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हैदराबाद के बाद उन्नाव को लेकर ग़म और गुस्सा, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा
उन्नाव कांड की पीड़िता की बीती रात दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में मौत हो गई। उसके बाद पहले सी ही बलात्कार और हत्या को लेकर परेशान और गुस्सा देश, और आक्रोष में है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Dec 2019
protest

हैदराबाद के बाद उन्नाव कांड को लेकर आज देशभर में ग़म और गुस्सा है और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ गया है।

उन्नाव केस की पीड़िता की बीती रात दिल्ली के सफ़दरजंग अस्पताल में मौत हो गई। उसके बाद पहले से ही बलात्कार और हत्या को लेकर परेशान और गुस्सा देश, और ज़्यादा ग़म और गुस्से में है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जहां तमाम सामाजिक और महिला संगठन सड़क पर उतर रहे हैं, वहीं राजनीतिक दलों ने भी अपनी गतिविधियां तेज़ कर दी हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानभवन के सामने धरने पर बैठ गए हैं। उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मृत पीड़िता के परिवारीजनों को इंसाफ दिलाने के लिए उन्नाव का रुख किया है।

इधर दिल्ली में उन्नाव बलात्कार पीड़िता के लिए इंसाफ की मांग कर रही महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को जलाने की कोशिश की। पुलिस ने यह जानकारी दी।

आपको बता दें कि उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बलात्कार पीड़िता को गुरुवार, 5 दिसंबर की सुबह उसके बलात्कार के आरोपियों सहित पांच लोगों ने आग के हवाले कर दिया था। आरोपियों में से दो के खिलाफ पीड़िता ने बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। और पीड़िता गुरुवार को इसी मुकदमे के सिलसिले में रायबरेली कोर्ट जा रही थी, जब उसपर हमला किया गया। बलात्कार का मामला पिछले साल 2018 का था, लेकिन पीड़िता आज तक इंसाफ के लिए भटक रही थी। पुलिस ने पहले उसकी रिपोर्ट भी नहीं लिखी थी। बाद में कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई।

करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती को पहले लखनऊ और फिर एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था और यहां सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसने शुक्रवार रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दम तोड़ दिया।

इसे पढ़ें : जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता, सफदरजंग अस्पताल में मौत

इसके बाद शव को उन्नाव ले जाने की कवायद शुरू हुई। गाजियाबाद के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन उन्नाव पीड़िता के शव को विमान से या सड़क मार्ग से उसके गांव ले जाने के लिए तैयार है। बाद में पीड़िता का शव को सड़क के रास्ते उन्नाव ले जाने का निर्णय किया गया।

उन्नाव जिले के बिहार थाना इलाके में पीड़िता के गांव में उसकी मौत की सूचना पहुंचते ही सन्‍नाटा पसर गया। लोगों में गम और गुस्‍सा दिखाई दिया। पीड़िता की मौत के मद्देनजर पुलिस ने गांव में सुरक्षा बढ़ा दी है।

पीड़िता की मौत से परिवार बेहद सदमे में है। पीड़िता के पिता ने कहा कि आरोपियों को गोली मार देनी चाहिए या फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए। जिंदगी की जंग हार चुकी 23 वर्षीय पीड़िता के बेहाल पिता ने सरकारी मदद मिलने के सवाल पर कहा "मुझे रूपया-पैसा-मकान कुछ नहीं चाहिये। मुझे इसका लालच नहीं है, बस जिसने मेरी बेटी को इस हालत में पहुंचाया है, उन्हें तत्काल सज़ा मिलनी चाहिए"

यह पूछे जाने पर कि क्या कोई नेता या अधिकारी उन्हें न्याय दिलाने के लिए आगे आया, पीड़िता के पिता ने कहा कि न कोई विधायक आया और न ही कोई अधिकारी आया।

उन्होंने साथ ही कहा कि आरोपियों ने पैसे के दम पर उन्हें न्‍याय से वंचित रखा है। ‘‘मेरा मामला भी दर्ज नहीं किया गया। अदालत के निर्देश के बाद ही मामला दर्ज किया गया।’’

पीड़िता के पिता ने पुलिस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस लापरवाही न करती तो ये हालात न बनते।

शोक में डूबे परिवार को इस बात का दुख है कि वे बेटी को बचा नहीं पाए जबकि वह जीना चाहती थी और आरोपियों को सजा दिलाना चाहती थी। पीड़िता के भाई ने शनिवार को कहा कि उसकी बहन को तब न्याय मिलेगा जब उसके साथ क्रूरता करने वाले उन सभी आरोपियों का भी वही हश्र हो जो ‘‘उसकी बहन ने झेला।’’

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘उसने मुझसे मिन्नत की कि भाई मुझे बचा लो। मैं बहुत दुखी हूं कि मैं उसे बचा नहीं सका।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां से बिहार जाएंगे। आरोपियों ने पहले ही उसे जला दिया है और अब हम उसे दफनाएंगे।’’

बीघापुर के एसडीएम दया शंकर पाठक ने भी कहा कि वह अभी कुछ बता नहीं सकते कि शव कब यहां पहुंचेगा।
अखिलेश धरने पर बैठे

