NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अंतरराष्ट्रीय
सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट
रक्षा पर सबसे ज़्यादा ख़र्च करने वाले 10 देशों में से 4 नाटो के सदस्य हैं। 2021 में उन्होंने कुल वैश्विक खर्च का लगभग आधा हिस्सा खर्च किया।
पीपल्स डिस्पैच
27 Apr 2022
सातवें साल भी लगातार बढ़ा वैश्विक सैन्य ख़र्च: SIPRI रिपोर्ट

SIPRI (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा रविवार 25 अप्रैल को जारी नए आंकड़े बताते हैं कि 2020 की तुलना में 2021 में वैश्विक सैन्य खर्च में भारी बढ़ोत्तरी हुई है।

संस्थान के मुताबिक़, दुनिया भर में सरकारों ने उस साल में अपने रक्षा खर्च में बढ़ोत्तरी की है, जब कोविड महामारी के चलते आई एक साल की मंदी से अर्थव्यवस्थाएं उभर रही हैं।

SIPRI ने 2021 में वैश्विक रक्षा खर्च में पिछले साल की तुलना में 0.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की है। इसके बाद कुल वैश्विक रक्षा खर्च 2,113 अरब डॉलर पहुंच गया है।

बता दें 2021 लगातार सातवां साल है, जब वैश्विक सैन्य खर्च में इजाफा हुआ है। आज वैश्विक सैन्य खर्च, दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद का 2.2 फीसदी हो चुका है।

अमेरिका और उसके सहयोगियों की दुनिया के कुल रक्षा खर्च में आधी हिस्सेदारी सभी देशों में सबसे ज्यादा रक्षा खर्च अमेरिका में है। ज्यादा तेज जीडीपी दर के चलते, जीडीपी की कुल हिस्सेदारी में रक्षा बजट के हिस्से में 1.4 फ़ीसदी की कमी हुई है, लेकिन अगर संख्या की बात करें तो यह पिछले साल से 33 बिलियन डॉलर ज्यादा होकर 2021 में 801 बिलियन डॉलर हो गया। फिलहाल अमेरिका अपनी कुल जीडीपी का 3.5 फीसदी रक्षा पर खर्च करता है।

शुरुआती 10 बड़े रक्षा बजट वाले देशों में 7 नाटो सदस्य हैं। 2021 में इनके बजट में भी तेजी से इज़ाफा हुआ है। 8 यूरोपीय देश नाटो के लक्ष्य, मतलब जीडीपी के दो फ़ीसदी हिस्से का रक्षा पर खर्च का लक्ष्य हासिल कर चुके हैं।

शुरुआती 10 सबसे ज्यादा खर्च करने वालों में चार (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी) नाटो के सदस्य हैं। यह चारों सामूहिक तौर पर दुनिया के रक्षा खर्च का आधा हिस्सा खर्च करते हैं। 2021 में उन्होंने कुल 982 अमेरिकी डॉलर रक्षा खर्च के तौर पर आवंटित किए थे। इन शुरुआती 10 सबसे बड़े रक्षा खर्च वाले देशों में 7 अमेरिका के करीबी मित्र देश हैं। यह देश मिलकर कुल 1,142 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रक्षा बजट रखते हैं।

2021 में अमेरिका के सहयोगी जापान ने अपने रक्षा खर्च में 7 फीसदी से ज्यादा इजाफा किया। यह 1972 के बाद से किया गया सबसे बड़ा इजाफा है। दक्षिण कोरिया और सऊदी अरब भी 10 सबसे बड़े रक्षा बजट वाले देशों में शामिल हैं, यह दोनों ही अमेरिका के करीबी सहयोगी हैं।

2021 में रूस ने अपने रक्षा खर्च के लिए 66 बिलियन डॉलर आवंटित किए थे, जो उसकी जीडीपी का 4.1 फ़ीसदी हिस्सा था। यह पिछले साल के रक्षा खर्च से 2.9 फ़ीसदी ज्यादा था।

वहीं चीन ने 2021 में 4 फीसदी का इजाफा करते हुए रक्षा पर 293 बिलियन डॉलर खर्च किए।

वहीं दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रक्षा बजट वाले भारत ने 2021 में 76.6 बिलियन डॉलर खर्च किए, जो पिछले साल से 1 फीसदी ज्यादा था।

