NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गोटाबाया राजपक्षे ने श्रीलंका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली
गोटाबाया के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे भी इस शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे। महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Nov 2019
गोटाबाया राजपक्षे
Image Courtesy: Hindustan

कोलंबो: श्रीलंका में गृहयुद्ध के दौरान विवादस्पद रक्षा सचिव रहे गोटबाया राजपक्षे ने देश के नए राष्ट्रपति के रूप में अनुराधापुर के रूवानवेली सेया में शपथ ली। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने जय श्री महाबोधि में पूजा-अर्चना की।

राजपक्षे ने शपथग्रहण करने से पहले एक ट्वीट में कहा, ‘जीत के लिए कोशिश करने से ज्यादा जरूरी होता है जीत को बनाए रखना।’

राजपक्षे के बड़े भाई महिंदा राजपक्षे भी इस शपथग्रहण समारोह में मौजूद थे। महिंदा 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। उनके अलावा पूर्व मंत्री बासिल राजपक्षे और बड़ी संख्या में सांसदों ने इस समारोह में हिस्सा लिया।

चुनाव आयोग ने रविवार को परिणाम जारी करते हुए घोषणा की थी कि राजपक्षे (70 वर्षीय) ने प्रेमदास (52 वर्षीय) को 13 लाख से अधिक मतों से पराजित किया। आयोग ने बताया कि राजपक्षे को 52.25 प्रतिशत (69,24,255) मत मिले जबकि प्रेमदास को 41.99 प्रतिशत (55,64,239) वोट प्राप्त हुए। अन्य उम्मीदवारों को 5.76 प्रतिशत वोट मिले।

चुनाव आयोग के अध्यक्ष महिंदा देशप्रिय ने कहा कि चुनाव में कुल मिलाकर लगभग 83.73 प्रतिशत मतदान हुआ। अपनी जीत के बाद राजपक्षे ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से जीत का जश्न मनाने की अपील की है।

सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल गोटबाया राजपक्षे ने ट्वीट किया, ‘हम श्रीलंका के लिए नई यात्रा शुरू कर रहे हैं, ऐसे में हमें यह याद रखना चाहिए कि श्रीलंका के सभी लोग इस यात्रा का हिस्सा हैं। आइए शांतिपूर्वक, गरिमा और अनुशासन के साथ उसी तरह जश्न मनाएं, जिस प्रकार हमने प्रचार किया था।’

गोटबाया ने चुनाव जीतने पर श्रीलंका के सबसे बड़े ऋणदाता चीन के साथ ‘संबंध बहाल’ करने का वादा किया था। दूसरी तरफ प्रेमदास (52) को भारत एवं अमेरिका की तरफ झुकाव रखने वाले के तौर पर देखा जाता है।

प्रेमदास ने निर्वाचन सचिवालय की ओर से परिणाम की आधिकारिक घोषणा से भी पहले चुनाव में हार स्वीकार करते हुए यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के उपनेता के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था।

सत्तारूढ़ यूएनपी के उम्मीदवार प्रेमदास ने कहा, ‘लोगों के निर्णय का सम्मान करना और श्रीलंका के सातवें राष्ट्रपति के तौर पर चुने जाने के लिए गोटबाया राजपक्षे को बधाई देना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं हमारे उन नागरिकों का आभारी हूं जिन्होंने मेरे लिए मतदान किया। मैं आभारी हूं कि आपने मुझ पर अपना भरोसा दिखाया। आपका समर्थन मेरे पूरे राजनीतिक करियर की ताकत का आधार रहा है।’

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘मतदाताओं के आज के फैसले के मद्देनजर मैंने यूएनपी के उपनेता के पद से तत्काल प्रभाव से हटने का फैसला किया है।’

प्रेमदास को देश के तमिल बहुल उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में ज्यादा वोट मिले हैं। सिंहली बहुल जिलों में राजपक्षे आगे रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजपक्षे को बधाई दी और कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए तत्पर है।

राजपक्षे ने भारत के लोगों और मोदी को धन्यवाद दिया। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भी राजपक्षे को बधाई दी।अनुमान है कि इस नतीजे के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे इस्तीफा दे सकते हैं।

