NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अभूतपूर्व आर्थिक संकट का कारण सरकार का ‘सांठगांठ से चलने वाला पूंजीवाद’ : येचुरी
येचुरी ने कहा, ‘‘देश में आज अभूतपूर्व आर्थिक संकट बना हुआ है और इसकी वजह है भाजपा सरकार का सांठगांठ वाला पूंजीवाद, गैर निष्पादित परिसंपत्तियां, जीएसटी तथा नोटबंदी। ’’
भाषा
14 Oct 2019
sitaram yechuri
फोटो साभार : money control

पालघर : मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा है कि देश ‘‘अभूतपूर्व आर्थिक संकट’’ का सामना कर रहा है और इसकी वजह नोटबंदी, जीएसटी तथा भाजपा नीत राजग सरकार का सांठगांठ से चलने वाला पूंजीवाद है।

वह रविवार को महाराष्ट्र में पालघर जिले के दहानू में माकपा उम्मीदवार विनोद निकोल के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश और इसके नागरिकों को बचाना है तो भाजपा और शिवसेना को हराना जरूरी है।

येचुरी ने कहा, ‘‘देश में आज अभूतपूर्व आर्थिक संकट बना हुआ है और इसकी वजह है भाजपा सरकार का सांठगांठ वाला पूंजीवाद, गैर निष्पादित परिसंपत्तियां, जीएसटी तथा नोटबंदी। ’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्वामित्व वाले बीएसएनएल तथा एमटीएनएल को बंद करने की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं ताकि उद्योगपति मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो को फायदा मिल सके।

माकपा नेता ने कहा, ‘‘ नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे जय हिंद की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया नारा ‘जियो हिंद’ बन गया है। ’’

येचुरी ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी बीपीसीएल को बंद करने की भी योजना है।

उन्होंने दावा किया कि बीते 50 वर्ष के मुकाबले फिलहाल बेरोजगारी चरम पर है।
येचुरी ने कहा,‘‘ वर्तमान प्रशासन की सबसे खराब बात यह है कि वह धर्म के आधार पर लोगों को बांट रहा है। सांप्रदायिक तनाव, पीट-पीटकर हत्या की घटनाएं लगातार हो रही हैं। कश्मीर मुद्दा और असम का राष्ट्रीय नागरिक पंजी इसके स्पष्ट उदाहरण हैं।’’

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को चुनाव होना है। मतगणना 24 अक्टूबर को होगी।

Government's crony capitalism
economic crises
Sitaram yechury
CPM
demonitisation
GST
BJP
modi sarkar
maharastra election

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • भाषा
    मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला
    10 May 2022
    मोहाली पुलिस ने एक बयान में कहा, ''शाम 7.45 बजे सेक्टर 77, एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय परिसर में एक मामूली विस्फोट की सूचना मिली। किसी नुकसान की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    अनिश्चितता के इस दौर में रौशनी दिखाता श्रमिकों का संघर्ष  
    10 May 2022
    पोटेरे अल पोपोलो के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने 6 से 8 मई तक इटली के रोम में आयोजित वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेड यूनियन्स की 18वीं कांग्रेस को संबोधित किया।
  • शाओनी दास
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई
    10 May 2022
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून, 1967 [यूएपीए] को 14 सितंबर, 2020 को हुए दिल्ली दंगों में कथित साज़िशकर्ताओं के ख़िलाफ़ इस्तेमाल गया है।
  • अजय कुमार
    क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?
    10 May 2022
    मौजूदा वक़्त की हालत यह है कि वित्तीय बाजार की पूरी दुनिया पर डॉलर का दबदबा है। लंदन, न्यूयॉर्क से वित्तीय बाजार नियंत्रित हो रहा है लेकिन दुनिया के उत्पादन श्रृंखला पर अमेरिका का दबदबा नहीं है।
  • राज वाल्मीकि
    मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे
    10 May 2022
    सुशीला टाकभौरे ने कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि कई विधाओं में लेखन किया है। कई कहानियां, कविता और उपन्यास, आत्मकथा विभिन्न राज्यों के पाठ्यक्रम में लगी हुई हैं। आपको कई पुरस्कारों से सम्मानित किया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License