NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गोवा सरकार ने तेजपाल मामले की फिर से सुनवाई करने की अपील की
सरकार ने इस मामले में, फ़ैसले के बाद पीड़ित को लगने वाले आघात और उसके चरित्र पर सवाल उठाने को लेकर अदालत की समझ के अभाव का तर्क दिया है।
भाषा
01 Jun 2021
तरुण तेजपाल

मुंबई: गोवा सरकार ने बलात्कार के मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में दाखिल अपील में कहा है कि इस मामले की फिर से सुनवाई होनी चाहिये।

सरकार ने इस मामले में, फैसले के बाद पीड़ित को लगने वाले आघात और उसके चरित्र पर सवाल उठाने को लेकर अदालत की समझ के अभाव का तर्क दिया है।

उच्च न्यायालय की गोवा पीठ के समक्ष दाखिल अपील में इस सप्ताह संशोधन करके निचली अदालत के निर्णय के पहलुओं और तेजपाल को बरी किये जाने के खिलाफ दलीलों को शामिल किया गया है।

सरकार ने कहा कि बचाव पक्ष के वकील द्वारा पेश किये गए सबूतों को निचली अदालत ने न केवल अकाट्य सत्य माना, बल्कि पीड़िता के साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के गवाहों को भी नजरअंदाज कर दिया।

सरकार ने दावा किया कि अदालत ने इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (माफी वाले ई-मेल) को भी पूरी तरह अनदेखा कर दिया, जिसमें आरोपी का दोष साफ तौर पर जाहिर होता है।

गौरतलब है कि 21 मई को सत्र न्यायाधीश क्षमा जोशी ने 'तहलका' पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तेजपाल को नवंबर 2013 में एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट महिला साथी के यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया था।

गोवा सरकार ने बाद में इस निर्णय के खिलाफ अपील की।

अभियोजन ने उच्च न्यायालय में दाखिल अपील में निचली अदालत के निर्णय के उन विभिन्न हिस्सों को हटाने का अनुरोध किया, जो न केवल अभियोजन पक्ष बल्कि पीड़ित पर भी आक्षेप लगाते हैं।

अभियोजन ने कहा, 'इस तथ्य और अन्य पहलुओँ से स्पष्ट होता है कि मामले की कानून के अनुसार फिर से जांच होनी चाहिये।'

इसे पढ़ें : सेलिब्रिटी पत्रकार तरुण तेजपाल की जीत आम नौकरीपेशा महिलाओं की हार क्यों लगती है?

Tarun Tejpal
Sexual assault case
sexual harassment
goa

Related Stories

फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

गोवा में फिर से भाजपा सरकार

त्वरित टिप्पणी: जनता के मुद्दों पर राजनीति करना और जीतना होता जा रहा है मुश्किल

गोवाः बहुमत के आंकड़े से पिछड़ी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी

Election Results : जनादेश—2022, 5 राज्यों की जंग : किसकी सरकार

गोवा : रुझानों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं

EXIT POLL: बिग मीडिया से उलट तस्वीर दिखा रहे हैं स्मॉल मीडिया-सोशल मीडिया

गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?

चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के 'मास्टर स्ट्रोक’ से बचने की तैयारी में जुटी कांग्रेस


बाकी खबरें

  • एजाज़ अशरफ़
    दलितों में वे भी शामिल हैं जो जाति के बावजूद असमानता का विरोध करते हैं : मार्टिन मैकवान
    12 May 2022
    जाने-माने एक्टिविस्ट बताते हैं कि कैसे वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि किसी दलित को जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म और आस्था से परिभाषित किया जाना चाहिए।
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,827 नए मामले, 24 मरीज़ों की मौत
    12 May 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में आज कोरोना के एक हज़ार से कम यानी 970 नए मामले दर्ज किए गए है, जबकि इस दौरान 1,230 लोगों की ठीक किया जा चूका है |
  • सबरंग इंडिया
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल
    12 May 2022
    सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ एमपी के आदिवासी सड़कों पर उतर आए और कलेक्टर कार्यालय के घेराव के साथ निर्णायक आंदोलन का आगाज करते हुए, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की।
  • Buldozer
    महेश कुमार
    बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग
    11 May 2022
    जब दलित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके के दलित समुदाय में गुस्सा है।
  • Professor Ravikant
    न्यूज़क्लिक टीम
    संघियों के निशाने पर प्रोफेसर: वजह बता रहे हैं स्वयं डा. रविकांत
    11 May 2022
    लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ आरएसएस से सम्बद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता हाथ धोकर क्यों पड़े हैं? विश्वविद्यालय परिसरों, मीडिया और समाज में लोगों की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License