NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
समाज
भारत
राजनीति
गुजरात: लड़कियों की माहवारी की जबरन जांच मामले में प्रधानाचार्य, रेक्टर समेत चार गिरफ़्तार
श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट में लगभग 68 लड़कियों के अंत:वस्त्र जांचे गए थे। यह शर्मनाक घटना तब घटित हुई जब हॉस्टल रेक्टर ने कॉलेज की प्रधानाचार्य से शिकायत की कि कुछ छात्राएं धार्मिक नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, जो खासतौर से मासिक धर्म को लेकर बनाए गए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Feb 2020
Gujrat

छात्राओं की माहवारी जांचने के लिए अंडर गारमेंट्स (अंत:वस्त्र) उतारने पर मजबूर करने के मामले में गुजरात के भुज में स्थित श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट  (एसएसजीआई) के प्रधानाचार्य समेत चार लोगों को पुलिस ने सोमवार, 17 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया।

श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टीट्यूट (एसएसजीआई) में लगभग 68 लड़कियों के अंत:वस्त्र जांचे गए थे। यह शर्मनाक घटना तब घटित हुई जब हॉस्टल रेक्टर ने कॉलेज की प्रधानाचार्य से शिकायत की कि कुछ छात्राएं धार्मिक नियमों का उल्लंघन कर रही हैं, जो खासतौर से मासिक धर्म को लेकर बनाए गए हैं।

श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टिट्यूट (एसएसजीआई) के न्यासी प्रवीण पिंडोरिया ने सोमवार को कहा कि प्रधानाचार्य रीता रानींगा, महिला छात्रावास की रेक्टर रमीलाबेन हीरानी और कॉलेज की चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी नैना गोरासिया को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शनिवार को निलंबित कर दिया गया है।

भुज पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इन तीनों के अलावा अनीता चौहान नाम की एक महिला को भी आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है। वह कॉलेज से संबंध नहीं रखती है।

एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि उक्त चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 355 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि एसएसजीआई एक स्व-वित्तपोषित कॉलेज है जिसका अपना महिला छात्रावास है। यह संस्थान भुज के स्वामीनारायण मंदिर के एक न्यास द्वारा चलाया जाता है। कॉलेज क्रांतिगुरु श्यामजी कृष्ण वर्मा कच्छ विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इस कॉलेज की स्थापना 2012 में हुई थी।

कॉलेज में बीकॉम, बीए और बीएससी के कोर्स कराए जाते हैं। यहां 1500 छात्राएं पढ़ती हैं। जिसमें से सूदूर गांव में रहने वाली 68 लड़कियां कॉलेज कैंपस में रहती हैं। नियम के अनुसार मासिक धर्म के दौरान लड़कियां किचन या मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकती हैं। यहां तक की वह साथी छात्राओं को भी नहीं छू सकतीं।

इस मामले में हॉस्टल प्रशासन ने प्रधानाचार्य रीता रानिन्गा से शिकायत की कि मासिक धर्म के दौरान कुछ लड़कियां न केवल साथी लड़कियों के साथ घुलमिल रही हैं बल्कि किचन और मंदिर में प्रवेश कर रही हैं। इसके बाद छात्राओं को जबरन कक्षा छोड़ने के लिए कहा गया। फिर उन्हें वॉशरुम ले जाकर अंत: वस्त्र उतारने के लिए कहा गया और महिला अध्यापकों ने छात्राओं की जांच की।

घटना सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग के सात सदस्यों के एक दल ने रविवार 16 फरवरी को छात्रावास में रहने वाली उन छात्राओं से मुलाकात की जिन्हें यह पता लगाने के लिए अंत:वस्त्र उतारने पर मजबूर किया गया था कि कहीं उन्हें माहवारी तो नहीं आ रही। इस संबंध में महिला आयोग ने लिखित आश्वासन की बात भी कही है कि आगे से कॉलेज में ऐसी कोई घटना नहीं होगी।

इससे पहले एक छात्रा ने मीडियाकर्मियों को बताया था कि यह घटना 11 फरवरी को एसएसजीआई परिसर में स्थित हॉस्टल में हुई थी। उसने आरोप लगाया कि करीब 60 छात्राओं को महिला कर्मचारी शौचालय ले गईं और वहां यह जांच करने के लिए उनके अंत:वस्त्र उतरवाए गए कि कहीं उन्हें माहवारी तो नहीं हो रही।

