फिर भी हमेशा कम पड़ता है 
    18 Feb 2022
    2022-23 के केंद्रीय बजट में जलवायु परिवर्तन, उर्जा नवीनीकरण एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जिस मात्रा में समर्थन किये जाने की आवश्यकता है, वैसा कर पाने में यह विफल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License