NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुजरातः सीएम पद में बदलाव की अटकलों वाली ख़बर के लिए पत्रकार पर राजद्रोह का मुक़दमा और गिरफ़्तारी
रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात की भाजपा सरकार को इस बीच आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वह राज्य में कोरोनावायरस संक्रमण के तेज़ी से फैलने को रोक पाने में विफल रही है। इसके अलावा लॉकडाउन की घोषणा के बाद से देश में गिरफ़्तार किए जाने वाले ये चौथे पत्रकार हैं।
दमयन्ती धर
13 May 2020
Vijay Rupan
गुजरात के मुख्यमंत्री, विजय रूपाणी। साभार: स्क्रॉल.इन

एक ऑनलाइन गुजराती न्यूज़ पोर्टल फेस ऑफ द नेशन के संपादक को 11 मई को क्राइम ब्रांच डिटेक्शन (डीसीबी) द्वारा राजद्रोह के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है। संपादक धवल पटेल को तब गिरफ़्तार किया गया जब उनके पोर्टल पर एक राजनीतिक लेख प्रकाशित किया गया जिसमें इस बात के कयास लगाए गए थे कि बीजेपी शासित गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को सीएम पद से हटाकर उनकी जगह केंद्रीय जहाजरानी मंत्री मनसुख मंडाविया को गुजरात की कमान सौंपी जा सकती है। इस लेख में इस बात का भी दावा किया गया था कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मंडाविया को दिल्ली में नेतृत्व परिवर्तन के बारे में विचार विमर्श के लिए बुलाया था, क्योंकि रूपाणी राज्य में कोरोना वायरस के तेज़ी से बढ़ते पॉजिटिव मामलों के मद्देनज़र हालात पर काबू पाने में विफल साबित हुए।

रूपाणी के नेतृत्व में गुजरात की भाजपा सरकार को इस बीच आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि यह राज्य में कोरोनावायरस संक्रमण के तेज़ी से फैलने को रोक पाने में विफल रही है। 11 मई तक राज्य में 8,542 पॉजिटिव केस दर्ज हो चुके थे और 513 मरीज़ों की मौत के साथ मृत्यु दर 6% थी, जो देश में सर्वाधिक है।

इसके बाद तो कई स्थानीय समाचार समूहों ने गुजरात सरकार की विफलता की स्टोरी को प्रमुखता से छापना शुरू कर दिया था, जिसमें इस बात के कयास लगाए जाने शुरू हो चुके थे कि इसके चलते राज्य में नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाद में मनसुख मंडाविया को ट्विटर के ज़रिए स्थिति संभालनी पड़ी कि गुजरात के वर्तमान सीएम को नहीं हटाया जा रहा है।

इस बीच जहां बाकी के किसी अन्य समाचार समूहों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, वहीं धवल पटेल के ख़िलाफ़ एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा एफआईआर दर्ज कर दी गई। जिसमें दावा किया गया कि यह स्टोरी “आधारहीन थी और महामारी से घिरे प्रदेश में अस्थिरता और भय का वातावरण निर्मित करने के लिए” चलाई गई थी। इस प्राथमिकी के आधार पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 45 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

डीसीबी की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गिरफ़्तारी के बाद पटेल को मेडिकल जांच के लिए कोरोना वायरस केयर सेंटर में भेज दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि सरकार या सरकारी मशीनरी के ख़िलाफ़ लिखने और विरोध प्रदर्शन करने वाले एक्टिविस्ट को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने को लेकर गुजरात सरकार का पुराना इतिहास रहा है। राज्य में प्रधानमंत्री या बाहर से आ रहे अन्य वीआईपी मेहमानों की अगुआई के दौरान एक्टिविस्ट को एहतियातन हिरासत में रखने या घर में नज़रबंद रखे जाने तक की परम्परा रही है। हालांकि हाल के दिनों में इस घटना के पहले तक गुजरात में किसी भी पत्रकार को गिरफ़्तार नहीं किया गया था।

कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के मद्देनज़र लॉकडाउन के बाद से ही देश के विभिन्न राज्यों में कई पत्रकारों की गिरफ़्तारियों की सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। एक मराठी न्यूज़ चैनल से संबद्ध एक पत्रकार को 15 अप्रैल को महाराष्ट्र पुलिस ने एक रिपोर्ट को लेकर गिरफ़्तार कर लिया, जिसमें इस बात का इशारा किया गया था कि यहां पर जो प्रवासी श्रमिक फंसे हैं उन्हें उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए ट्रेनों का प्रबंध किया जा रहा है। तमिलनाडु के एक पत्रकार एंड्रयू सैम राजा पांडियन को 18 अप्रैल को इसलिए गिरफ़्तार कर लिया गया क्योंकि उन्होंने सिम्पलीसिटी न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित अपने एक लेख में खाद्य वितरण में कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इसी तरह कुछ दिनों बाद 27 अप्रैल को अंडमान के एक पत्रकार जुबैर अहमद को ट्विटर पर सवाल उठाने के जुर्म में गिरफ़्तार कर लिया गया था। उन्होंने सवाल किया था कि उन परिवारों को मात्र कोरोना वायरस मरीज़ों के साथ फोन के ज़रिए हालचाल पूछने के लिए अपने घरों में क्वारंटीन रहने के आदेश क्यों दिए गए।

अंग्रेज़ी में लिखा मूल आलेख आप नीचे लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Gujarat Journalist Slapped with Sedition, Arrested for Speculative Story on CM’s Replacement

Gujarat Government
Face of the Nation
COVID-19
Nationwide Lockdown
Freedom of Press
Indian media

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Anganwadi workers
    रौनक छाबड़ा
    हरियाणा: हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकार्ताओं के आंदोलन में अब किसान और छात्र भी जुड़ेंगे 
    08 Mar 2022
    आने वाले दिनों में सभी महिला कार्यबलों से सम्बद्ध यूनियनों की आस ‘संयुक्त महापंचायत’ पर लगी हुई है; इस संबंध में 10 मार्च को रोहतक में एक बैठक आहूत की गई है।
  • refugee crisis
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: संयुक्त राष्ट्र ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इसे यूरोप का सबसे बड़ा शरणार्थी संकट बताया 
    08 Mar 2022
    अमेरीका ने रूस से आयात होने वाले तेल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानूनी मुहिम शुरू की, तो दूसरी तरफ जेलेंस्की ने रूस को चिकित्सा आपूर्ति मार्ग पर हुआ समझौता याद दिलाया।
  • राज कुमार
    गोवा चुनावः कौन जीतेगा चुनाव और किसकी बनेगी सरकार?
    08 Mar 2022
    इस बार भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है क्योंकि तमाम विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए लड़े हैं और ये स्थिति कांग्रेस के पक्ष में जाती है।
  • privatization of railways
    सतीश भारतीय
    निजी ट्रेनें चलने से पहले पार्किंग और किराए में छूट जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं!
    08 Mar 2022
    रेलवे का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग की जेब पर वजन लादने जैसा है। क्योंकि यही वर्ग व्यवसाय और आवाजाही के लिए सबसे ज्यादा रेलवे पर आश्रित है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक्टिव मामलों की घटकर 50 हज़ार से कम हुई
    08 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 3,993 नए मामले सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.12 फ़ीसदी यानी 49 हज़ार 948 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License