NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
ग़ाज़ियाबाद: श्मशान घाट हादसे में तीन गिरफ़्तार, प्रशासन के खिलाफ़ लोगों का फूटा गुस्सा!
मृतकों के परिजन सरकार के दो लाख के मुआवज़े को नाकाफ़ी बताकर 15 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। वे शवों को अलग-अलग जगह रख प्रदर्शन भी कर रहे हैं। 
सोनिया यादव
04 Jan 2021
ग़ाज़ियाबाद
फोटो साभार : सोशल मीडिया

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद जिले के मुरादनगर में हुए श्मशान घाट हादसे में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नगरपालिका की कार्यकारी अधिकारी निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि आरोपी ठेकेदार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस मामले में अब तक 25 लोगों की मौत की खबर है तो, वहीं करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

बता दें कि मुरादनगर के इस श्मशान घाट में गलियारे की छत डालने का काम इसी साल अक्तूबर में शुरू हुआ था। इसकी लागत लगभग 55 लाख बताई जा रही है तो वहीं इसे करीब पंद्रह दिन पहले ही इसे जनता के लिए खोला गया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी इसका लोकार्पण भी नहीं हुआ है। ऐसे में लेंटर का गिरना सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये घटना मुरादनगर के उखलारसी की है। अधिकारियों का कहना है कि रविवार, 3 जनवरी को एक शव के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोग भारी बारिश के बीच एक गलियारे की छत के नीचे जाकर खड़े थे, तभी छत गिर गई।

image

मीडिया में आई खबरों में बताया जा रहा है कि ढाई माह पहले झोपड़ी नुमा गैलरी का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि सरिया को छोड़ निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। गैलरी ढहते ही निर्माण सामग्री चूरे में तब्दील हो गई।

एनडीआरएफ, पुलिस और पीएसी ने करीब पांच घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

परिजनों का क्या कहना है?

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार एक रिश्तेदार ने कहा, ‘‘यह शेल्टर अभी एक-दो महीने पहले ही बना था। पहली बारिश के बाद ही यह ढह गया। ठेकेदार को तत्काल सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए।''

इस हादसे में दिल्ली के अरविंद कुमार की भी मौत हो गयी। उसके बड़े भाई राकेश कुमार ने कहा, ‘‘ हमारे लिए सब खत्म हो गया। मैंने अपने भाई को उसके मोबाइल पर फोन किया। किसी अन्य ने फोन उठाया और मुझे छत ढह जाने की सूचना दी। मैं घटनास्थल पर पहुंचा। मलबे से उसका शव निकालने में दो घंटे लगे। हमने उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसे शीघ्र ही मृत घोषित कर दिया गया।''

प्रशासन क्या कह रहा है?

ग़ाज़ियाबाद के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि 20 घायलों में से आठ की हालत नाजुक है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। वर्मा ने कहा, “कॉरिडोर लगभग 25 फीट लंबा था और प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि भारी बारिश की वजह से यह नीचे आ गया।”

ज़िलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंडल आयुक्त मेरठ व एडीजी मेरठ मामले की जांच कर रहे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

image

एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा के अनुसार तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी। आरोपियों पर आईपीसी धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 337 (किसी व्यक्ति को खतरा पहुंचाने वाला कार्य करना),  338 (किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली चोट पहुंचाने वाला कार्य करना), 409 (धन का गबन व सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन), 427 (बुरी मंशा, जिससे आर्थिक नुकसान हो) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

सरकार क्या कर रही है?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश देते हुए रिपोर्ट तलब की है। प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और घायलों के उचित इलाज कराने की घोषणा की है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने इस हादसे पर दुख जताया है।

image

विपक्ष ने लगाया सरकारी भ्रष्टाचार का आरोप!

मुरादनगर में हुए श्मशान घाट हादसे के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। प्रियंका गांधी ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की, तो वहीं सपा ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को तत्काल सहायता पहुंचाने की मांग की। 

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत गिरने से अब तक 17 लोगों की मौत, एक बेहद दुखद हादसा है। श्रद्धांजलि! सरकार इसकी उच्च स्तरीय जाँच करवाए और मृतकों के परिवारों को 25 लाख का मुआवज़ा दे।”

उप्र के ग़ाज़ियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत गिरने से अब तक 17 लोगों की मौत, एक बेहद दुखद हादसा है। श्रद्धांजलि!