दूसरे विकासशील देशों में नाइजीरिया में इस बार पिछले रक्षा बजट की तुलना में भारी बढ़ोतरी की गई। 2020 की तुलना में नाइजीरिया के रक्षा बजट में 56 फीसदी का इजाफा हुआ। अब वहां का कुल रक्षा बजट 4.5 बिलियन डॉलर हो चुका है।

यहां गौर करने की बात है कि यह इज़ाफा तब और अहम हो जाता है, जब यह ऐसे साल में किया जाता है, जिसमें कोविड के चलते आई मंदी से दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं उबरने की कोशिश कर रही थीं। SIPRI में वरिष्ठ शोधार्थी डॉक्टर डिएगो लोपेज़ डा सिल्वा कहते हैं कि "जिस दौर में महंगाई के चलते वास्तविक विकास दर में मंदी थी," तब नाममात्र (नॉमिनल) शब्दावली में "सैन्य खर्च में 6.1 फीसदी का इजाफा हुआ।"

 

इस लेख को मूल अंग्रेजी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

https://peoplesdispatch.org/2022/04/26/global-military-expenditure-increases-for-seventh-year-in-a-row-sipri-report/

Global military expenditure
Increases
SIPRI Report
US
India
Russia
britain
France
NATO

Related Stories

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन ‘पार्टीगेट’ मामले को लेकर अविश्वास प्रस्ताव का करेंगे सामना

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

डेनमार्क: प्रगतिशील ताकतों का आगामी यूरोपीय संघ के सैन्य गठबंधन से बाहर बने रहने पर जनमत संग्रह में ‘न’ के पक्ष में वोट का आह्वान

रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के समझौते पर पहुंचा यूरोपीय संघ

यूक्रेन: यूरोप द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाना इसलिए आसान नहीं है! 

पश्चिम बैन हटाए तो रूस वैश्विक खाद्य संकट कम करने में मदद करेगा: पुतिन

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात


बाकी खबरें

  • इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की
    पीपल्स डिस्पैच
    इराक़ ने देश से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए समयसीमा की मांग की
    26 Jul 2021
    पिछले साल अमेरिका द्वारा ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से विशेष रूप से देश में विदेशी सैनिकों की मौजूदगी पर कार्रवाई करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
  • मज़दूरों, किसानों, खेत मज़दूरों ने ऐतिहासिक अभियान का किया आगाज़ 
    सुबोध वर्मा
    मज़दूरों, किसानों, खेत मज़दूरों ने ऐतिहासिक अभियान का किया आगाज़ 
    26 Jul 2021
    जनता के प्रमुख मुद्दों पर सरकार के लचर रवैये के ख़िलाफ़ मेहनतकश लोगों ने 'भारत बचाओ' आंदोलन की शुरूआत कर दी है। 
  • टोक्यो में पूरा हुआ मैरी कॉम का विवादास्पद से हुनरमंद खिलाड़ी बनने तक का सफ़र
    लेस्ली ज़ेवियर
    टोक्यो में पूरा हुआ मैरी कॉम का विवादास्पद से हुनरमंद खिलाड़ी बनने तक का सफ़र
    26 Jul 2021
    टोक्यो ओलंपिक में जीत दर्ज करने वाली भारतीय दल की पहली मुक्केबाज़ मैरी कॉम ने सबको दिखा दिया है कि क़दम दर क़दम आगे बढ़ते हुए लम्बे समय तक खेलना होता क्या है। वह एक जुझारू, आक्रामक, सीधे-सीधे भिड़…
  • मशहूर अदाकारा जयंती का निधन
    भाषा
    मशहूर अदाकारा जयंती का निधन
    26 Jul 2021
    वह 76 वर्ष की थीं। अपने पांच दशक से लंबे करियर में जयंती ने विभिन्न भाषाओं में 500 से अधिक फिल्में की।
  • महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई
    भाषा
    महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई
    26 Jul 2021
    इस हफ्ते की शुरुआत में हुई भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भूस्खलन हुआ है, जिसमें रायगढ़ जिले के तालिये गांव में हुआ सबसे घातक भूस्खलन भी शामिल है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License