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भारत
राजनीति
सरकार टाटा कम्युनिकेशंस में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगी
टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड (टीसीएल) ने शुक्रवार को नियामकीय सूचना में कहा , ‘‘टाटा कम्युनिकंशंस लिमिटेड ने आज (शुक्रवार) भारत के राष्ट्रपति, पेनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड, टाटा संस प्रा. लि. और कंपनी के बीच भारत सरकार द्वारा पूरी शेयरधारिता बेचने के लिये एक संशोधन समझौता किया है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
13 Mar 2021
Tata Communications

नयी दिल्ली : केंद्र  सरकार ने जैसा की अपने बजट भाषण में साफ किया था कि वो कंपनियों में से अपनी हिस्सेदारी बेचेगी।  उस तरफ सरकार बहुत तेज़ी से काम करती दिख रही है।  बीजेपी सरकार ने टाटा कम्युनिकंशस (पुराना नाम विदेश संचार निगम लिमिटेड) में अपनी कुल बची हिस्सेदारी का एक हिस्सा बिक्री पेशकश के जरिये खुले बाजार में बेचेगी। सरकार के बाकी शेयर टाटा संस की निवेश इकाई पेनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड को बेचे जाएंगे। कंपनी ने एक बाजार सूचना में इसकी जानकारी दी है।

वर्तमान में टाटा कम्युनिकेशंस में सरकार की 26.12 प्रतिशत , पेनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड की 34.8 प्रतिशत और टाटा संस की 14.07 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड (टीसीएल) ने शुक्रवार को नियामकीय सूचना में कहा , ‘‘टाटा कम्युनिकंशंस लिमिटेड ने आज (शुक्रवार) भारत के राष्ट्रपति, पेनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड, टाटा संस प्रा. लि. और कंपनी के बीच भारत सरकार द्वारा पूरी शेयरधारिता बेचने के लिये एक संशोधन समझौता किया है।’’

सरकार के टीसीएल में 7 करोड़ 44 लाख 46 हजार 885 शेयर हैं। इस शेयर के आखिरी बंद भाव के 1,289.75 के हिसाब से सरकार की हिस्सेदारी 9,601 करोड़ रुपये की बनती है। ‘‘ सरकार पहले अपने 4 करोड़ 59 लाख 46 हजार 885 शेयर, यानी 16.12 प्रतिशत हिस्सेदारी स्टॉक एक्सचेंज में खुली पेशकश के जरिये बेचेगी।’’

शेयर बाजार को भेजी सूचना में आगे कहा गया है, ‘‘इसके तुरंत बाद सरकार अपनी शेष हिस्सेदारी पेनाटोन को बेचेगी।’’ इसके लिये बिक्री मूल्य तय व्यवस्था के अंतर्गत निकाला जायेगा।

कंपनी ने सूचना में कहा है कि इस सौदे के पूरा होने पर सरकार की टाटा कम्युनिकेशंस में कोई हिस्सेदारी नहीं बचेगी।

सरकार ने 1986 में स्थापित विदेश संचार निगम लिमिटेड (वीएसएनएल) में 2002 में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी को प्रबंधन नियंत्रण के साथ पेनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड को बेचा था। इसके बाद इस कंपनी का नाम बदलकर टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड कर दिया गया था।

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Nirmala Sitharaman
Modi government

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