NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कोविड डयूटी पर लगे शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स  घोषित करे सरकार : माकपा
माकपा ने राज्य सरकार से मांग की है  कि कोरोना अभियान में लगे अन्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी कोरोना वॉरियर माना जायेे। इसके तहत मृतक शिक्षकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाये।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 May 2021
कोविड डयूटी पर लगे शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स  घोषित करे सरकार : माकपा

देशभर में कई ऐसे विभाग के कर्मचारी है जो  कोरोना संक्रमण के दौर काम कर रहे है लेकिन सरकारे उन्हें  कोरोना वॉरियर्स  दर्जा नहीं दे रही है।  जिससे वो आर्थिक और सामजिक सुरक्षा के लाभ से बाहर रह जाते है। मध्य प्रदेश में भी  डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं, आशा ऊषा कर्मियों व सफाई कर्मचारी की तरह कोविड ड्यूटी में लगे शिक्षकों को भी कोरोना वॉरियर्स का दर्जा  नहीं दिया गया है जबकि वो भी कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में काम कर रहे है।  इसको देखते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)के मध्य प्रदेश की राज्य इकाई ने शिक्षकों को भी कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देने की माँग की है।  

माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि कोविड अभियान में ड्यूटी के कारण करीब तीन हजार शिक्षक कोरोना से गंभीर रूप से संक्रमित होकर इलाज करवा रहे हैं और 723 शिक्षकों की मृत्यु भी संक्रमण से हो चुकी है। मगर शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा उन्हें कोरोना वॉरियर्स न माने जाने के कारण न तो संक्रमित होने पर उनका उचित उपचार हो रहा है और न ही मृत्यु होने पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा मिल रहा है।

माकपा ने राज्य सरकार से मांग की है  कि कोरोना अभियान में लगे अन्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी कोरोना वॉरियर माना जायेे। इसके तहत मृतक शिक्षकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाये।

COVID-19
Teachers Duty
Corona warriors
CPI-M

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Women in Afghanistan
    अब्दुल रहमान
    तालिबान के मज़बूत होने के कारण अब अफ़ग़ान महिलाओं के सामने अनिश्चित भविष्य
    11 Aug 2021
    अमेरिका की ओर से अफगनिस्तान पर आक्रमण करने की मुख्य वजह को अफगानी महिलाओं की स्तिथि बताई गई थी। आज जब अमेरिका यहाँ से लौट रहा है और तालिबान दोबारा से सर उठा रहा है, तो ऐसे में आज महिलाओं की स्थिति…
  • मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
    11 Aug 2021
    सीपीएम ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण, संदिग्ध संक्रमण, अन्य बीमारियों में इलाज न मिल पाने की वजह से हुयी समस्त मौतों को इस राहत की श्रेणी में लिया जाए।
  • trans
    एनआईएफ तीन अनुवाद फेलोशिप प्रदान करेगा  
    11 Aug 2021
    असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल और उर्दू के अनुवादकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिनका चयन भाषा विशेषज्ञ समिति करेगी।
  • सोनिया यादव
    गोरखपुर: बच्चों की मौत के चार साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ़, शायद डॉक्टर कफ़ील ख़ान को मिल जाए!
    11 Aug 2021
    साल 2017 के अगस्त महीने में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कई मासूमों की मौत कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी। तब शासन-प्रशासन ने सारा लापरवाही का ठीकरा डॉक्टर कफ़ील ख़ान पर फोड़ दिया था। अब चार साल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    पराग्वेः हज़ारों डॉक्टरों, किसानों, शिक्षकों और ट्रक चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया
    11 Aug 2021
    विभिन्न क्षेत्र राष्ट्रपति मारियो अब्दो बेनिटेज़ की अतिदक्षिणपंथी सरकार के साथ हुए समझौतों के लागू करने की मांग कर रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License