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लखनऊ में विधान भवन के मुख्य द्वार के सामने शनिवार को धरने पर बैठ गए। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में इस घटना के लिए राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराया और ऐलान किया कि इस घटना के खिलाफ रविवार को समाजवादी पार्टी प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर शोक सभा का आयोजन करेगी।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने पीड़िता की मौत के बाद कड़ी प्रतिक्रिया करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ जिस उन्नाव बलात्कार पीड़िता को जलाकर मारने की कोशिश की गई, उसकी कल रात दिल्ली में हुई दर्दनाक मौत अति-कष्टदायक है। इस दुःख की घड़ी में बसपा पीड़ित परिवार के साथ है। उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार को समुचित न्याय दिलाने हेतु शीघ्र ही विशेष पहल करे, यही इंसाफ का तकाज़ा और जनता की मांग है।"
 

2. साथ ही, इस किस्म की दर्दनाक घटनाओं को यूपी सहित पूरे देशभर में रोकने हेतु राज्य सरकारों को चाहिए कि वे लोगों में कानून का खौफ पैदा करे तथा केन्द्र भी ऐसी घटनाओं को मद्देनजर रखते हुये दोषियों को निर्धारित समय के भीतर ही फांसी की सख्त सजा दिलाने का कानून जरूर बनाए।

— Mayawati (@Mayawati) December 7, 2019

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ साथ ही, इस किस्म की दर्दनाक घटनाओं को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में रोकने हेतु राज्य सरकारों को चाहिए कि वे लोगों में कानून का खौफ पैदा करे तथा केन्द्र भी ऐसी घटनाओं को मद्देनजर रखते हुये दोषियों को निर्धारित समय के भीतर ही फांसी की सख्त सजा दिलाने का कानून जरूर बनाए।"

कांग्रेस की पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा, ''उन्नाव की बेटी के साथ जो हुआ वह साफ दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। इन्हें कहीं न कहीं राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है और यही वजह है ऐसी घटनाएं हो रही हैं।"

उन्होंने कहा, ''मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्हें दुख और खेद है। उनके इस दुख और खेद में उनकी सरकार की नाकामी नजर आती है।''

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘ दुखद । बर्बरता की कोई सीमा ही नहीं रह गई है...उन्नाव ।’’

प्रियंका उन्नाव रवाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पीड़िता की मौत के बाद उसके परिजन से मुलाकात करने के लिए लखनऊ से उन्नाव रवाना हो गईं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने 'भाषा' को बताया कि पीड़िता की मौत की खबर मिलने के बाद प्रियंका उन्नाव के लिए रवाना हो गई हैं। प्रियंका वहां पीड़िता के परिजन से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देंगी। प्रियंका उत्तर प्रदेश की अपनी दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को लखनऊ पहुंची थीं।

मालीवाल ने त्वरित कार्रवाई की माग की

उधर, दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने उन्नाव बलात्कार मामले के आरोपियों को एक महीने के अंदर फांसी दिए जाने की मांग की।

बलात्कार के दोषियों को दोषसिद्धि के बाद छह महीने के भीतर फांसी की सजा देने की मांग को लेकर तीन दिसम्बर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठीं डीसीडब्ल्यू की प्रमुख ने कहा, ‘‘मैं उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार से अपील करती हूं कि मामले पर त्वरित कार्रवाई करे और सुनिश्चित करे कि दोषियों को एक महीने के अंदर फांसी की सजा दी जाए।’’

मालीवाल ने शनिवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘बहरी’’ एवं ‘‘असंवेदनशील’’ है और बलात्कार पीड़िताओं की ‘‘चीखें’’ उसे सुनाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि वह अपने देश की सरकार पर ‘‘शर्मिंदा’’ है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला ले जाएंगे : मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पीड़िता की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि मुक़दमे को त्वरित अदालत में चलाकर अपराधियों को कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी।

सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा ‘‘ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव पीड़िता के सन्दर्भ में कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, उसकी मौत अत्यंत दुखद है। उनके द्वारा परिवार के प्रति पूरी संवेदना व्यक्त की गयी। सभी अपराधी पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मामले को त्वरित अदालत में ले जाकर कड़ी सज़ा दिलाएंगे।’’

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत प्राविधिक शिक्षा मंत्री और जनपद उन्नाव की प्रभारी मंत्री कमल रानी वरुण और श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य उन्नाव पीड़िता के गांव तत्काल जाएंगे।

एसडीएम के सामने अंतिम बयान

आपको यहां यह भी बता दें कि पीड़िता ने एसडीएम दयाशंकर पाठक के सामने दिए बयान में बताया था कि वह मामले की पैरवी के लिए रायबरेली जा रही थी। जब वह गौरा मोड़ के पास पहुंची थी तभी पहले से मौजूद गांव के हरिशंकर त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी, उमेश बाजपेयी और बलात्कार के आरोपित शिवम त्रिवेदी, शुभम त्रिवेदी ने उस पर हमला कर दिया और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिवम और शुभम त्रिवेदी ने दिसंबर 2018 में उसे अगवा कर उससे बलात्कार किया था। हालांकि इस संबंध में प्राथमिकी मार्च में दर्ज की गई थी।

यहां आपको बता दें कि उन्नाव नाम से सामने आया ये मामला उन्नाव के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर वाले केस से अलग है। उस मामले की पीड़िता भी एक संदिग्ध सड़क हादसे में अपनी मौसी और चाची को गंवा चुकी है और खुद ज़ख़्मी हो गई। उस पीड़िता को भी अभी तक इंसाफ का इंतज़ार है। उस मामले के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर जेल से ही अपना राज चलाने और पीड़िता को धमकाने और सड़क हादसा तक कराने तक का आरोप है। पीड़ित के परिजन इस सड़क हादसे को हत्या बताते हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

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