NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गोवा चुनावः मनोहर पर्रिकर के बेटे ने भाजपा छोड़ी, पणजी से होंगे निर्दलीय उम्मीदवार
उत्पल पर्रिकर ने आरोप लगाया है कि भाजपा एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे रही है जो दो साल पहले ही किसी अन्य पार्टी से भाजपा में आया है और जिस पर गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज है। उत्पल ने कहा है कि भाजपा अपने मूल्य भूल चुकी है। ये अब मनोहर पर्रिकर वाली भाजपा नहीं है।
राज कुमार
22 Jan 2022
Utpal parrikar
दिवंगत मनोहर पर्रिकर (दाएं), उत्पल पर्रिकर (बाएं)। साभार

पिछले कुछ समय से मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर का भाजपा के साथ टिकट को लेकर मतभेद चल रहा था। इस बारे में भाजपा और उत्पल पर्रिकर का विवाद सोशल मीडिया तक आ गया था। गोवा के प्रभारी देवेंद्र फड़नवीस से लेकर केंद्रीय नेताओं तक ने उत्पल पर्रिकर से बात की। लेकिन कुल मिलाकर बात बनी नहीं। परिणामस्वरूप उत्पल पर्रिकर ने भाजपा से इस्तीफ़ा दे दिया और पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

क्या है मामला?

उत्पल पर्रिकर पणजी विधानसभा सीट से टिकट चाहते थे। पणजी मनोहर पर्रिकर का पुराना कार्यक्षेत्र रहा है। लेकिन भाजपा ने उत्पल पर्रिकर को टिकट देने से साफ मना कर दिया। उत्पल पर्रिकर की बात गोवा के प्रभारी देवेंद्र फड़नवीस से भी हुई। उन्होंने कहा कि उत्पल पर्रिकर एक साधारण कार्यकर्ता की तरह पार्टी के लिए कार्य करे। पार्टी के केंद्रीय नेता भी उत्पल के साथ लगातार संपर्क में थे। उत्पल पर्रिकर और पणजी सीट को लेकर भाजपा खुद असमंजस में थी। भाजपा का तर्क था कि अगर उत्पल पर्रिकर को टिकट दिया जाता है तो भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगेगा।

इस बीच लगातार ऐसा अंदेशा बना रहा कि उत्पल कभी भी भाजपा छोड़ सकते हैं। ऐसी अटकलें लगाई जाने लगी कि उत्पल किस पार्टी में शामिल हो सकते हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, एनसीपी और शिव सेना आदि पार्टियों ने उत्पल को पार्टी में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया और टिकट भी ऑफर की। अरविंद केजरीवाल जब प्रचार के लिये गोवा आये तो उन्होंने मंच से घोषणा की थी कि अगर उत्पल पर्रिकर आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें टिकट दिया जाएगा। आम आदमी पार्टी के उपाध्यक्ष और पणजी से उम्मीदवार वाल्मीकि नाइक ने कहा था कि वो उत्पल पर्रिकर के लिए पणजी विधानसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे। ख़ैर! शुक्रवार को इस मामले का पटाक्षेप हो गया। उत्पल पर्रिकर ने भाजपा से इस्तीफ़ा देकर आज़ाद उम्मीदवार के तौर पर पणजी से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

भाजपा, उत्पल पर्रिकर, पणजी सीट और परिवारवाद

17 मार्च 2019 को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया। परिणामस्वरूप पणजी की सीट खाली हो गयी। उसी वर्ष गोवा में उप-चुनाव हुए। उत्पल पर्रिकर ने टिकट की दावेदारी पेश की थी। लेकिन भाजपा ने उत्पल पर्रिकर को टिकट नहीं दिया। भाजपा का उस समय भी यही तर्क था कि ऐसा लगेगा कि भाजपा परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है। भाजपा ने उस समय सिद्धार्थ कुंकोलिएंकर को टिकट दिया था। भाजपा पणजी सीट हार गई थी और कांग्रेस विजयी हुई थी।