मौजूदा संसद को कम के कम अगले साल फरवरी से पहले भंग नहीं किया जा सकता। इस तरह विक्रमसिंघे को तब तक पद से हटाया नहीं जा सकता, जब तक वह इस्तीफा नहीं दे देते।

ऐसा माना जा रहा है कि राष्ट्रपति बनने के बाद गोटबाया राजपक्षे अपने बड़े भाई महिंदा को प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे। महिंदा राजपक्षे ने चुनावी जीत पर अपने छोटे भाई को ट्विटर पर बधाई दी।

उन्होंने एक ट्वीट किया, ‘मैं गोटबाया राजपक्षे को चुनाव 2019 में जीत के लिए बधाई देता हूं। हमारी मातृभूमि की सेवा करने के लिए यह एक लंबा अभियान है। शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न होने के लिए देश के नागिरकों को धन्यवाद।’

महिंदा ने एक बयान में कहा कि नई सरकार के सबसे पहले कार्यों में से एक 2015 में अपनाये गये संविधान के 19वें संशोधन का अध्ययन करना है। राष्ट्रपति सिरिसेना ने राजपक्षे की जीत को ‘ऐतिहासिक’ बताया।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘ऐतिहासिक जीत पर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया आर को मेरी ओर से हार्दिक बधाई।’ श्रीलंका में इस चुनाव से सात महीने पहले हुए आत्मघाती बम हमलों में 269 लोगों की मौत हो गई थी।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Gotabaya Rajapaksa
New Sri-Lanka President
UNP

Related Stories

श्रीलंका की मौजूदा स्थिति ख़तरे से भरी

श्रीलंका में हिंसा में अब तक आठ लोगों की मौत, महिंदा राजपक्षे की गिरफ़्तारी की मांग तेज़

आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे का इस्तीफ़ा, बुधवार तक कर्फ्यू लगाया गया

श्रीलंका में कर्फ्यू, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस्तीफ़ा दिया

आइएमएफ की मौजूदगी में श्रीलंका के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र को ख़तरा 

कौन हैं गोटाबाया राजपक्षे, जिसने पूरे श्रीलंका को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है

श्रीलंका के नए वित्त मंत्री ने नियुक्ति के एक दिन बाद इस्तीफ़ा दिया

श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया


बाकी खबरें

  • Cartoon Click: Ah Democracy!, Wow Democracy!
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: आह लोकतंत्र!, वाह लोकतंत्र!
    27 Oct 2021
    हमारे गृह मंत्री से अच्छा लोकतंत्र का पाठ कौन पढ़ा सकता है। नहीं...नहीं...ये कोई व्यंग्य नहीं है, यक़ीन न हो तो लोकतंत्र को लेकर दिल्ली में आयोजित तीन दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री…
  • pegasus bench
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    पेगासस जासूसी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए बनाई विशेषज्ञ समिति
    27 Oct 2021
    पीठ ने कहा कि याचिकाओं में निजता के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उल्लंघन जैसे आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच करने की ज़रूरत है।
  • tripura
    सत्यम श्रीवास्तव
    बांग्लादेश सीख रहा है, हिंदुस्तान सीखे हुए को भूल रहा है
    27 Oct 2021
    बांग्लादेश ने अपने से कहीं पुराने और कहीं बड़े हिंदुस्तान को न केवल आर्थिक प्रगति और उससे जुड़े गरीबी, पोषण और शिक्षा के मामले में पछाड़ दिया है, बल्कि एक बेहतर भविष्य रचने की दिशा में भी हिंदुस्तान को…
  • DISCOMS
    बिजली संशोधन कानून 2021: बिजली को तारों से अलग करने की कसरत!
    27 Oct 2021
    दुर्भाग्य से, बिजली के मामले में बाजार की विफलता के सबूत अपने सामने होने के बावजूद, वर्तमान सरकार ऐसी नीतियों को ही आगे बढ़ाने में लगी हुई है, जो इस क्षेत्र को और भी ख़तरे में डालने जा रही हैं।
  • law
    दित्सा भट्टाचार्य
    जजों की भारी कमी के बीच भारतीय अदालतों में 4.5 करोड़ मामले लंबित, कैदियों से खचाखच भरी जेलें
    27 Oct 2021
    उच्च न्यायालयों में 2019-2020 के बीच लंबित मामलों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई जबकि इसी अवधि में, अधीनस्थ न्यायालयों में ​13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।​
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License