NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
विधानसभा चुनाव
भारत
राजनीति
गोवा : रुझानों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं
गोवा विधानसभा में कुल सीटें 40 हैं यानी बहुमत के लिए 21 सीटों की ज़रूरत है। अब तक आए रुझान में बीजेपी 18 जबकि कांग्रेस 10 सीटों पर आगे चल रही है। दोनों पार्टियों को 1-1 सीट पर जीत हासिल हो गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Mar 2022
गोवा : रुझानों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं
ET

देश के पांच राज्यों में सबसे छोटे राज्य गोवा में चुनाव के दूसरे चरण में 14 फरवरी को हुए मतदान के बाद आज 10 मार्च को दोपहर दो बजे तक यहां के परिणाम के रुझान करीब करीब सामने आ गए हैं। गोवा विधानसभा में कुल सीटें 40 हैं यानी बहुमत के लिए 21 सीटों की जरूरत है। अब तक आए रुझान में यहां दो सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस अब तक बहुमत नहीं मिल पाई है। इन रुझानों में अब तक बीजेपी को 18 सीटों पर आगे दिखाया गया है जबकि एक सीट पर जीत हासिल कर ली है। वहीं कांग्रेस 10 सीटों पर आगे है और एक सीट पर जीत हासिल कर ली है। आम आदमी पार्टी की बात करें तो वह दो सीटों पर आगे है। वहीं तीन सीटों पर निर्दलीय आगे है। उधर महारष्ट्रवादी गोमंतक तीन सीटों पर आगे है जबकि गोवा फॉरवार्ड पार्टी और रिवॉल्यूशनरी गोअंस पार्टी एक-एक सीटों पर आगे हैं। इस तरह देखा जाए तो गोवा में दो बड़ी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस को बहुमत मिलता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि अभी चुनाव आयोग द्वारा अंतिम परिणाम की घोषणा नहीं की गई है ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस पार्टी को हासिल होने वाली सीटों में कमी-बेशी हो सकती है।

गोवा में बीजेपी का मुख्यमंत्री चेहरा संकेलिम सीट से वर्तमान सीएम प्रमोद सावंत कांग्रेस के धर्मेष सगलानी से 386 मतों से आगे चल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे और निर्दलीय उम्मीदवार उत्पल पर्रिकर भाजपा प्रत्याशी अतानासियो 'बाबुश' मोनसेरेट से 716 मतों से पीछे चल रहे हैं। बता दें कि पिछले कुछ समय से मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर का भाजपा के साथ टिकट को लेकर मतभेद चल रहा था। इस बारे में भाजपा और उत्पल पर्रिकर का विवाद सोशल मीडिया तक आ गया था। गोवा के प्रभारी देवेंद्र फड़नवीस से लेकर केंद्रीय नेताओं तक ने उत्पल पर्रिकर से बात की। लेकिन कुल मिलाकर बात बनी नहीं। परिणामस्वरूप उत्पल पर्रिकर ने भाजपा से इस्तीफ़ा दे दिया और पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी।

उधर 2017 के चुनाव की बात करें तो 40 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं थी यानी बहुमत के आंकड़े 21 सीटों से चार सीटें कम ला पाई थी। लेकिन दिलचस्प रहा कि भाजपा को उससे भी कम कुल 13 सीटें मिलीं थी मतलब बहुमत से 8 सीटें कम थी। बावजूद इसके गोवा में भाजपा ने सरकार बना ली थी। जबकि साफ था कि जनता ने सरकार के खिलाफ वोट किया था। भाजपा 2012 से गोवा की सत्ता में थी।

गोवा की सबसे पुरानी पार्टी एमएजी यानी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने 2017 के चुनाव में तीन सीटें जीतीं थी जिसका वर्ष 2019 में भाजपा में कथित तौर पर विलय हो गया था। हालांकि उस समय इसके दो सदस्य ही भाजपा में गए जबकि एक तीसरे विधायक ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए।

वहीं जीएफपी यानी गोवा फॉरवर्ड पार्टी के पास भी तीन सीटें आईं थी जबकि निर्दलीय ने भी तीन सीटें हासिल की थी। साथ ही एनसीपी के खाते में एक सीट रही थी।