सरकार इसकी उच्च स्तरीय जाँच करवाए और मृतकों के परिवारों को 25 लाख का मुआवज़ा दे।

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 3, 2021

आम आदमी पार्टी की प्रदेश इकाई की तरफ से हुए ट्वीट में कहा गया कि श्मशान घाट निर्माण में भी दलाली खाई गई है। साथ में घटना स्थल से जुड़े फोटो भी शेयर किए।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने अमर उजाला की एक खबर शेयर करते हुए लिखा, “मुरादनगर में हुए ह्रदय विदारक हादसे की खबर मन को आहत करने वाली है। शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। भगवान उन्हें यह दुख सहने की शक्ति दे।”

रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा, “शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। सार्वजनिक प्रयोग में आने वाले निर्माण की खराब गुणवत्ता बढ़ रहे भ्रष्टाचार को दर्शाती है, जिस बोझ के नीचे जनता दब रही है।”

मुरादनगर, गाजियाबाद श्मशान घाट में छत गिरने से 10 की मौत, कई चोटिल हैं।दुखद खबर है।सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

सार्वजनिक प्रयोग में आने वाले निर्माण की ख़राब गुणवत्ता बढ़ रहे भ्रष्टाचार को दर्शाती है जिस बोझ के नीचे जनता दब रही है!

— Jayant Chaudhary (@jayantrld) January 3, 2021

सरकार का मुआवज़ा नाकाफ़ी!

गौरतलब है कि रविवार को हुई इस घटना पर सोमवार को लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। मेरठ तिराहे से मुराद नगर तक भीषण जाम लग गया है तो वहीं आंदोलनरत किसान भी इस हादसे में मारे गए लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

हालांकि मृतकों के परिजन सरकार के दो लाख के मुआवज़े को नाकाफी बताकर 15 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। वे शवों को अलग-अलग जगह रख प्रदर्शन भी कर रहे हैं। परिजनों ने गाज़ियाबाद-मेरठ हाइवे जाम कर दिया है, जिसमें स्थानीय लोग भी उनका साथ देते नज़र रहे हैं।

UttarPradesh
Ghaziabad
Murad Nagar
Yogi Adityanath
BJP
yogi government
Murad Nagar roof collapse
Narendra modi
AKHILESH YADAV
NDRF

Related Stories

बनारस : गंगा में नाव पलटने से छह लोग डूबे, दो लापता, दो लोगों को बचाया गया

मुंडका अग्निकांड के लिए क्या भाजपा और आप दोनों ज़िम्मेदार नहीं?

जहांगीरपुरी— बुलडोज़र ने तो ज़िंदगी की पटरी ही ध्वस्त कर दी

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

बनारस: आग लगने से साड़ी फिनिशिंग का काम करने वाले 4 लोगों की मौत

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

उत्तराखंड: एआरटीओ और पुलिस पर चुनाव के लिए गाड़ी न देने पर पत्रकारों से बदसलूकी और प्रताड़ना का आरोप

कौन हैं ओवैसी पर गोली चलाने वाले दोनों युवक?, भाजपा के कई नेताओं संग तस्वीर वायरल

भारत में हर दिन क्यों बढ़ रही हैं ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएं, इसके पीछे क्या है कारण?

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत


बाकी खबरें

  •  Punjab security lapse
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में पीएम की "सुरक्षा चूक" पर पूरी पड़ताल!
    06 Jan 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं कि किस तरह मीडिया द्वारा किसानों को टारगेट किया जा रहा है
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक : संबित ने जर्जर स्कूलों को सपा सरकार का बताया, स्कूल योगी सरकार के निकले
    06 Jan 2022
    एक बार फिर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर फ़ेक न्यूज़ के ज़रिये विपक्ष पर निशाना साधने की कोशिश की है।
  • jnu
    रवि कौशल
    जेएनयू हिंसा के दो साल : नाराज़ पीड़ितों को अब भी है न्याय का इंतज़ार 
    06 Jan 2022
    ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस की जांच भटक चुकी है। अब तक दोषियों की पहचान तक नहीं की जा सकी है।
  • punjab security
    शंभूनाथ शुक्ल
    'सुरक्षा चूक' की आड़ में राजनीतिक स्टंट?
    06 Jan 2022
    प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट में पंजाब के अधिकारियों को दिए बयान से बचना चाहिए था। और जो कुछ करना था, वह सीधे गृह मंत्रालय के आला अधिकारी करते तो भविष्य में ऐसी किसी भी चूक से प्रशासन सतर्क रहते। तथा…
  • election
    सौरभ शर्मा
    यूपी: युवाओं को रोजगार मुहैय्या कराने के राज्य सरकार के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हैं!
    06 Jan 2022
    लगभग 43 उम्मीदवारो को उत्तर प्रदेश में पिछले साल विभिन्न चिकित्सा विभागों द्वारा विभिन्न कोरोना लहरों के दौरान में रोजगार पर रखा गया था। बाद में इन्हें काम से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने इस कदम के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License