NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
नज़र भी, ख़बर भी: मोहन भागवत की अच्छी बातें और कुछ किंतु-परंतु
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर कुछ अच्छी-अच्छी बातें कहीे हैं, हालांकि सवाल ये है कि उन्हें भी इन बातों पर कितना यक़ीन है! और विडंबना ये भी कि उनको मानने वाले उनकी इन बातों को शायद ही मानते हों।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Jul 2021
cartoon

ग़ाज़ियाबाद: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर कुछ अच्छी-अच्छी बातें कहीे हैं, हालांकि उनको मानने वाले उनकी इन बातों को शायद ही मानते हों। और सवाल तो यह भी है कि उन्हें खुद अपनी बातों पर कितना यक़ीन है।

मोहन भागवत हिन्दू-मुसलमान के भेदभाव को बुरा कहते हैं, लिंचिंग की निंदा करते हैं लेकिन कुछ किंतु-परंतु भी जोड़ देते हैं। वह बार-बार सभी भारतीयों का डीएनए एक होने का दावा करते हैं हालांकि इस बहाने वह पहले सबको हिन्दू भी कहते रहे हैं और इस बार भी वह मुसलमानों को सलाह दे रहे हैं कि वे ये न समझें की भारत में इस्लाम ख़तरे में हैं, हालांकि इन दिनों भारत में दूसरा ही नारा गूंज रहा है जिसमें हिन्दुओं के ख़तरे में होने की बात कही जा रही है और यही वजह है कि मुसलमानों पर हमले बढ़े हैं।

क्या-क्या कहा भागवत ने

पीटीआई-भाषा की ख़बर के अनुसार आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि सभी भारतीयों का डीएनए एक है और मुसलमानों को ‘‘डर के इस चक्र में’’ नहीं फंसना चाहिए कि भारत में इस्लाम खतरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग मुसलमानों से देश छोड़ने को कहते हैं, वे खुद को हिन्दू नहीं कह सकते।

वह राष्ट्रीय मुस्लिम मंच द्वारा यहां ‘हिन्दुस्तानी प्रथम, हिन्दुस्तान प्रथम’ विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों में इस आधार पर अंतर नहीं किया जा सकता कि उनका पूजा करने का तरीका क्या है।

आरएसएस प्रमुख ने लिंचिंग (पीट-पीट कर मार डालने) की घटनाओं में शामिल लोगों पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘वे हिन्दुत्व के खिलाफ हैं।’’ हालांकि, उन्होंने कहा कि लोगों के खिलाफ लिंचिंग के कुछ झूठे मामले दर्ज किए गए हैं।

भागवत ने मुसलमानों से कहा, ‘‘ वे भय के इस चक्र में न फंसें कि भारत में इस्लाम खतरे में है।’’ उन्होंने कहा कि देश में एकता के बिना विकास संभव नहीं है।

आरएसएस प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि एकता का आधार राष्ट्रवाद और पूर्वजों का गौरव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम संघर्ष का एकमात्र समाधान ‘संवाद’ है, न कि ‘विसंवाद’।

भागवत ने इस अवसर पर ख्वाजा इफ्तकार अहमद की किताब ‘द मीटिंग ऑफ माइंड्स’ का विमाचेन भी किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हिन्दू-मुस्लिम एकता की बात भ्रामक है क्योंकि वे अलग नहीं, बल्कि एक हैं। सभी भारतीयों का डीएनए एक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों।’’

आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘यदि कोई कहता है कि मुसलमानों को भारत में नहीं रहना चाहिए तो वह हिन्दू नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक लोकतंत्र में हैं। यहां हिन्दुओं या मुसलमानों का प्रभुत्व नहीं हो सकता। यहां केवल भारतीयों का वर्चस्व हो सकता है।’’

भागवत ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि वह न तो कोई छवि बनाने के लिए कार्यक्रम में शामिल हुए हैं और न ही वोट बैंक की राजनीति के लिए।

उन्होंने कहा कि संघ न तो राजनीति में है और न ही यह कोई छवि बनाए रखने की चिंता करता है।

आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘यह (संघ) राष्ट्र को सशक्त बनाने और समाज में सभी लोगों के कल्याण के लिए अपना कार्य जारी रखता है।’’

Mohan Bhagwat
RSS
Rashtriya Swayamsevak Sangh
cartoon click
cartoon
mob lynching

Related Stories

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

कटाक्ष:  …गोडसे जी का नंबर कब आएगा!

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 


बाकी खबरें

  •  Kashi Vishwanath Temple
    विजय विनीत
    एक और ‘इवेंट’: यूपी में भाजपा का नया चुनावी दांव ‘चलो काशी’ 
    05 Dec 2021
    भाजपा का नया नारा है, "दिव्य काशी, भव्य काशी, चलो काशी।" यह नारा ऐसे वक्त में गढ़ा गया है जब पीएम नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर के लोकार्पण के लिए बनारस आ रहे हैं। इसी के ईर्द-गिर्द बुना गया है एक…
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    किसान आंदोलन : एसकेएम ने सरकार से बातचीत के लिए बनाई पांच सदस्यीय समिति
    04 Dec 2021
    किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, अशोक धावले, शिव कुमार कक्का, गुरनाम सिंह चढूनी और युद्धवीर सिंह को समिति का सदस्य नामित किया गया है।
  • Vinod Dua passes away
    भाषा
    दुखद: मशहूर पत्रकार विनोद दुआ का निधन
    04 Dec 2021
    विनोद दुआ जिगर की पुरानी बीमारी से पीड़ित थे। इस साल की शुरुआत में वह कोविड से भी संक्रमित हुए और कोविड की वजह से ही इसी साल जून में उन्होंने अपनी पत्नी, रेडियोलॉजिस्ट पद्मावती 'चिन्ना' को खो दिया था।
  • road
    राजेंद्र शर्मा
    नारियल से सड़क टूटी: ...पर डंका तो लगातार बज रहा है!
    04 Dec 2021
    नया विश्व रिकार्ड बिजनौर में कायम हुआ है। यह रिकार्ड थ्री इन वन है यानी तीन तरह का विश्व रिकार्ड। पहला रिकार्ड तो भाजपा विधायक सूची चौधरी के ही नाम है--नारियल मारकर नयी-निकोरी सड़क तोड़ देने का…
  • UAPA
    सोनिया यादव
    यूपी: सबसे ज़्यादा UAPA के तहत गिरफ़्तारियां, क्या विरोधी आवाज़ों को दबाने की कोशिश है?
    04 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में 'बेहतर कानून व्यवस्था' और 'न्यूनतम अपराध' के नाम पर योगी आदित्यनाथ की बीजेपी सरकार में साल 2020 में यूएपीए के तहत कुल 361 गिरफ़्तारियां हुईं, जबकि जम्मू कश्मीर में 346 और मणिपुर में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License