वोट शेयर की बात की जाए तो भाजपा को यहां कांग्रेस से कुछ ज्यादा वोट मिला था हालांकि सीटें कांग्रेस की ज़्यादा थीं। कांग्रेस को 17 सीटों के साथ गोवा में कुल 28.69 फीसदी वोट मिला था जबकि भाजपा को 13 सीटों के साथ 32.87 फीसद वोट मिला था।

महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी को 11.41 फीसद और गोवा फॉरवर्ड पार्टी को महज़ 3.52 फीसद वोट मिला था। फिर भी सीटें दोनों की बराबर रहीं थी यानी तीन-तीन। इसी तरह निर्दलीयों को भी 11.26 फीसदी वोट हासिल हुए थे जबकि एनसीपी को 2.31 फीसदी ही वोट मिला था। जबकि अन्य के खाते में 9.93 फीसदी वोट गया था।

2017 के चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने मंथन करने में देरी कर दी थी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी से गठबंधन करने में हिचक दिखाई थी लेकिन भाजपा ने झटपट अन्य दलों से गठबंधन करके मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में सरकार भी बना ली थी। उस समय मनोहर पर्रिकर केंद्र में रक्षा मंत्री थे लेकिन भाजपा ने अन्य दलों का समर्थन पाने के लिए आनन फानन में उन्हें रक्षा मंत्री जैसा अहम पद छुड़वा कर फिर गोवा का मुख्यमंत्री बना दिया गया था। इसी सबसे सबक लेकर इस चुनाव के लिए कांग्रेस पहले से ही तैयारी कर रही थी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी व गोवा फॉरवर्ड पार्टी समेत सभी छोटे-बड़े दलों से बातचीत कर रही थी ताकि नतीजों के बाद सोचने-विचारने में फिर देर न हो जाए।

 

goa
election
Result
Congress
BJP
Majority

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान

जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता

पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने

यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !

उत्तराखंड में भाजपा को पूर्ण बहुमत के बीच कुछ ज़रूरी सवाल

गोवा में फिर से भाजपा सरकार

त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल

उत्तराखंड में बीजेपी को बहुमत लेकिन मुख्यमंत्री धामी नहीं बचा सके अपनी सीट


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    भारतीय रंगमंच का इतिहास वर्ग संघर्षों का ही नहीं, वर्ण संघर्षों का भी है : राजेश कुमार
    10 Apr 2022
    आज विपक्ष की तरह रंगमंच भी कमजोर हो गया है। शहरी रंगमंच इतना महंगा हो गया है कि सरकारी ग्रांट या अनुदान लेना उसकी मजबूरी हो गयी है। जो प्रतिरोध की धारा से जुड़ कर नाटक कर रहे हैं, उन पर सत्ता का दमन…
  • bhasha
    न्यूज़क्लिक टीम
    “नंगा करने का दुख है लेकिन सच्ची पत्रकारिता करने का फ़ख़्र”: कनिष्क तिवारी
    09 Apr 2022
    ख़ास बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मध्यप्रदेश के सीधी ज़िले के पत्रकार कनिष्क तिवारी से बातचीत की और उनकी पीड़ा को जाना। कनिष्क तिवारी वही पत्रकार हैं, जिन्हें एक अन्य पत्रकार और कई…
  • sdmc
    न्यूज़क्लिक टीम
    CR Park: SDMC मेयर के बयान के बाद मछली विक्रेताओं पर रोज़ी रोटी का संकट?
    09 Apr 2022
    दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर के बयान के बाद दशकों से मछली बेच रहे विक्रेताओं के लिए रोज़ी रोटी का संकट पैदा हो गया है. विक्रेता आरोप लगा रहे है कि वे SDMC और DDA की बेरुख़ी का शिकार हो रहे है जबकि…
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    पत्रकार-पत्रकारिता से नाराज़ सरकार और राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार
    09 Apr 2022
    भारत प्रेस फ्रीडम की रिपोर्ट में उन देशों में शामिल है जहाँ पर पत्रकारों की हालत बहुत खराब मानी जाती है। हाल ही के दिनों में हुई कुछ घटनाएं इस रिपोर्ट को सही साबित करती हैं. पिछले कुछ दिनों में…
  • सोनिया यादव
    यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं
    09 Apr 2022
    पुलिस की मौजूदगी में मुस्लिम महिलाओं को सरेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत बजरंग मुनि दास अभी भी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है। वहीं उसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे छात्र और नागरिक समाज के लोग दिल्ली…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License