मनोहर पर्रिकर के निधन की वजह से लोगों की सहानुभूति होने के बावजूद भाजपा पणजी सीट पर हार गई और कांग्रेस के अतानासियो मॉन्सरेट ने पणजी विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी।

गौरतलब है कि 26 साल में पहली बार भाजपा पणजी सीट पर हारी थी।

उत्पल पर्रिकर को परिवारवाद औऱ सिद्धांतों का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा ने इसी उप-चुनाव में उपमुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूज़ा के बेटे जोशुआ डिसूज़ा को मापुसा से टिकट दे दिया था। भाजपा का ये दोहरा चरित्र उस समय गोवा के लोगों के सामने खुलकर आ गया था। उस समय भी उत्पल पर्रिकर और मनोहर पर्रिकर समर्थकों में काफी आक्रोश था।

पणजी सीट, कांग्रेस और भाजपा

2019 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के अतानासियो मॉन्सरेट ने जीत हासिल की थी। लेकिन वर्ष 2019 में ही अतानासियो कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे। कांग्रेस के जिन दस विधायकों के समूह ने दिल्ली जाकर भाजपा की सदस्यता ली थी, उसका नेतृत्व अतानासियो मॉन्सरेट ही कर रहे थे। आतानासियो पर कथित तौर पर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का आरोप है। वर्ष 2016 में उन पर एक16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। उस दौरान मॉन्सरेट को कई दिन जेल में भी रहना पड़ा था। इसी मामले में वर्ष 2019 में चार्जशीट पेश की गई। उन पर धारा 376 और पोक्सो एक्ट लगाया गया है।

उत्पल पर्रिकर ने आरोप लगाया है कि भाजपा एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे रही है जो दो साल पहले ही किसी अन्य पार्टी से भाजपा में आया है और जिस पर गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज है। उत्पल ने कहा है कि भाजपा अपने मूल्य भूल चुकी है। ये अब मनोहर पर्रिकर वाली भाजपा नहीं है।

मनोहर पर्रिकर का संदर्भ भाजपा के लिये स्पीड ब्रेकर बन गया है

गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर गोवा के बहुत ही चहेते और लोकप्रिय नेता रहे हैं। उनकी लोकप्रियता सिर्फ एक पार्टी तक ही सीमित नहीं है। हालांकि मनोहर पर्रिकर अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनका संदर्भ इस चुनाव में बरकरार है। गौरतलब है कि गोवा के अन्य दलों ने भाजपा को इसी शर्त पर समर्थन दिया था कि मनोहर पर्रिकर को गोवा सरकार का नेतृत्व दिया जाए। फिलहाल भाजपा छोड़ रहे विधायक और नेता यही बात कह रहे हैं कि ये अब मनोहर पर्रिकर वाली भाजपा नहीं रही। अनातासियो मॉन्सरेट को पणजी से टिकट को लेकर सिर्फ उत्पल पर्रिकर नहीं भाजपा एक बड़े हिस्से में रोष है। ऊपर से अनातासियों मॉन्सरेट पर यौन शोषण का आरोप है। भाजपा एक और मंत्री रवि नाइक पर भी चुनाव से पहले यौन शोषण का आरोप लग चुका है। भाजपा का परिवारवाद के सिद्धांत का ढकोसला पहले ही एक्सपोज़ हो चुका है। ज़ाहिर तौर पर मनोहर पर्रिकर के समर्थकों के रोष और गुस्से का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा।

भाजपा का पणजी सीट पर निर्णय सिर्फ इस बात से प्रेरित है कि कौन जीत दिला सकता है? भाजपा को लगता है कि अतानासियो मॉन्सरेट अकेले अपने बूते पर भी जीतने का माद्दा रखते हैं।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार है।)

इन्हें भी पढ़ें : यौन शोषण के आरोप में गोवा के मंत्री मिलिंद नाइक का इस्तीफ़ा

गोवा चुनावः डेढ़ महीने में एक चौथाई विधायकों का इस्तीफ़ा

goa
Goa elections 2022
2022 Goa Legislative Assembly election
Manohar Parrikar
Utpal parrikar
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License