जांच के बाद विश्वविद्यालय की प्रभारी कुलपति दर्शना ढोलकिया ने कहा था कि लड़कियों की जांच की गई क्योंकि छात्रावास में माहवारी के दौरान लड़कियों के अन्य रहवासियों के साथ खाना न खाने का नियम है।

इस मामले पर एसएसजीआई की डीन दर्शना ढोलकिया ने कहा था कि मामला हॉस्टल से संबंधित है। इसका विश्वविद्यालय या कॉलेज से कोई लेना-देना नहीं है। सबकुछ लड़कियों की मर्जी से हुआ। किसी से भी जबरदस्ती नहीं की गई। किसी ने उन्हें नहीं छुआ। इसके बावजूद एक जांच टीम गठित की गई है जो मामले की जांच करेगी।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है और महिला पुलिस अधिकारियों को इसका सदस्य बनाया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Gujrat
Kutch
Bhuj
Principle
Rector
Anita Chauhan
Ramilaben Hirani
Naina Gorasia
Gujrat Education system
BJP

Related Stories

कर्नाटक पाठ्यपुस्तक संशोधन और कुवेम्पु के अपमान के विरोध में लेखकों का इस्तीफ़ा

अलविदा शहीद ए आज़म भगतसिंह! स्वागत डॉ हेडगेवार !

कर्नाटक: स्कूली किताबों में जोड़ा गया हेडगेवार का भाषण, भाजपा पर लगा शिक्षा के भगवाकरण का आरोप

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

उत्तराखंड : ज़रूरी सुविधाओं के अभाव में बंद होते सरकारी स्कूल, RTE क़ानून की आड़ में निजी स्कूलों का बढ़ता कारोबार 

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

नई शिक्षा नीति ‘वर्ण व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करती है' 

EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू

यूपी चुनाव: बदहाल शिक्षा क्षेत्र की वे ख़ामियां जिन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए लेकिन नहीं होती!


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई
    17 May 2022
    मुण्डका की फैक्ट्री में आगजनी में असमय मौत का शिकार बने अनेकों श्रमिकों के जिम्मेदार दिल्ली के श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर उनके इस्तीफ़े की माँग के साथ आज सुबह दिल्ली के ट्रैड यूनियन संगठनों…
  • रवि शंकर दुबे
    बढ़ती नफ़रत के बीच भाईचारे का स्तंभ 'लखनऊ का बड़ा मंगल'
    17 May 2022
    आज की तारीख़ में जब पूरा देश सांप्रादायिक हिंसा की आग में जल रहा है तो हर साल मनाया जाने वाला बड़ा मंगल लखनऊ की एक अलग ही छवि पेश करता है, जिसका अंदाज़ा आप इस पर्व के इतिहास को जानकर लगा सकते हैं।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी : 10 लाख मनरेगा श्रमिकों को तीन-चार महीने से नहीं मिली मज़दूरी!
    17 May 2022
    यूपी में मनरेगा में सौ दिन काम करने के बाद भी श्रमिकों को तीन-चार महीने से मज़दूरी नहीं मिली है जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • सोन्या एंजेलिका डेन
    माहवारी अवकाश : वरदान या अभिशाप?
    17 May 2022
    स्पेन पहला यूरोपीय देश बन सकता है जो गंभीर माहवारी से निपटने के लिए विशेष अवकाश की घोषणा कर सकता है। जिन जगहों पर पहले ही इस तरह की छुट्टियां दी जा रही हैं, वहां महिलाओं का कहना है कि इनसे मदद मिलती…
  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: बोर्ड एग्जाम की 70 कॉपी प्रतिदिन चेक करने का आदेश, अध्यापकों ने किया विरोध
    17 May 2022
    कॉपी जांच कर रहे शिक्षकों व उनके संगठनों ने, जैक के इस नए फ़रमान को तुगलकी फ़ैसला करार देकर इसके खिलाफ़ पूरे राज्य में विरोध का मोर्चा खोल रखा है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License