NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सरकार ने ईडी अधिकारी राजेश्वर सिंह को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी, लड़ सकते हैं चुनाव
कई विवादों में रहे सिंह ने पिछले साल के अंत में वीआरएस के लिए आवेदन दिया था। सूत्रों ने बताया कि वह भाजपा के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ सकते है।
भाषा
01 Feb 2022
Rajeshwar Singh

नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी राजेश्वर सिंह को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) दे दी है। वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं और उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।

अभी तक लखनऊ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में संयुक्त निदेशक पद पर सेवा दे रहे सिंह ने ट्वीट कर घोषणा की कि वह ‘सेवानिवृत्त हो रहे हैं।’’

उन्होंने सोमवार रात को ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक पत्र में कहा, ‘‘आज भारत सरकार से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के मेरे अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया है। 24 वर्षों के अथक और कर्तव्यनिष्ठ कठिन परिश्रम का कारवां आज बदलाव के बिंदु पर पहुंच गया है।’’

अधिकारी ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ अपने सिविल सेवा करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने करीब 10 वर्षों तक उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ काम किया और बाकी के वर्षों में ईडी के साथ काम किया।

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि आज 24 साल का मेरा पेशेवर सफर बदल रहा है तो इस मौके पर मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, ईडी निदेशक श्री एस के मिश्रा और उत्तर प्रदेश पुलिस का गहन आभार व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इतने वर्षों तक इन संगठनों के साथ काम करते हुए काफी कुछ सीखा है। मैं एक भागीदार के तौर पर, भारत को विश्व गुरू बनाने के प्रधानमंत्री के अभियान में शामिल हो गया हूं और मैं राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में दृढ़ विश्वास और अखंडता के साथ योगदान देना चाहता हूं।’’

सिंह ने पिछले साल के अंत में वीआरएस के लिए आवेदन दिया था। सूत्रों ने बताया कि वह भाजपा के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ सकते है।

सिंह ने कहा, ‘‘मैं इससे बहुत संतुष्ट हूं कि बेईमान भ्रष्ट नेताओं की विभिन्न धमकियों और दबाव बनाने के हथकंडे के बावजूद बिना झुके काम करने के मेरे साहस की माननीय उच्चतम न्यायालय ने समय-समय पर सराहना की।’’

अधिकारी अपने करियर में कई विवादों में भी रहे जिनमें जून 2018 में हुआ एक विवाद भी शामिल है जब वित्त मंत्रालय ने उच्चतम न्यायालय में एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी, जिसमें अधिकारी को दुबई से आए एक फोन कॉल की जानकारी थी।

Rajeshwar Singh
ED officer Rajeshwar Singh
BJP
UP ELections 2022

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष का सवाल !
    17 Jan 2022
    न्यूज़चक्र में अभिसार बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के चुनाव आयोग पर किए गए सवालों और धर्म संसद के मामले में हुई गिरफ़्तारी की
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License