NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गुलनाज हत्याकांडः माकपा कार्यकर्ताओं ने नीतीश का पुतला फूंका, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की
युवती की मौत के बाद पूरे बिहार में इस घटना को लेकर लोगों ने विरोध किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Nov 2020
गुलनाज हत्याकांड

बिहार के वैशाली ज़िला निवासी गुलनाज की नृशंस हत्या को लेकर बुधवार को सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने हाजीपुर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका और सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की।

रिपोर्ट के अनुसार 30 अक्टूबर को गुलनाज ने जब छेड़खानी का विरोध किया तो बदमाशों ने उसके शरीर पर किरोसिन छिड़ककर आग लगा दिया। घायल अवस्था में पीड़िता को हाजीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन स्थिति गंभीर होने के चलते उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जिंदगी मौत से जूझ रही गुलनाज की मौत 14-15 नवंबर की रात इलाज के दौरान पीएमसीएच में हो गई। युवती की मौत के बाद पूरे बिहार में इस घटना को लेकर लोगों ने विरोध किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

हाजीपुर के गांधी चौक पर प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय जनवादी महिला की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामपरी देवी ने कहा कि सरकार सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करे और गुलनाज की मां को 20 लाख रुपये के मुआवज़े के साथ सरकारी नौकरी दे। उन्होंने मांग की कि सरकार पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करे साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करे। रामपरी ने कहा कि गुलनाज का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और दोषियों को फांसी की सज़ा दी जाए। उन्होंने नीतीश कुमार से कुर्सी छोड़ने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान सीपीआईएम के नेता राजनारायण सिंह समेत अन्य नेता शामिल थें। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नीतीश सरकार से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की और कहा कि उनकी मांगों को यदि पूरा नहीं किया जाता है कि वे सड़क से लेकर विधानसभा तक लगातार संघर्ष जारी रखेंगे।

Bihar
Gulnaz murder case
CPI(M)
Nitish Kumar
Bihar government

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान


बाकी खबरें

  • UNEMPLOYMENT
    सुबोध वर्मा
    बिना रोज़गार और आमदनी के ज़िंदा रहने को मजबूर कई परिवार
    03 Jan 2022
    नवीनतम सीएमआईई आंकड़ों से पता चलता है कि काम करने वाले दो सदस्यों वाले परिवारों की हिस्सेदारी में भारी गिरावट आई है। इसका मतलब है कि लोग बहुत कम आय पर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
  • Chunav Chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: आधी आबादी के सवाल; उज्ज्वला से आगे जहां और भी हैं...
    02 Jan 2022
    चुनाव चक्र के इस एपिसोड में हम बात करेंगे आधी आबादी यानी महिलाओं की। हमारे साथ हैं दो मेहमान लखनऊ से मधु गर्ग और इलाहाबाद से कुमुदिनी पति जो लंबे समय से महिलाओं के मुद्दे पर उनके बीच काम कर रही हैं।…
  • allahabadi
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : अकबर 'इलाहाबादी' की एक ग़ज़ल
    02 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश सरकार ने भले ही अकबर इलाहाबादी को 'प्रयागराजी' बता दिया हो, मगर उनके मुरीदों के लिए अकबर आज भी इलाहाबादी ही हैं। आज इतवार की कविता में पढ़िए उनकी एक ग़ज़ल।
  • Dharm Sansad
    न्यूज़क्लिक टीम
    धर्म संसद का लक्ष्य है समाज में विभाजन करना
    02 Jan 2022
    हाल ही में हरिद्वार और रायपुर में हुए धर्म संसदों ने देश में फिर एक बार सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक देश में सांप्रदायिकता का यह ज़हर फैलाया जाता रहेगा और सरकार इस पर कुछ नहीं बोलेगी। इन्ही सब…
  • protest
    अनिल सिन्हा
    फ़ासीवाद से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म को एक सांस्कृतिक आंदोलन चाहिए
    02 Jan 2022
    यह समझना जरूरी है कि संघ परिवार और भाजपा की सत्ता-कामना सिर्फ मुस्लिम-विद्वेष पर आधारित नहीं है, यह हिंदू धर्म को पीछे ले जाने के लक्ष्य से भी संचालित है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License