NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गोवा चुनावः डेढ़ महीने में एक चौथाई विधायकों का इस्तीफ़ा
गोवा में दिसंबर 2021 से लेकर अब तक 10 विधायक इस्तीफा देकर दल बदल कर चुके हैं। इस समय गोवा में क्या चुनावी हलचल है? क्या घटनाक्रम चल रहा है? आइये! नज़र डालते हैं।
राज कुमार
14 Jan 2022
Michael Lobo Resignation
कालंगुट से भाजपा विधायक और मंत्री माइकल लोबो अपना इस्तीफा सौंपते हुए। साभार ट्वीटर माइकल लोबो।

उत्तर प्रदेश से लेकर गोवा तक मंत्रियों और विधायकों की बग़ावत या दल बदल जारी है। अगर हम गोवा की बात करें तो दिसंबर 2021 से लेकर अब तक 10 विधायक इस्तीफा देकर दल बदल कर चुके हैं। यानी मात्र एक महीने के भीतर गोवा के एक चौथाई विधायक इस्तीफा देकर पार्टी बदल चुके हैं। इस समय गोवा में क्या चुनावी हलचल है? क्या घटनाक्रम चल रहा है? आइये! नज़र डालते हैं।

दल बदल का क्रमानुसार ब्योरा

दिसंबर 2021 से लेकर अब तक गोवा विधानसभा के 10 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। जिनमें से चार विधायक भाजपा के हैं जो भाजपा छोड़कर अन्य पार्टी में शामिल हुए हैं। दो विधायक कांग्रेस से, गोवा फारवर्ड और एनसीपी से एक-एक विधायक और दो आज़ाद विधायक अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इनमें मंत्रियों से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। जैसे ही चुनाव नज़दीक आ रहा है और पार्टियां अपने उम्मीदवारों की सूचियों को फाइनल करने की तरफ बढ़ रही है, वैसे ही विधायकों में अफरा-तफरी मच गई है। गोवा में 2 दिसंबर 2021 से विधायकों के इस्तीफे और दल बदल का सिलसिला शुरु हुआ जो रुकने का नाम नहीं ले रहा। नीचे क्रमानुसार पिछले एक महीने के इस्तीफों और दल बदल का ब्योरा दिया गया है।

2 दिसंबर 2021 को सालिगांव विधानसभा क्षेत्र से गोवा फारवर्ड पार्टी के विधायक जयेश सालगांवकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने का बाद जयेश 3 दिसंबर 2021 को भाजपा में शामिल हो गये।

7 दिसंबर 2021 को गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि नाइक ने स्पीकर को इस्तीफा सौंपा। रवि नाइक पोंडा विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। रवि नाइक 8 दिसंबर 2021 को भाजपा में शामिल हो गये।

13 दिसंबर 2021 को बेनौलिम से नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाओ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने ये जानकारी दी कि एनसीपी के विधायी समूह को भंग करके तृणमूल कांग्रेस में विलय कर दिया गया है।

15 दिसंबर 2021 को स्वतंत्र विधायक रोहन खाउंटे ने अपने पद से इस्तीफा दिया और भाजपा में शामिल हो गये। रोहन खाउंटे पोरवोरिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

16 दिसंबर 2021 को कोर्तालिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की विधायक अलिना सलदान्हा ने अपने पद और भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अलिना 17 दिसंबर 2021 को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गईं।

20 दिसंबर 2021 को कर्टोरिम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक अलेक्सो रेजिनाल्डो इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये।

21 दिसंबर 2021 को वास्को-द-गामा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक कार्लोस अल्मेदा ने अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दिया और कांग्रेस में शामिल हो गये।

9 जनवरी 2022 को संगुएम विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र विधायक प्रसाद गांवकर ने अपने पद से इस्तीफा दिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये।

10 जनवरी 2022 को कालंगुट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक एवं मंत्री माइकल लोबो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 12 जनवरी को माइकल लोबो कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये।

10 जनवरी 2022 को मायेम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक प्रवीण ज़ांते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वो किस पार्टी में शामिल होंगे अभी इसकी कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रवीण महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी में जा सकते हैं।

क्या सिद्धांत और कौनसी नैतिकता?

भाजपा छोड़ने वाले विधायकों का कहना है कि भाजपा अब वो पार्टी नहीं रही जो मनोहर पर्रिकर के समय हुआ करती थी। वो अपने सिद्धांतों को भूल चुकी है। जो विधायक कांग्रेस में या तृणमूल कांग्रेस में जा रहे हैं उनका कहना है कि भाजपा को हर सूरत में सत्ता से बाहर करना है। कोई विधायक टिकटों के बंटवारे को लेकर असंतुष्ट है तो कोई अपनी पत्नी के लिए किसी विशेष विधानसभा सीट से टिकट ना मिलने से नाराज़ है। कोई कुछ और बेहतर हासिल करने की फिराक में अभी भी बारगेन कर रहे हैं। कुल मिलाकर बारगेनिंग चल रही है कि किसको क्या मिले या दिया जाए।

इस्तीफा देने और पार्टी बदलने वाले हर विधायक की अपनी एक कहानी है। उन्होंने क्या सोचकर कोई पार्टी ज्वॉयन की थी, क्यों छोड़ी, क्या सैद्धांतिक टकराव थे, किस सैद्धांतिक आधार पर अब किसी और पार्टी में शामिल हो रहे हैं? इन सवालों के सही-सही जवाब कोई नहीं दे रहा। बस इस्तीफे के साथ एक बाइट दे देते हैं और बात ख़त्म।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार है।)

इसे भी पढ़ें : गोवा चुनावः  34 साल में 22 मुख्यमंत्री

goa
Goa elections 2022
MLAs resign
BJP
congress aap
NCP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License